इबारत 2018: राजनीति का ‘रोमांस’, सड़क पर आया देश का अन्नदाता
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2018 में राजनीति, खेल, उच्चतम न्यायालय में कई अहम घटनाएं घटी जिसे आने वाले सालों तक याद रखा जाएगा। राहुल गांधी के आंख मारने से लेकर देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीष दीपक मिश्रा सुर्खियों में छाए रहे।
राजनीति का ‘रोमांस’
राहुल गांधी- देश के सबसे चर्चित 'युवा नेता' राहुल गांधी भरी संसद में प्रिया प्रकाश की तरह आंखों की कलाकारी दिखाते हैं। यकीनन, लोगों को उनकी आंखों की कलाकारी में प्रिया प्रकाश वाली दिलचस्पी नहीं थी, लेकिन मामले पर लंबी चर्चा चली।
राहुल गांधी की इस हरकत ने पूरे देश के सामने संसद की गरिमा पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया था। हालांकि, इस बात में कोई शक नहीं कि मामले को राजनीतिक मुनाफे के लिए भी तूल दी गई। लेकिन, देश के सबसे पुराने राजनीतिक दल के सबसे बड़े ओहदेदार का संसद में यह बचकाना अंदाज देश के सामने कई अनुत्तरित सवाल खड़े करता है, जिनके जवाब मिलना अभी भी बाकी हैं।
इस चर्चा के हुए खूब चर्चे
प्रिया प्रकाश वारियार- मलयालम फिल्म 'ओरु अदार लव' में 10 सेकंड का दृश्य है, जिसमें प्रिया अपनी आंखों की भौंहों को ऊपर-नीचे खींचती है। कुछ ही घंटों में प्रिया पूरे देश में चर्चा का विषय बन जाती है। प्रिया की लोकप्रियता का ग्राफ इतनी तेजी से बढ़ता कि रातों-रात उसके इंस्टाग्राम पर 6 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स बन जाते हैं। वजह जो भी रही हों, प्रिया प्रकाश इस साल का सबसे चर्चित चेहरा है।
चैंपियन ऑफ अर्थ पुरस्कार दिया गया (03.10.2018)
बढ़ते फॉलोअर, घटते वोटर- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यूएन महासचिव ने दिल्ली आकर चैंपियन ऑफ अर्थ अवॉर्ड से सम्मानित किया। इसके अलावा उन्हें सिओल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने पेरिस में जलवायु बदलाव पर हुए सीओपी-21 में अंतरराष्ट्रीय सौर संगठन की संकल्पना दी और बाद में इस संगठन की वैश्विक स्वीकृति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इसके अलावा उनकी सरकार ने भारत में पर्यावरण में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इस साल पीएम मोदी को चुनावों में भले ही नाकामी मिली हो, लेकिन लोकप्रियता बरकरार है। अभी वह सोशल मीडिया पर सबसे लोकप्रिय चेहरा हैं। ट्विटर पर उनके करीब 4.5 करोड़ फॉलोअर्स हैं और उनकी तादाद लगातार बढ़ रही है।
हो जाए अच्छी भी फसल, पर लाभ कृषकों को कहां। खाते, खवाई, बीज ऋण से हैं रंगे रक्खे जहां। आता महाजन के यहां वह अन्न सारा अंत में। अधपेट खाकर फिर उन्हें है कांपना हेमंत में। -मैथिलीशरण गुप्त
सड़क पर देश का चेहरा
किसान जब परेशान होता है, तो राजनीति करता है। जब राजनीति होती है, तो किसान परेशान होता है। यह विरोधाभास इस देश का सच है। किसान देश बदलने वाली बड़ी ताकत है। जब किसान किसी के खिलाफ उठता है, तो उसका विनाश तय हो जाता है और जब वह किसी के साथ खड़ा होता है, तो जमीन से सत्ता के सिंहासन उगते नजर आते हैं। इस वर्ष राजनीति को शीर्षाासन कराने वाले किसान इस देश का चेहरा हैं, जिन्हें गौर से देख अपने गिरेबां में झांकने की जरूरत है। तमाम वादों और लुभावनी बातों के अलावा आज भी किसान के हाथों में कुछ नहीं। लेकिन, अब किसान को उसका हिस्सा देने का वक्त आ गया है।
जस्टिस दीपक मिश्रा सेवानिवृत्त हुए (02.10.2018)
