Politics: 'राहुल गांधी-कांग्रेस को राजनीति से हटाने का समय आ गया', लोकसभा स्पीकर के खिलाफ नोटिस पर BJP का वार
लोकसभा में विपक्ष का ओम बिरला हटाने का नोटिस हंगामे का कारण बना। भाजपा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे संवैधानिक पदों पर दबाव डाल रहे हैं। भाजपा का कहना है कि अब समय आ गया है कि राहुल गांधी और कांग्रेस को राजनीति से महाभियोग लगाकर हटाया जाए।
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लोकसभा में मंगलवार का दिन भी हंगामे से भरा-पूरा रहा। इसका सबसे बड़ा कारण था विपक्ष का वो नोटिस बना, जिसमें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव लाने की मांग की गई। इसके बाद भाजपा ने इस नोटिस को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी और कांग्रेस की यह हरकत केवल राजनीतिक स्वार्थ और सत्तारूढ़ पार्टियों पर दबाव बनाने की कोशिश है। पार्टी का कहना है कि अब समय आ गया है जब कांग्रेस और राहुल गांधी को राजनीति से महाभियोग लगाकर हटाने पर विचार किया जाना चाहिए।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि जिन लोगों की सोंच में ही महाभियोग लग चुका है। वही भारत के संवैधानिक पदों को हटाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी, अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस के इशारे पर, भाजपा के सत्ता में आने के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कर रहे हैं।
पूरा देश देख रहा है कांग्रेस और राहुल का व्यवहार- पात्रा
प्रेस वार्ता में भाजपा सांसद संबित पात्रा ने आगे कहा कि पूरा देश देख रहा है कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी का लोकसभा में व्यवहार कैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी के इशारे पर विपक्ष ने प्रधानमंत्री के आसन को घेरने का प्रयास किया, ताकि उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सके। पात्रा ने कहा कि ऐसी सोच क्या है? अब पूरा देश इस पर सोचेगा। समय आ गया है कि भारत को राहुल गांधी और कांग्रेस को राजनीति से महाभियोग लगातार हटा देना चाहिए।
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विपक्ष के नोटिस को समझिए
बता दें कि विपक्ष ने यह नोटिस इसलिए दिया था क्योंकि लोकसभा में राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने से रोका गया, साथ ही आठ सांसदों को निलंबित किया गया। कांग्रेस सांसद और चीफ व्हिप के सुरेश ने कई विपक्षी दलों की तरफ से नोटिस लोकसभा सचिवालय में जमा किया। इसमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और डीएमके शामिल थे। हालांकि, टीएमसी के सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए।
पश्चिम बंगाल एसआईआर को लेकर भी बोले पात्रा
संबित पात्रा ने एसआईआर को लेकर बंगाल सरकार और कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा सांसद ने कहा कि पहले कांग्रेस और अब ममता बनर्जी ने एसआईआर को फर्जी बताने का नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह दिखाने की कोशिश की गई कि एसआईआर जनता के हित में नहीं है, जबकि सच्चाई इसके उलट है। सांसद ने बताया कि बीते सप्ताह ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दावा किया था कि एसआईआर के जरिए बंगाल में लोगों पर अत्याचार हो रहा है और इसे तुरंत रद्द किया जाना चाहिए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट का फैसला ममता बनर्जी और उनकी सरकार के लिए करारा झटका साबित हुआ।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला
पात्रा ने कहा कि अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि एसआईआर को रोका नहीं जाएगा और सभी राज्य यह बात समझ लें। भाजपा सांसद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से यह साफ हो गया है कि एसआईआर कानून के दायरे में और देशहित में है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अब सच्चाई सबके सामने आ चुकी है।
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माइक्रो-ऑब्जर्वर्स को लेकर भी बोले पात्रा
इसके साथ ही संबित पात्रा ने माइक्रो-ऑब्जर्वर्स और इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (EROs) के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि उनके पास पर्याप्त अधिकारी नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 8,505 ग्रुप बी अधिकारी आज शाम 5 बजे तक अपने जिला मजिस्ट्रेट से जुड़ेंगे और ड्यूटी शुरू करेंगे। इसके साथ ही संबित पात्रा ने चेताया कि अगर चुनाव आयोग को लगे कि ये अधिकारी डर, दबाव या अयोग्यता के तहत काम कर रहे हैं, तो आयोग सीधे सख्त कार्रवाई कर सकता है।
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