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दुबई में कैसा चल रहा है जन-जीवन?: सुरक्षित जीवन को घेर रहा है असुरक्षा का भाव; कारोबार, शिपिंग सब ठप
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सार
ईरान-इस्राइल युद्ध में लगभग सभी खाड़ी देशों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। दुनिया का सबसे सुरक्षित शहर माना जाने वाला दुबई ईरानी हमलों की जद में है। शहर में रह रहे लोगों में इन दिनों भारी असुरक्षा की भावना है।
दुबई में जनजीवन प्रभावित।
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
दुबई में ईरान के हमले का खौफ है, लेकिन सभी सुरक्षित हैं। लोग सुरक्षित होकर भी असुरक्षा के भाव में जी रहे हैं। दुबई से आज दिल्ली पहुंचे आर. मेनन ने कहा कि चिंताएं बहुत हैं, लेकिन उम्मीद भी कि सब जल्द ठीक होगा। मेनन इस बारे में बहुत नहीं बोलना चाहते।
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मल्टीनेशनल कंपनी के बड़े अधिकारी मेनन कहते हैं कि मनाइए जल्द विश्व शांति को ओर बढ़े। कोई आर्थिक मंदी न आए। एक अन्य यात्री ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि सऊदी अरब में सबकुछ ठीक है और सबकुछ ठीक नहीं भी है। वह कहते हैं कि लौटकर अभी दुबई जाना है। इसलिए ज्यादा बोलना ठीक नहीं है। 28 फरवरी के बाद से इन दिनों तो काफी कुछ फ्री है। सूत्र का कहना है कि कारोबार और व्यापार की गाड़ी ठप है। रेस्त्रां से लेकर हर जगह पहले की तरह रौनक नहीं है। एक डर सताता है कि न जाने कहां आकर कोई मिसाइल या ड्रोन धमाका हो जाए। सूत्र का कहना है कि वह 1998 में दुबई में हैं। अंतरराष्ट्रीय पयर्टकों की दुबई में हमेशा अच्छी खासी संख्या रहती थी। पर्यटन से जुड़े कारोबार खूब फल फूल रहे थे, लेकिन ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल की लड़ाई शुरू होने के बाद इस क्षेत्र में स्यापा है।
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बताते हैं जिन यात्रियों ने विमान की टिकट ले रखी है और उनके हवाई जहाज की उड़ान निलंबित है, उनके ठहरने, खाने का खर्च सरकार उठा रही है। दुबई, अबूधाबी के हवाई अड्डों पर फंसे यात्रियों को मुफ्त भोजन, नाश्ता दिया जा रहा है। एमिरेट्स और इतिहाद जैसी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने रद्द हो चुकी उड़ानों को फ्लाइट के री शेड्यूल होने के बाद पुना: टिकट की बुकिंग को मुफ्त कर दिया है। इतना ही नहीं जो यात्री अपना पैसा चाहते हैं, उन्हें पूरा भुगतान किया जा रहा है। एक अनुमान के मुताबिक एमिरेट्स एयरलाइन का रोजाना का नुकसान 100 मीलियन डालर से अधिक का हो रहा है।
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पर्यटक नदारद, 90 प्रतिशत तक की गिरावट
शाहिद दुबई में हैं। बताते हैं कि दुबई के पर्यटन के लिए मशहूर सभी जगहों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। ताकि पर्यटकों या वहां जाने वालों को कोई परेशानी न हो। घूमना, खाना, पर्यटन स्थल पर जाना मुफ्त है। बताते हैं दुबई दुनिया के पर्यटन का केन्द्र बन चुका है। लेकिन नए पर्यटक नहीं आ रहे हैं। मार्च 2026 में इस कारोबार में 80-90 प्रतिशत तक गिरावट देखी जा रही है। इसलिए सरकार इस दर्जे को बनाए रखना चाहती है। ताकि लोगों को भविष्य में भी दुबई निवेश का मुख्य आकर्षण लगे। शाहिद कहते हैं कि इस समय लोगों में थोड़ी घबराहट है। ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल के युद्ध के बाद कुछ सेक्टर में लोग अपने कारोबार को समेटने में लगे हैं। सरकार भी इसको लेकर चिंतति है और निवेशकों का आकर्षण बनाए रखने की हर संभव कोशिश कर रही है। के. डालाकोटी का परिवार वहां रीअल स्टेट के कारोबार से जुड़ा है। उन्हें दुबई में इस तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के कुछ समय तक जारी रहने के बाद रीअल स्टेट में बड़ा झटका लगने की संभावना दिखाई दे रही है। इसके अलावा टैक्सी और यातायात से जुड़े कारोबार को भी बड़ा झटका लग सकता है।
सुरक्षित स्थान पर निवेशक के जाने का खतरा
अनुराग अग्निहोत्री दुबई में निवेश सलाहकार हैं। वह बीबी बच्चों को छोड़कर जरूरी काम से आए हैं। 21 तारीख को उनकी वापस लौटने की योजना है। अनुराग कहते हैं कि निवेश के लिहाज से दुबई को सुरक्षित माना जाता है। लेकिन वह यह नहीं कह सकते कि यह जंग इसे कितना प्रभावित करेगी। बताते हैं दुबई के वित्तीय बाजार में आशंका है। लोगों को लग रहा है कि यदि लड़ाई लंबी खिंची तो निवेशक अपनी पूंजी को दुबई से स्थानांतरित कर सकते हैं। अभी से निवेशकों ने इसके लिए सिंगापुर को उपयुक्त समझना आरंभ कर दिया है। बताते हैं माल ढुलाई समेत अन्य में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। इसके अलावा स्टेट ऑफ हार्मुज के बंद होने का काफी विपरीत असर पड़ रहा है। माना यह जा रहा है कि जंग इसी तरह से चलती रही तो 1990 के दशक से बड़ी गिरावट देखने में आ सकती है।
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