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Kathua News: उज्ज बैराज के मरम्मत कार्य और उन्नयन पर खर्च होंगे पांच करोड़
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sun, 15 Mar 2026 01:02 AM IST
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18 गेटों के कर्टन वॉल व स्लिम बीम की मरम्मत और क्रेट डालने का होगा कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से उज्ज बैराज के मरम्मत एवं उन्नयन पर पांच करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। इस परियोजना के तहत बैराज के विभिन्न हिस्सों की तकनीकी मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जाएगा जिससे बैराज की कार्यक्षमता और सुरक्षा में सुधार होगा। इससे हीरानगर और सांबा के किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर व्यवस्था उपलब्ध होगी।
परियोजना के अंतर्गत बैराज के कुल 18 गेटों के कर्टन वॉल और स्लिम बीम की मरम्मत की जाएगी। इसके साथ ही संरचना को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक स्थानों पर क्रेट डालने का कार्य भी किया जाएगा। विभाग अधिकारियों के अनुसार इन कार्यों से बैराज में पानी के रिसाव की समस्या को कम करने और जल प्रवाह के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलेगी। इस मरम्मत और उन्नयन कार्य से न केवल हीरानगर, बल्कि सांबा के किसानों के सिंचाई व्यवस्था में सुधार होगा। अधिकारियों के अनुसार इस बैराज की स्थापना वर्ष 1985 में कई गई थी। इस परियोजना से कुल 9200 एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई व्यवस्था का प्रावधान किया गया था लेकिन समय के साथ बैराज की क्षमता कम होती गई और सिंचाई का पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा था।
मरम्मत कार्य की जिम्मेदारी रावी तवी सिंचाई विंग को सौंपा गया है जिसको चार महीनों के भीतर पूरा किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि समय के साथ बैराज के कुछ हिस्सों में मरम्मत की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसको ध्यान में रखते हुए सरकार ने इसके उन्नयन और मरम्मत का निर्णय लिया है।
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उज्ज बैराज मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कार्य करवाने की कवायद शुरू कर दी है। इसको पूरा करने के लिए कम से कम चार महीने का समय लगेगा। परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करते समय मरम्मत कार्य के लिए मार्च से जून का समय निर्धारित किया गया था लेकिन बारिश न होने के कारण नहरी पानी की जरूरतों को देखते हुए यह कार्य इस वर्ष के अंत में करवाने पर विचार किया जा रहा है।
- योगेश कुमार, कार्यकारी अभियंता सिंचाई विभाग।
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कठुआ। जिले में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से उज्ज बैराज के मरम्मत एवं उन्नयन पर पांच करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। इस परियोजना के तहत बैराज के विभिन्न हिस्सों की तकनीकी मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जाएगा जिससे बैराज की कार्यक्षमता और सुरक्षा में सुधार होगा। इससे हीरानगर और सांबा के किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर व्यवस्था उपलब्ध होगी।
परियोजना के अंतर्गत बैराज के कुल 18 गेटों के कर्टन वॉल और स्लिम बीम की मरम्मत की जाएगी। इसके साथ ही संरचना को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक स्थानों पर क्रेट डालने का कार्य भी किया जाएगा। विभाग अधिकारियों के अनुसार इन कार्यों से बैराज में पानी के रिसाव की समस्या को कम करने और जल प्रवाह के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलेगी। इस मरम्मत और उन्नयन कार्य से न केवल हीरानगर, बल्कि सांबा के किसानों के सिंचाई व्यवस्था में सुधार होगा। अधिकारियों के अनुसार इस बैराज की स्थापना वर्ष 1985 में कई गई थी। इस परियोजना से कुल 9200 एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई व्यवस्था का प्रावधान किया गया था लेकिन समय के साथ बैराज की क्षमता कम होती गई और सिंचाई का पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा था।
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मरम्मत कार्य की जिम्मेदारी रावी तवी सिंचाई विंग को सौंपा गया है जिसको चार महीनों के भीतर पूरा किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि समय के साथ बैराज के कुछ हिस्सों में मरम्मत की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसको ध्यान में रखते हुए सरकार ने इसके उन्नयन और मरम्मत का निर्णय लिया है।
उज्ज बैराज मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कार्य करवाने की कवायद शुरू कर दी है। इसको पूरा करने के लिए कम से कम चार महीने का समय लगेगा। परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करते समय मरम्मत कार्य के लिए मार्च से जून का समय निर्धारित किया गया था लेकिन बारिश न होने के कारण नहरी पानी की जरूरतों को देखते हुए यह कार्य इस वर्ष के अंत में करवाने पर विचार किया जा रहा है।
- योगेश कुमार, कार्यकारी अभियंता सिंचाई विभाग।