{"_id":"69b5b8f070d640beac095c40","slug":"jammu-kashmir-news-kathua-news-c-201-1-knt1009-129980-2026-03-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: साल की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत में 3.47 करोड़ की राशि वसूली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: साल की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत में 3.47 करोड़ की राशि वसूली
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sun, 15 Mar 2026 01:07 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले भर में आठ बेंच स्थापित कर सैकड़ों मामलों का किया सौहार्दपूर्ण निपटारा
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की ओर से वर्ष की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। शनिवार को आयोजित लोक अदालत में विभिन्न मामलों में सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए लिया गया। इसमें कुल 3.47 करोड़ रुपये की राशि वसूली गई। इस दौरान एमएसीटी, हिंदू विवाह अधिनियम, बैंक वसूली, आपराधिक समझौता योग्य मामले, पुलिस चालान, यातायात चालान, भरण-पोषण और घरेलू हिंसा के मामलों को सुना गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जिला प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश और डीएलएसए के अध्यक्ष जतिंद्र सिंह जम्वाल के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें जिले भर में आठ पीठों का गठन कर विभिन्न मामलों को सौहार्दपूर्ण तरीके निपटान किया गया। बता दें कि जिला न्यायालय परिसर के वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर) केंद्र में तीन बेंचों को गठित किया गया था। पहली बेंच में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जतिंद्र सिंह जम्वाल और अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीन पंडोह उपस्थित रहे। दूसरे बेंच में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अजय शर्मा और मुंसिफ विरेन मगोत्रा ने मामलों की सुनवाई की जबकि तीसरी पीठ में जिला मोबाइल मजिस्ट्रेट (ट्रैफिक) पूनम गुप्ता और अधिवक्ता नैय्या शर्मा ने मामलों को सुना। जिले की अन्य अदालतें बिलावर में मुंसिफ प्रशांत कुमार की अध्यक्षता में लगाई गई। पांचवीं पीठ हीरानगर में लगाई गई जहां मुंसिफ लक्ष्य बडयाल और अधिवक्ता नरेश गुप्ता ने मामलों की सुनवाई की। महानपुर में मामलों को मुंसिफ कंगना गुप्ता और बनी में मुंसिफ शिवानी अत्री और अधिवक्ता पीके बब्बर ने सौहार्दपूर्ण तरीके से निपटाया। जिला सत्र न्यायाधीश जम्वाल ने कहा कि यह पहल वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्रों को बढ़ावा देने और जनता को समय पर न्याय सुनिश्चित करने के प्रति न्यायपालिका और विधिक सेवा प्राधिकरण की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की ओर से वर्ष की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। शनिवार को आयोजित लोक अदालत में विभिन्न मामलों में सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए लिया गया। इसमें कुल 3.47 करोड़ रुपये की राशि वसूली गई। इस दौरान एमएसीटी, हिंदू विवाह अधिनियम, बैंक वसूली, आपराधिक समझौता योग्य मामले, पुलिस चालान, यातायात चालान, भरण-पोषण और घरेलू हिंसा के मामलों को सुना गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जिला प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश और डीएलएसए के अध्यक्ष जतिंद्र सिंह जम्वाल के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें जिले भर में आठ पीठों का गठन कर विभिन्न मामलों को सौहार्दपूर्ण तरीके निपटान किया गया। बता दें कि जिला न्यायालय परिसर के वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर) केंद्र में तीन बेंचों को गठित किया गया था। पहली बेंच में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जतिंद्र सिंह जम्वाल और अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीन पंडोह उपस्थित रहे। दूसरे बेंच में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अजय शर्मा और मुंसिफ विरेन मगोत्रा ने मामलों की सुनवाई की जबकि तीसरी पीठ में जिला मोबाइल मजिस्ट्रेट (ट्रैफिक) पूनम गुप्ता और अधिवक्ता नैय्या शर्मा ने मामलों को सुना। जिले की अन्य अदालतें बिलावर में मुंसिफ प्रशांत कुमार की अध्यक्षता में लगाई गई। पांचवीं पीठ हीरानगर में लगाई गई जहां मुंसिफ लक्ष्य बडयाल और अधिवक्ता नरेश गुप्ता ने मामलों की सुनवाई की। महानपुर में मामलों को मुंसिफ कंगना गुप्ता और बनी में मुंसिफ शिवानी अत्री और अधिवक्ता पीके बब्बर ने सौहार्दपूर्ण तरीके से निपटाया। जिला सत्र न्यायाधीश जम्वाल ने कहा कि यह पहल वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्रों को बढ़ावा देने और जनता को समय पर न्याय सुनिश्चित करने के प्रति न्यायपालिका और विधिक सेवा प्राधिकरण की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन