फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Vinod Tawde and BJP politics in UP Questions being raised Gen-Z and internal party sabotage major concerns

विनोद तावड़े: अभी UP पहुंचे भी नहीं, सवाल तैयार होने लगे; प्रश्नावली में जेन-जी व भाजपा में भितरघात बड़ी चिंता

Thu, 20 Aug 2026 05:51 AM IST
Rajkishor राजकिशोर
Updated Thu, 20 Aug 2026 05:51 AM IST
सार

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम के एलान के बाद से नजरें उत्तर प्रदेश पर हैं। विनोद तावड़े को अहम जिम्मा मिला है। उनके राजधानी लखनऊ पहुंचने से पहले ही कई सवालों की सूची तैयार होने लगी है। पार्टी की सबसे बड़ी चिंता जेन-जी का मिजाज और दल में भितरघात है। पढ़िए ये रिपोर्ट

विज्ञापन
Vinod Tawde and BJP politics in UP Questions being raised Gen-Z and internal party sabotage major concerns
विनोद तावड़े बनाए गए यूपी भाजपा प्रभारी - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

विनोद तावड़े अभी लखनऊ पहुंचे भी नहीं हैं। दिल्ली में उनकी प्रश्नावली तैयार होने लगी है। और उसका सबसे तीखा सवाल विपक्ष के बारे में नहीं है। वह अपने ही लोगों के बारे में है। चुनाव के वक्त भीतर से चोट कहां लग सकती है? भितरघात का यही डर नए प्रदेश प्रभारी की पहली कवायद के केंद्र में है।

विज्ञापन


करीब 300 नेताओं से एक-एक कर बातचीत होगी। हर मुलाकात 15 से 30 मिनट की। असली कहानी बातचीत में नहीं, उन सवालों में है जो तावड़े सामने रखेंगे। इस कवायद का घोषित भाव संवाद, समन्वय और सहयोग है, लेकिन सवालों से साफ है कि पार्टी पहले यह जानना चाहती है कि भीतर सब ठीक है या नहीं। प्रश्नावलियां घर भेजकर नहीं भरवाई जाएंगी। तावड़े अपने सामने ही जवाब भरवाएंगे। यानी जवाब पहले आपस में तय कर आने के बजाय सीधे सामने से लिए जाएंगे। सूची में जिलाध्यक्ष, जिला संगठन मंत्री और महामंत्री हैं। साथ में वे नेता भी हैं जो पिछली बार टिकट की दौड़ में थे और रह गए। हारी हुई सीटों की अलग पड़ताल होगी। जहां दो-तीन दावेदार आमने-सामने थे, वहां और बारीकी से।
विज्ञापन


सरकार- संगठन का तालमेल
सवाल सीधा है। टिकट की पुरानी नाराजगी ठंडी पड़ी या अब भी जिंदा है? ब्लॉक से जिले तक के झगड़े, विधायक और संगठन के रिश्ते, सरकार और संगठन का तालमेल सब दायरे में हैं। भाजपा सत्ता में है। इसलिए यह महज संगठनात्मक असहमति का सवाल नहीं है। दो कार्यकाल के बाद बनी छोटी दरारें मतदान केंद्र पर बड़ा फर्क डाल सकती हैं। विपक्ष से मुकाबला बाहर होता है, भितरघात का नुकसान भीतर होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हरियाणा-बिहार का अनुभव
तावड़े के पास उत्तर प्रदेश में न सरकार में कोई पद है, न प्रदेश संगठन में। वह राज्यसभा सदस्य और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम में महामंत्री बनते ही उन्हें यूपी का प्रभार मिला है। सह प्रभारी राष्ट्रीय मंत्री जगदीश ईश्वरभाई पटेल हैं। यानी वे प्रदेश इकाई के अंग नहीं, आलाकमान के प्रतिनिधि हैं। जवाब उन्हें प्रदेश नेतृत्व को नहीं देना है। संगठन की भाषा में यह पद है, राजनीति की भाषा में इसका वजन है। तावड़े इससे पहले हरियाणा और बिहार का प्रभार संभाल चुके हैं।

जेन जी के मिजाज पर सवाल
प्रश्नावली में युवाओं और खासकर जेन जी के मिजाज पर सवाल हैं। रोजगार कैसा है? प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर माहौल क्या है? युवा किस बात पर नाराज है? 2027 में निर्णायक वोट उस पीढ़ी का होगा, जिसकी राजनीतिक बेचैनी सिर्फ जाति और पुरानी दलीय पहचान से नहीं पढ़ी जा सकती। नौकरी, परीक्षा, अवसर और सोशल मीडिया उसके मूड को प्रभावित कर रहे हैं। भाजपा इस बदलते मूड को अपने आंतरिक आकलन में पढ़ना चाहती है।


योगी मजबूत, फिर भी ग्राउंड आडिट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता भाजपा की सबसे बड़ी ताकत है। इसके बावजूद तावड़े का पहला काम विपक्ष की रैलियां गिनना नहीं, अपने लोगों को सुनना है। 2024 बता चुका है कि मजबूत सरकार और मजबूत चेहरे के बावजूद स्थानीय समीकरण पलट सकते हैं। इसलिए नेताओं से यह बातचीत सामान्य समीक्षा नहीं है। यह 2027 से पहले भाजपा का अपना मूड टेस्ट है। और इसमें दो जवाब सबसे ज्यादा मायने रखेंगे। बाहर नई पीढ़ी क्या चाहती है और भीतर का पुराना असंतोष चुनाव के दिन किस तरफ जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed