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टॉयलेट- एक प्रेम कथा पर रोक से इनकार, यह है वजह
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 05 Aug 2017 07:34 PM IST
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शहर की एक अदालत ने टॉयलेट-एक प्रेम कथा के कॉपीराइट को लेकर दायर याचिका को खारिज कर दिया।
जयपुर शहर के अतिरिक्त जिला न्यायालय क्रम-14 को अक्षय कुमार की अभिनीत फिल्म टॉयलेट- एक प्रेम कथा के प्रदर्शन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने इस संबंध में दायर अस्थाई निषेधाज्ञा का प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि परिवादी ने ना तो अपनी फिल्म की पटकथा पेश की और न ही उसके पंजीकृत होने के संबंध में साक्ष्य दिया।
परिवादी प्रतीक शर्मा की ओर से दावे के साथ अस्थाई निषेधाज्ञा का प्रार्थना पत्र पेश कर कहा गया कि उसने फिल्म गुटरगूं का निर्देशन किया है। उसकी फिल्म सेंसर बोर्ड से पास भी हो गई है। इसके अलावा राजस्थान सहित कई प्रदेशों में इसे टैक्स फ्री भी कर दिया है। वहीं फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग भी हो चुकी है। प्रार्थना पत्र में दावा किया है कि गुटरगूं फिल्म की कहानी स्वच्छता और टॉयलेट पर आधारित है। जिसे चुराकर टॉयलेट-एक प्रेम कथा के रूप में फिल्म बना दी गई है।
जबकि ऐसा करना कॉपीराइट एक्ट के खिलाफ होने के साथ-साथ धोखाधड़ी की श्रेणी में भी आता है। ऐसे में हाल में रिलीज होने वाली टॉयलेट- एक प्रेम कथा फिल्म का प्रदर्शन रोका जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है।
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जयपुर शहर के अतिरिक्त जिला न्यायालय क्रम-14 को अक्षय कुमार की अभिनीत फिल्म टॉयलेट- एक प्रेम कथा के प्रदर्शन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने इस संबंध में दायर अस्थाई निषेधाज्ञा का प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि परिवादी ने ना तो अपनी फिल्म की पटकथा पेश की और न ही उसके पंजीकृत होने के संबंध में साक्ष्य दिया।
परिवादी प्रतीक शर्मा की ओर से दावे के साथ अस्थाई निषेधाज्ञा का प्रार्थना पत्र पेश कर कहा गया कि उसने फिल्म गुटरगूं का निर्देशन किया है। उसकी फिल्म सेंसर बोर्ड से पास भी हो गई है। इसके अलावा राजस्थान सहित कई प्रदेशों में इसे टैक्स फ्री भी कर दिया है। वहीं फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग भी हो चुकी है। प्रार्थना पत्र में दावा किया है कि गुटरगूं फिल्म की कहानी स्वच्छता और टॉयलेट पर आधारित है। जिसे चुराकर टॉयलेट-एक प्रेम कथा के रूप में फिल्म बना दी गई है।
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जबकि ऐसा करना कॉपीराइट एक्ट के खिलाफ होने के साथ-साथ धोखाधड़ी की श्रेणी में भी आता है। ऐसे में हाल में रिलीज होने वाली टॉयलेट- एक प्रेम कथा फिल्म का प्रदर्शन रोका जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है।
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