Vice Presidential Election: उपराष्ट्रपति पद के लिए 17 अगस्त को BJP की बैठक, NDA उम्मीदवार के नाम पर होगा फैसला
जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद उपराष्ट्रपति पद को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि सत्तारूढ़ गठबंधन एनडीए जल्द ही अपने उम्मीदवार के नाम का एलान कर सकती है। इसके लिए 17 अगस्त को भाजपा की संसदीय बोर्ड की बैठक भी होने वाली है।पीएम मोदी और जेपी नड्डा को चयन का अधिकार दिया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जगदीप धनखड़ उप राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद देशभर में इस बात को लेकर चर्चा तेज है आखिर भारत का अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा? इसके लिए आने वाले नौ सितंबर को चुनाव भी होने है। ऐसे में सूत्रों की माने तो उपराष्ट्रपति पद के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) जल्द ही अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर सकता है। इसको लेकर भाजपा की संसदीय बोर्ड की बैठक 17 अगस्त को होने की संभावना है, जिसमें उम्मीदवार के नाम को अंतिम रूप दिया जाएगा।
ये भी पढ़ें:- Congress Vs BJP: '1 लाख करोड़ रुपये का जुमला - सीजन 2', पीएम मोदी की नई रोजगार योजना पर राहुल गांधी का तंज
पीएम नरेंद्र मोदी और जेपी नड्डा को मिला है उम्मीदवार चुनने का अधिकार
एनडीए के गठबंधन दलों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को उप राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार चुनने का अधिकार दिया है। उप-राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 21 अगस्त है। सूत्रों के अनुसार, एनडीए के उम्मीदवार के नामांकन के दौरान प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे।
ये भी पढ़ें:- Congress: गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष का आरोप गुजरात में लाखों फर्जी वोटर, चुनाव आयोग पर दबाव में काम करने का दावा
एनडीए दलों की बैठक भी होने की संभावना
बता दें कि संसद का मानसून सत्र 18 अगस्त से फिर शुरू हो रहा है। ऐसे में नामांकन से पहले एनडीए के सांसदों और सहयोगी दलों की बैठक भी हो सकती है। एनडीए के सांसद उम्मीदवार के समर्थन में कई सेट में नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। अगर विपक्ष भी अपना उम्मीदवार उतारता है, तो नौ सितंबर को चुनाव होगा। दिलचस्प बात ये है कि एनडीए को लोकसभा और राज्यसभा के कुल सांसदों वाले इलेक्टोरल कॉलेज में स्पष्ट बहुमत हासिल है, ऐसे में उसके उम्मीदवार की जीत तय मानी जा रही है।