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Amit Shah Assam Visit: Amit Shah roared against the infiltrators in Assam, lashed out at the Congress!
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Amit Shah Assam Visit: असम में घुसपैठियों के खिलाफ गरजे अमित शाह , गरमाया चुनावी माहौल!
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: भास्कर तिवारी Updated Sat, 31 Jan 2026 04:30 AM IST
असम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घुसपैठियों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्टी पर तीखे शब्दों में हमला बोला है और आगामी असम विधानसभा चुनाव के सन्दर्भ में अपनी पार्टी की रणनीति को स्पष्ट रूप से पुख्ता किया है। उन्होंने राज्य के कई हिस्सों में जनसभाओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि असम की जनसांख्यिकीय संरचना में बदलाव कांग्रेस शासन के दौरान हुआ, जहां 20 साल तक उनके शासन के दौरान घुसपैठियों की संख्या शून्य से बढ़कर 64 लाख तक पहुँच गई थी, और कुछ जिलों में इनकी संख्या अब स्थानीय आबादी के बराबर या उससे अधिक हो गई है। अमित शाह ने कहा कि यह बदलाव कांग्रेस की “वोट बैंक” राजनीति का नतीजा है, जिसने अवैध प्रवासियों को रुकने और वोट डालने का प्रोत्साहन दिया, जिससे असम की मूल संस्कृति, पहचान और संसाधनों पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने दावा किया कि केवल भाजपा ही इस प्रवासन को रोक सकती है और यदि भाजपा को अगली बार फिर सत्ता में लाया गया, तो वे “घुसपैठियों को पहचान कर एक-एक कर वापस भेजेंगे”, जिससे राज्य को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सकेगा।
अमित शाह ने अपने भाषण में भाजपा की नीतियों और सरकार की उपलब्धियों का भी हवाला दिया, यह दावा करते हुए कि बीते दशक में भाजपा शासन में असम में घुसपैठ रोकने में सफलता मिली है और भाजपा सरकार ने 1.26 लाख एकड़ भूमि को अवैध कब्जाधारियों से मुक्त कराया है, जबकि कांग्रेस शासन के दौरान यह समस्या अनियंत्रित रही। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे भाजपा को तीसरी बार सत्ता में लाएं, ताकि असम को घुसपैठियों से मुक्त कराने का काम जारी रह सके और राज्य की शांति तथा विकास सुनिश्चित हो सके।
सरकार की नीतियों और कांग्रेस पर आरोपों के अलावा, अमित शाह ने कुछ सांस्कृतिक मुद्दों को भी छुआ, जैसे राहुल गांधी द्वारा पारंपरिक गमोसा न पहनने के मामले को उठाकर कांग्रेस को असमिया पहचान का सम्मान न करने का दोषी ठहराया, जिससे चुनावी माहौल और गरमा गया। उन्होंने असम तथा पूर्वोत्तर के लोगों की संस्कृति और भावनाओं को सम्मान देने के अपने एजेंडे को जोर देते हुए कहा कि भाजपा ही इस क्षेत्र के आत्मिक एवं सामाजिक हितों की रक्षा कर सकती है।
कांग्रेस ने भी अमित शाह के बयान पर पलटवार किया है और आरोपों को राजनीतिक तौर पर चुनौती दी है, सरकार को पूर्वोत्तर के लोगों को “राजनीतिक रूप से अनाथ” छोड़ देने का आरोप लगाया है, जो बंगाल और अन्य राज्यों के संदर्भ में विवाद का विषय बना हुआ है। कुल मिलाकर अमित शाह का यह रुख बताता है कि असम में घुसपैठ का मुद्दा भाजपा की चुनावी रणनीति का एक प्रमुख केंद्र बिंदु है, जिसमें वे कांग्रेस की नीतियों की निंदा करते हुए अपने सुरक्षा-प्रधान एजेंडे को उभारने की कोशिश कर रहे हैं।
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