Cyrus Mistry: मर्सिडीज के सात एयरबैग भी क्यों नहीं बचा पाए सायरस मिस्त्री की जान? जानें हादसे की असल वजह
सायरस मिस्त्री के साथ हुए हादसे को लेकर अमर उजाला ने ऑटो एक्सपर्ट टूटू धवन से बात की। उनसे हादसे की असल वजह समझने की कोशिश की गई। साथ ही, यह भी पता लगाया कि सात एयरबैग होने के बाद भी सायरस मिस्त्री को अपनी जिंदगी क्यों गंवानी पड़ी?
विस्तार
देश के जाने-माने उद्योगपतियों में शुमार सायरस मिस्त्री का निधन रविवार (चार सितंबर) दोपहर एक सड़क हादसे में हो गया। वह अपनी करीब 68 लाख रुपये की मर्सिडीज जीएलसी 220डी 4मैटिक से अहमदाबाद से मुंबई जा रहे थे। मर्सिडीज की जीएलसी 220डी सीरीज की यह कार तमाम सेफ्टी फीचर्स से लैस थी और इसमें सात एयरबैग भी थे। इसके बावजूद सड़क हादसे में सायरस मिस्त्री की जान नहीं बच सकी। ऐसे में हमने ऑटो एक्सपर्ट टूटू धवन से बात की और हादसे की असल वजह समझने के साथ-साथ यह भी जानने की कोशिश की कि सात एयरबैग होने के बाद भी सायरस मिस्त्री को अपनी जिंदगी क्यों गंवानी पड़ी?
सवाल: मर्सिडीज की यह कार कितनी सुरक्षित है?
जवाब: मर्सिडीज और बीएमडब्ल्यू बेहद सुरक्षित गाड़ियां मानी जाती हैं, लेकिन सेफ्टी का मतलब यह नहीं है कि आप किसी भी चीज के साथ एक्सिडेंट कर लें तो ये गाड़ियां टैंक का काम करेंगी। ये गाड़ियां टैंक का काम नहीं कर सकती हैं। कुछ ऐसे गंभीर हादसे होते हैं या उनका एंगल इतना ज्यादा क्रिटिकल होता है, जिसका असर गाड़ी के अंदर तक होता है।
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सवाल: इस हादसे की मुख्य वजह क्या हो सकती है?
जवाब: सायरस मिस्त्री के हादसे में गाड़ी की रफ्तार काफी ज्यादा तेज होने की आशंका है। अनुमान है कि हादसे के वक्त गाड़ी की रफ्तार 125 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास होगी। हादसे की तस्वीरों पर गौर करें तो यह गाड़ी सड़क से फिसलकर साइड में जाकर बुरी तरह टकरा गई। अनुमान है कि गाड़ी में मौजूद सभी लोगों ने सीट बेल्ट लगा रखी थी, लेकिन टक्कर इतनी जोरदार थी कि उन्हें जानलेवा चोट लग गई। तस्वीरों में यह दिख रहा है कि गाड़ी साइड में खड़ी हुई है और शव बाहर सड़क पर दिख रहे हैं। इससे समझ नहीं आ रहा है कि रफ्तार की वजह से शव कार से बाहर आ गए या उन्हें निकालकर बाहर रखा गया है या हादसे के बाद कार सवार खुद बाहर निकल आए। ये सभी बातें जांच के बाद ही सामने आएंगी। इस हादसे में लग रहा है कि ड्राइवर को झपकी लग गई या किसी को बचाने के चक्कर में गाड़ी साइड वॉल में जाकर टकरा गई। इसके अलावा वह साइड वॉल इतनी ज्यादा मजबूत थी कि उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा और गाड़ी बुरी तरह टूट गई। बोनट के नीचे का हिस्सा तो पूरी तरह खत्म हो गया।
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सवाल: भारत में मर्सिडीज और बीएमडब्ल्यू जैसी लग्जरी गाड़ियों के लिए स्पीड पैरामीटर क्या हैं?
जवाब: भारत में एक्सप्रेसवे और हाईवे के हिसाब से गाड़ियों की स्पीड लिमिट तय की गई है। मर्सिडीज और बीएमडब्ल्यू जैसी गाड़ियां जर्मनी आदि देशों में 300 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती हैं, लेकिन भारत में इसकी स्पीड लिमिट 240 किलोमीटर प्रति घंटे की है। इससे ज्यादा तेज रफ्तार से इन गाड़ियों को भारत में नहीं चलाया जा सकता है।
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सवाल: मर्सिडीज की इस कार में सात एयरबैग थे, फिर भी सायरस मिस्त्री की जिंदगी नहीं बच सकी। क्या एयरबैग वाकई जान बचा पाते हैं?
जवाब: अब तक हुए तमाम सड़क हादसों में एयरबैग्स ने काफी लोगों की जिंदगी बचाई है, लेकिन एयरबैग्स से मिलने वाली सेफ्टी की एक सीमा होती है। अगर हादसे के बाद कोई गाड़ी से बाहर गिर जाए तो एयरबैग क्या कर सकते हैं। सीट बेल्ट का काम भी कार में बैठे व्यक्ति को रोककर रखना है। सायरस मिस्त्री के हादसे का इम्पैक्ट इतना ज्यादा लग रहा है कि ड्राइवर को ब्रेक लगाने तक का मौका नहीं मिला। ऐसे में गाड़ी इतनी जोर से टकराई कि उसका इम्पैक्ट बहुत ज्यादा रहा और सीट बेल्ट की वजह से कार सवार लोगों को इंटरनल इंजरी हो गई, जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई। हादसे में एयरबैग तो खुले, जिसकी वजह से उनके सिर डैशबोर्ड में नहीं लगे। हालांकि, विंडस्क्रीन की हालत देखकर लग रहा है कि ड्राइवर और को-पैसेंजर का सिर विंडस्क्रीन से टकरा गया, लेकिन यह बात जांच के बाद ही सामने आ पाएगी।
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सवाल: क्या हादसा होने पर एयरबैग की वजह से दम भी घुट जाता है?
जवाब: एयरबैग की वजह से कभी दम नहीं घुटता है। एयरबैग एक गुब्बारे की तरह होता है, जिससे हादसा होने के बाद कार सवार का शरीर या सिर टकराता है। उस स्थिति में एयरबैग आपको धक्का देकर वापस सीट की ओर भेज देता है। एयरबैग के अंदर 'इनहर्ट' गैस होती है, जिससे कोई नुकसान नहीं होता है।
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सवाल: क्या इस हादसे से मर्सिडीज की बिल्ड क्वॉलिटी पर सवाल उठेंगे?
जवाब: इस हादसे में मर्सिडीज की बिल्ड क्वॉलिटी को लेकर कोई भी संशय नहीं है। इन लग्जरी गाड़ियों की बिल्ड क्वॉलिटी काफी अच्छी होती है। इस हादसे में ड्राइवर की गलती सबसे ज्यादा लग रही है। आशंका है कि ड्राइवर सो गया या किसी को बचाने के चक्कर में वह गाड़ी पर संतुलन बरकरार नहीं रख पाया। या फिर गाड़ी स्किड हो गई। यह बात जांच के बाद ही सामने आ पाएगी कि इस हादसे की असल वजह क्या रही।
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