{"_id":"69cd8368120ac1291d0c6c94","slug":"jammu-kashmir-news-kathua-news-c-201-1-knt1009-130581-2026-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: आपसी समझौते के बाद अदालत ने धमकी व गाली-गलौज का मामला किया खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: आपसी समझौते के बाद अदालत ने धमकी व गाली-गलौज का मामला किया खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Thu, 02 Apr 2026 02:13 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिला न्यायिक मोबाइल मजिस्ट्रेट (ट्रैफिक) ने दो साल पुराने गाली-गलौज और आपराधिक धमकी से जुड़े एक मामला खारिज कर दिया है। कोर्ट ने यह फैसला दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौते के आधार पर सुनाया है।
जिला न्यायिक मोबाइल मजिस्ट्रेट पूनम गुप्ता की अदालत में दायर चालान के अनुसार मामला वर्ष 2023 का है। इसमें शिकायतकर्ता राहुल खजूरिया ने आरोपी जनार्दन सिंह निवासी नगरी परोल पर गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप लगाया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 504 (गाली-गलौज) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी के खिलाफ चालान 8 जुलाई 2023 को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया था। गत 3 मार्च को शिकायतकर्ता और आरोपी दोनों ने कोर्ट में उपस्थित हुए और संयुक्त रूप से समझौते का आवेदन प्रस्तुत किया।
उन्होंने अदालत को बताया कि आपसी सहमति से विवाद सुलझा लिया गया है और वे आगे सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखना चाहते हैं। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि आईपीसी की धारा 504 और 506 के तहत दर्ज अपराध कंपाउंडेबल श्रेणी में आते हैं यानी ऐसे मामलों में आपसी समझौते के आधार पर केस समाप्त किया जा सकता है। इसके बाद कोर्ट ने समझौते को स्वीकार करते हुए आरोपी के खिलाफ चालान को खारिज करने का फैसला सुनाया।
Trending Videos
कठुआ। जिला न्यायिक मोबाइल मजिस्ट्रेट (ट्रैफिक) ने दो साल पुराने गाली-गलौज और आपराधिक धमकी से जुड़े एक मामला खारिज कर दिया है। कोर्ट ने यह फैसला दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौते के आधार पर सुनाया है।
जिला न्यायिक मोबाइल मजिस्ट्रेट पूनम गुप्ता की अदालत में दायर चालान के अनुसार मामला वर्ष 2023 का है। इसमें शिकायतकर्ता राहुल खजूरिया ने आरोपी जनार्दन सिंह निवासी नगरी परोल पर गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप लगाया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 504 (गाली-गलौज) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी के खिलाफ चालान 8 जुलाई 2023 को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया था। गत 3 मार्च को शिकायतकर्ता और आरोपी दोनों ने कोर्ट में उपस्थित हुए और संयुक्त रूप से समझौते का आवेदन प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने अदालत को बताया कि आपसी सहमति से विवाद सुलझा लिया गया है और वे आगे सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखना चाहते हैं। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि आईपीसी की धारा 504 और 506 के तहत दर्ज अपराध कंपाउंडेबल श्रेणी में आते हैं यानी ऐसे मामलों में आपसी समझौते के आधार पर केस समाप्त किया जा सकता है। इसके बाद कोर्ट ने समझौते को स्वीकार करते हुए आरोपी के खिलाफ चालान को खारिज करने का फैसला सुनाया।