सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Water Contamination These Indian cities have toxic water from indore Sonipat Gandhinagar bengaluru Kashipur

Water Contamination: भारत के इन शहरों में पानी हुआ जहरीला; सबसे साफ शहर से लेकर 'सिलिकॉन वैली' तक शिकार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देवेश त्रिपाठी Updated Thu, 08 Jan 2026 04:06 PM IST
विज्ञापन
सार

दूषित पानी की समस्या केवल इंदौर के भागीरथपुरा इलाके तक सीमित नहीं है। उज्जैन, भोपाल, गांधीनगर, नोएडा, लखनऊ, काशीपुर, ऊधमसिंह नगर, सोनीपत और बंगलूरू जैसे शहरों में भी दूषित पानी से लोग बीमार हो रहे हैं। कहीं सीवेज पानी पेयजल की लाइन में मिल रहा है तो कहीं पुरानी पाइपलाइन और लीकेज बड़ी वजह बन रही है।

Water Contamination These Indian cities have toxic water from indore Sonipat Gandhinagar bengaluru Kashipur
देश के इन शहरों में सामने आए दूषित पानी के मामले - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

भारत सरकार के जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। अक्टूबर 2025 तक करीब 15.72 करोड़ परिवारों तक नल से जल पहुंचाया जा चुका है। इन सबके बीच देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के कारण हुईं 20 मौतों के मामले ने सबको हिलाकर रख दिया है। 

Trending Videos


चौंकाने वाली बात ये है कि दूषित पानी का ये मामला सिर्फ इंदौर तक सीमित नहीं है। देश के कई शहरों में दूषित पानी के मामले सामने आ रहे हैं। भ्रष्टाचार से लेकर प्रशासनिक लापरवाही के चरम ने इन मामलों को सुर्खियों में ला दिया है। आइए ऐसे ही मामलों पर डालते हैं एक नजर...
विज्ञापन
विज्ञापन


देश के सबसे साफ शहर इंदौर में क्या हुआ?
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी ने 20 जिंदगियां छीन ली। राज्य सरकार ने हाई कोर्ट में प्रस्तुत रिपोर्ट में केवल चार मौतों की जानकारी दी है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने 6 मौतों की जानकारी अपनी रिपोर्ट में दी है। भागीरथपुरा में दूषित पेयजल की आपूर्ति से हजारों लोग प्रभावित हुए। भागीरथपुरा पुलिस चौकी के पास बने एक सार्वजनिक शौचालय के नीचे मुख्य पेयजल पाइपलाइन में लीकेज था। शौचालय का गंदा पानी (सीवेज) सीधे पाइपलाइन में मिल रहा था। 

ये भी पढ़ें: MP News: इंदौर में दूषित पानी से 20 मौतें, सीएम बोले-हम आंकड़ों में नहीं उलझेंगे, एक मौत भी हमारे लिए कष्टदायक

महाकाल की नगरी उज्जैन में क्या हुआ?
उज्जैन के वार्ड क्रमांक 34 स्थित जयसिंहपुरा इलाके के भगत सिंह मार्ग की एक कॉलोनी के रहवासी बीते दो महीने से नलों से आ रहे नाली जैसे काले और दूषित पानी को पीने को मजबूर हैं। इससे करीब 265 परिवारों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक मूकदर्शक बने हुए हैं।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में क्या दिक्कत?
भोपाल नगर निगम की ताजा जांच में शहर के चार पानी के सैंपल फेल पाए गए हैं। इनमें से तीन स्थानों पर खतरनाक ई-कोलाई बैक्टीरिया मिला है। रिपोर्ट सामने आते ही नगर निगम हरकत में आया और प्रभावित इलाकों में भूगर्भ जल के उपयोग पर तत्काल रोक लगाने की सलाह जारी की गई। अधिकारियों ने संबंधित क्षेत्रों के रहवासियों को ग्राउंड वाटर का इस्तेमाल न करने के निर्देश दिए।

