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Bengal: बंगाल में SIR सुनवाई शिविरों पर प्रदर्शन और तोड़फोड़, चुनाव आयोग की सख्ती; FIR दर्ज करने के दिए आदेश

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: शुभम कुमार Updated Fri, 23 Jan 2026 11:19 PM IST
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सार

पश्चिम बंगाल में तार्किक विसंगति के मुद्दे पर SIR सुनवाई शिविरों के सामने प्रदर्शन और कुछ जगहों पर तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद चुनाव आयोग ने सख्त निर्देश दिए है। आयोग ने जिला चुनाव अधिकारियों को तुरंत FIR दर्ज करने और CEO कार्यालय को सूचना भेजने को कहा है।

West Bengal EC asks DEOs to take steps for filing FIRs for breach in law and order before SIR hearing camps
भारतीय चुनाव आयोग - फोटो : ANI
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पश्चिम बंगाल में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव और फिर राज्य में जारी मतदाता सूची के विशेष गहण पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सियासत तेज है। राजनीतिक पार्टियो के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी सातवें आसमान पर है। ऐसे में अब बंगाल में तार्किक विसंगति के मुद्दे पर एसआईआर सुनवाई शिविरों के सामने प्रदर्शन और कुछ जगहों पर तोड़फोड़ की घटना सामने आई। इन घटनाओं के बाद चुनाव आयोग एक्शन में आता हुआ नजर आ रहा है। 

आयोग ने जिला मजिस्ट्रेट और जिला चुनाव अधिकारियों को तुरंत एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। इसके बाद दर्ज एफआईआर की कॉपी मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय को भी भेजी जाएगी।सूचना में कहा गया कि फरक्का में एसआईआर शिविरों की तोड़फोड़ और भंगड़ार सहित अन्य जगहों पर प्रदर्शन की घटनाओं के बाद यह कदम उठाया गया है।

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चुनाव आयोग की सख्ती
बता दें कि यह निर्देश सुप्रीम कोर्ट के 19 जनवरी के आदेश के अनुसार तुरंत लागू किया जाना है। मामले में चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी सुनवाई स्थल या सरकारी दफ्तर में हिंसा, तोड़फोड़ या अधिकारियों/कर्मचारियों पर हमला होता है, तो जिला चुनाव अधिकारी तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करें। साथ ही इसकी सूचना सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस और सीईओ कार्यालय को भी भेजी जाए।

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इतना ही नहीं यदि हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति की तोड़फोड़ जारी रहती है, तो ऐसी सुनवाई सीईओ की अनुमति के बिना स्थगित की जाएगी। सीईओ के कार्यालय ने यह भी कहा कि एफआईआर दर्ज करने में किसी भी प्रकार की देरी गंभीर रूप से देखी जाएगी और संबंधित डीईओ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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