कदम-कदम जंग- भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश इस वर्ष के सबसे चर्चित चेहरों में से एक रहे हैं। जस्टिस मिश्रा के कार्यकाल में सर्वोच्च न्यायालय ने धारा 377 के तहत अप्राकृतिक संबंधों व धारा 497 के तहत विवाहेत्तर संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया। सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को प्रवेश की इजाजत दी। पदोन्नति में आरक्षण का रास्ता साफ किया, आधार की अनिवार्यता को परिभाषित और सीमित किया, इच्छामृत्यु को कानूनी वैधता देते हुए कहा कि इंसान को गरिमा के साथ मरने का हक है। उनके कार्यकाल में दिए गए यह फैसले हमेशा याद किए जाएंगे। इस सबके अलावा जस्टिस मिश्रा का कार्यकाल विवादों से भी भरा रहा। उनके साथी जजों ने उन पर रोस्टर में भेदभाव के अारोप लगाए और विपक्ष ने उन पर महाभियोग लगाने की कोशिश की।
हिमा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय बनीं (12.07.2018)
जुनून का नाम हिमा दास- असम के गुमनाम इलाके से कर्ज लेकर दौड़ने निकलीं हिमा दास को यकीन नहीं था कि वह देश की चहेती खिलाड़ी बन जाएंगी। लेकिन हिमा के कोच निपुण दास का मानना था, ''वह भले ही शुरुआत में पीछे चल रही थी, लेकिन मुझे तो पता चल गया था कि आज वह गोल्ड जीतने वाली है।'' एक के बाद एक कामयाबी की इबारतें लिख रहीं हिमा दास इस साल के सबसे चर्चित चेहरों में रहीं हैं। हिमा दास को आज देश में जुनून, कामयाबी और भरोसेमंद प्रदर्शन का पर्याय माना जाता है। हिमा केवल अपने खेल को लेकर ही जुनूनी नहीं हैं, बल्कि अपने देश और अपने लोगों के लिए भी उतने ही जुनून के साथ आगे रहती हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने फिर से चुनाव कराने की मांग खारिज की(24.08.2018)
विवादों की ‘ममता’ - बंगाल की सबसे लोकप्रिय नेता भले ही केंद्र की राजनीति के लिहाज से हाशिये पर हों। लेकिन उनका चेहरा पूरे साल लगातार सुर्खियों में बना रहा। चाहे वह ममता बनर्जी का पीएम मोदी के खिलाफ बोलना हो या नेशनल सिटिजन रजिस्टर के मामले में 'रक्तपात' और 'गृहयुद्ध' की धमकी देना। इन विवादित बयानों के अलावा ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल में हुए चुनावों में हुई गड़बड़ी के चलते सर्वोच्च न्यायालय ने फटकार लगाई।
शानदार शादियां
दिसंबर 2017 में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की शादी से शुरू हुआ सिलसिला रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण, प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस तक आ पहुंचा है। शादी होना बेहद सामान्य बात है, लेकिन देश के सबसे चर्चित स्टार्स का आपस में शादी करना बड़ी बात हो जाती है। इनकी शादी के चर्चे इतने क्यों हैं, इस बात का अंदाजा इनकी ट्विटर फॉलोअर्स की तादाद से पता चलता है।
विराट कोहली के ट्विटर पर करीब 27 मिलियन फॉलोअर्स हैं, अनुष्का शर्मा के करीब 18 मिलियन फॉलोअर्स हैं, रणवीर सिंह के करीब 11 मिलियन फॉलोअर्स हैं, दीपिका पादुकोण के करीब 25 मिलियन फॉलोअर्स हैं, निक जोनस के करीब 13 मिलियन ट्विटर फॉलोअर्स हैं वहीं प्रियंका चोपड़ा के करीब 23 मिलियन ट्विटर फॉलोअर्स हैं। इन सभी का औसत निकाला जाए, तो करीब 2 करोड़ लोग इन सभी को ट्विटर पर फॉलो करते हैं। इनके अलावा मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी की शादी भी इस साल चर्चा में रही।
अटल बिहारी वाजपेयी का निधन (16.08.2018)
सितारे की विदाई - दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के फलक पर चकमता हुआ वह सितारा हैं, जो भटकों को राह दिखाता है। जब भी देश की राजनीति और राजनेता भटकते हुए नजर आएंगे, तो उनका कृतित्व और व्यक्तित्व हमेशा राह दिखाता रहेगा। उन्हें राजनीति में रहते हुए ‘अजातशत्रु’ की संज्ञा मिली, यह उनके विराट व्यक्तित्व ही था कि पूरी दुनिया ने उनके जाने का शोक मनाया। वर्षों तक बीमारी की वजह से संज्ञा शून्य अवस्था में भी लगातार चर्चा में रहे। उन्हें हमेशा याद किया जाता रहेगा, क्योंकि वे अकेले रुख मोड़ने वाले व्यक्ति थे।