गुजरात की राजधानी गांधी नगर में क्या समस्या?
गांधीनगर में टाइफाइड के मामलों में अचानक बढ़ोतरी से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। बीते तीन दिनों में 100 से अधिक लोग, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हैं, गांधीनगर सिविल अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। सिविल अस्पताल की मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. मीता पारिख ने बताया कि सेक्टर-24, 25, 26, 28 और आदिवाड़ा इलाके से मरीज सामने आए हैं। इन क्षेत्रों से लिए गए पानी के नमूनों की जांच में पीने का पानी सुरक्षित नहीं पाया गया। आशंका जताई जा रही है कि दूषित पानी के कारण टाइफाइड फैला है।

दिल्ली से सटे नोएडा में क्या हुआ?
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर डेल्टा-एक में दूषित पानी की सप्लाई का इस्तेमाल करने से बीमार हुए लोगों के इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डाढ़ा के डॉक्टरों की टीम पहुंची। सेक्टर में डॉक्टरों को दिखाने के लिए 30 से अधिक लोग पहुंचे। जहां टीम को सात से आठ लोग उल्टी व दस्त से पीड़ित मिले।

ये भी पढ़ें: Ujjain: नरक बनी ये कॉलोनी, दो माह से नाली का दूषित पानी पीने को मजबूर 265 परिवार, गहरी नींद में सोया निगम

देश के सबसे बड़े राज्य की राजधानी लखनऊ में क्या हुआ?
गोमती नदी की अपस्ट्रीम से जहां से ऐशबाग और बालागंज जलकल के लिए कच्चा पानी लिया जाता है, उससे थोड़ा पहले ही सीवर व नाले का गंदा पानी नदी में सीधे मिल रहा है। यहां पर जल निगम का जो सीवेज पंपिंग स्टेशन बना है उसकी क्षमता कम है, जबकि वहां पर सीवर व नाले का पानी अधिक आ रहा है।

काशीपुर में क्या हुआ?
काशीपुर शहर के आठ मोहल्लों में दूषित पानी की सप्लाई की शिकायतें जल संस्थान के पास आ रही हैं। यहां दशकों पुरानी पाइप लाइन पड़ी होने से कई बार लीकेज की समस्या बन रही है। इसके चलते कई बार नलों से दूषित पानी घरों में आने लगता है जिससे इन क्षेत्रों में रहने वाले लोग पेट से संबंधित रोगों की चपेट में आ रहे हैं।

ऊधमसिंह नगर का क्या हाल?
खटीमा के वार्ड नंबर 14 में पिछले कई दिनों से नलों में गंदा पानी आ रहा है, इसके विरोध में मंगलवार सुबह वार्ड वासियों ने जल संस्थान कार्यालय में प्रदर्शन किया । उन्होंने कहा कि नलों में गंदा पानी आने के कारण पीने के लिए वह खरीदकर या दूसरे स्थान से पानी ला रहे हैं।

सोनीपत में दूषित पानी पीने को मजबूर लोग
गांव जाजल के पास यमुना से शहर में आ रही रेनीवाल लाइन सेक्टर-3 के पास लीक हो रही है। शहर के पश्चिमी क्षेत्र की लहराड़ा, कालूपुर, भगत सिंह कॉलोनी और इंद्रा कॉलोनी में दूषित पेयजल की आपूर्ति हो रही है। इससे 10 हजार से ज्यादा लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

आधुनिक शहरों में शामिल बंगलूरू में क्या हुआ?
बंगलूरू के लिंगराजपुरम में एक 40 साल पुरानी पानी की पाइपलाइन में एक घर से सीवेज लीकेज की जानकारी सामने आई। बंगलूरू जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड के रोबोटिक सर्वे में ये खुलासा हुआ। इलाके के 30 घरों को घर के पानी का इस्तेमाल करने से मना किया गया है।

संबंधित वीडियो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed