{"_id":"6a06d19cb88b803edc07eee0","slug":"west-bengal-tmc-remove-kakli-ghosh-dastidar-from-chief-whip-appoint-kalyan-banerjee-2026-05-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"TMC: 'चार दशक की निष्ठा का यही इनाम मिला', सचेतक पद से हटाने पर तृणमूल सांसद काकली घोष ने जताई नाराजगी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
TMC: 'चार दशक की निष्ठा का यही इनाम मिला', सचेतक पद से हटाने पर तृणमूल सांसद काकली घोष ने जताई नाराजगी
विज्ञापन
सार
बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद पार्टी के भीतर विरोध के स्वर उभर रहे हैं। अब टीएमसी सांसद काकोली घोष ने पार्टी के मुख्य सचेतक पद से हटाए जाने के बाद खुले तौर पर नाराजगी जाहिर की है।
काकोली घोष दस्तीदार
- फोटो : फेसबुक/काकोली घोष
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस की संसदीय दल की मुख्य सचेतक पद से हटाए जाने के बाद बारासात की सांसद काकली घोष दस्तिदार ने पहली बार सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर की है। तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी द्वारा श्रीरामपुर के सांसद कल्याण बनर्जी को फिर से मुख्य सचेतक बनाए जाने के फैसले के बाद काकली ने सोशल मीडिया पर एक भावनात्मक पोस्ट साझा कर अपनी पीड़ा व्यक्त की। काकली ने लिखा, 1976 से परिचय और 1984 से राजनीतिक सफर शुरू हुआ। चार दशक की निष्ठा का आज पुरस्कार मिला। उनके इस पोस्ट को पार्टी नेतृत्व के फैसले पर अप्रत्यक्ष असंतोष के रूप में देखा जा रहा है। काकली और ममता बनर्जी की राजनीतिक पहचान छात्र राजनीति के दौर से रही है। उस समय काकली कोलकाता मेडिकल कॉलेज में छात्र राजनीति से जुड़ी थीं, जबकि ममता बनर्जी जोगमाया देवी कॉलेज में सक्रिय थीं।
कल्याण बनर्जी को फिर से सौंपी गई जिम्मेदारी
दरअसल, गुरुवार को कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के आवास पर तृणमूल सांसदों की बैठक हुई थी। वहीं काकली को मुख्य सचेतक पद से हटाकर कल्याण बनर्जी को दोबारा जिम्मेदारी सौंपने का फैसला लिया गया। पिछले वर्ष अगस्त में कल्याण बनर्जी ने अचानक इस पद से इस्तीफा दे दिया था। उस समय महुआ मोइत्रा के साथ उनके सार्वजनिक विवाद के बाद ममता बनर्जी ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर काकली घोष दस्तिदार को यह जिम्मेदारी दी थी। अब कल्याण बनर्जी की वापसी के बाद काकली के पास संसदीय दल में कोई बड़ा पद नहीं बचा है। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि इसी वजह से उन्होंने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई है। हालांकि तृणमूल कांग्रेस की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
चुनाव में हार के बाद से टीएमसी में असंतोष की खबरें आ रहीं
विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी के भीतर असंतोष लगातार सामने आ रहा है। कई नेता और प्रवक्ता सार्वजनिक रूप से पार्टी नेतृत्व, अभिषेक बनर्जी और आई-पैक की रणनीति पर सवाल उठा चुके हैं। इसी बीच काकली की पोस्ट ने पार्टी के अंदरूनी मतभेदों की चर्चा को और तेज कर दिया है। इस पूरे विवाद में काकली के बेटे वैद्यनाथ घोष दस्तिदार की सोशल मीडिया गतिविधियां भी चर्चा में हैं। उन्होंने हाल के दिनों में तृणमूल नेतृत्व की आलोचना करते हुए वाम नेताओं और मोहम्मद सलीम की प्रशंसा की थी। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा था, मेरी मां से सवाल करने की जरूरत नहीं है, सवाल कीजिए कि सब्यसाची दत्ता कहां हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन घटनाओं का असर भी काकली की स्थिति पर पड़ा हो सकता है।
Trending Videos
कल्याण बनर्जी को फिर से सौंपी गई जिम्मेदारी
दरअसल, गुरुवार को कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के आवास पर तृणमूल सांसदों की बैठक हुई थी। वहीं काकली को मुख्य सचेतक पद से हटाकर कल्याण बनर्जी को दोबारा जिम्मेदारी सौंपने का फैसला लिया गया। पिछले वर्ष अगस्त में कल्याण बनर्जी ने अचानक इस पद से इस्तीफा दे दिया था। उस समय महुआ मोइत्रा के साथ उनके सार्वजनिक विवाद के बाद ममता बनर्जी ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर काकली घोष दस्तिदार को यह जिम्मेदारी दी थी। अब कल्याण बनर्जी की वापसी के बाद काकली के पास संसदीय दल में कोई बड़ा पद नहीं बचा है। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि इसी वजह से उन्होंने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई है। हालांकि तृणमूल कांग्रेस की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
चुनाव में हार के बाद से टीएमसी में असंतोष की खबरें आ रहीं
विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी के भीतर असंतोष लगातार सामने आ रहा है। कई नेता और प्रवक्ता सार्वजनिक रूप से पार्टी नेतृत्व, अभिषेक बनर्जी और आई-पैक की रणनीति पर सवाल उठा चुके हैं। इसी बीच काकली की पोस्ट ने पार्टी के अंदरूनी मतभेदों की चर्चा को और तेज कर दिया है। इस पूरे विवाद में काकली के बेटे वैद्यनाथ घोष दस्तिदार की सोशल मीडिया गतिविधियां भी चर्चा में हैं। उन्होंने हाल के दिनों में तृणमूल नेतृत्व की आलोचना करते हुए वाम नेताओं और मोहम्मद सलीम की प्रशंसा की थी। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा था, मेरी मां से सवाल करने की जरूरत नहीं है, सवाल कीजिए कि सब्यसाची दत्ता कहां हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन घटनाओं का असर भी काकली की स्थिति पर पड़ा हो सकता है।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन