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Kathua News: बिना बीमा और लाइसेंस के मोटरसाइकिल चलाने के मामले में आरोपी 10 साल बाद बरी
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 21 Apr 2026 02:32 AM IST
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अदालत से
12 नवंबर 2015 को राष्ट्रीय राजमार्ग पर औद्योगिक इकाई सीटीएम के पास का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 10 साल पुराने मामले में आरोपी को बरी कर दिया है। आदेश के अनुसार, अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर पाया कि आरोपी बिना ड्राइविंग लाइसेंस और बीमा के मोटरसाइकिल का चला रहा था।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अजय कुमार की अदालत में दायर चालान के अनुसार, मामला 12 नवंबर 2015 को राष्ट्रीय राजमार्ग पर औद्योगिक इकाई सीटीएम के पास का है। इसमें एक कैश वैन के साथ एक मोटरसाइकिल की टक्कर हो गई। इसमें मोटरसाइकिल सवार सुनील सिंह निवासी अकलपुर मोड़ लोअर मुट्ठी जम्मू और उसके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, कैश वैन को बिक्रम सिंह निवासी आजम कॉलोनी भटिंडी जम्मू चला रहा था। दुर्घटना उस समय हुई जब दोनों वाहन लखनपुर से जम्मू जा रहे थे।
आरोपी सुनील सिंह ने पिता बलबीर सिंह ने कैश वैन चालक के खिलाफ 24 जनवरी 2016 को शिकायत दर्ज करवाई। इसमें आरोपी सुनील सिंह ने आरोपी बिक्रम सिंह पर आरोप लगाया कि दुर्घटना के दिन वैन चालक वाहन को लापरवाही और तेज गति से चला रहा था। इसमें चालक ने वैन अचानक मोड़ दी जिससे मोटरसाइकिल की टक्कर हो गई और मोटरसाइकिल पर सवार सभी लोग घायल हो गए। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच पूरी कर आरोपी बिक्रम सिंह (वैन चालक) के खिलाफ आरपीसी की धारा 279 (रैश ड्राइविंग) और 337/338 (रैश ड्राइविंग से किसी को गंभीर चोटें लगना) के तहत, जबकि सुनील सिंह (बाइक चालक) के खिलाफ एमबी एक्ट की धारा 146/196 (बिना बीमा वाहन चलाना) और 3/181 (बिना ड्राइविंग लाइसेंस) के तहत मामला दर्ज कर चालान प्रस्तुत किया। 29 सितंबर 2016 को दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए। इसमें उन्होंने खुद को निर्दोष बताया और कोर्ट से मुकदमा चलाए जाने की मांग की।
सुनवाई के दौरान कैश वैन चालक बिक्रम सिंह की मौत हो गई और कोर्ट ने उसके खिलाफ कार्रवाई खत्म कर दी। इसके बाद आरोपी मोटरसाइकिल चालक सुनील सिंह के खिलाफ कोर्ट में सुनवाई चलती रही। इस दौरान अभियोजन पक्ष ने चार गवाहों को प्रस्तुत किया गया लेकिन दो मुख्य गवाह जो आरोपी के साथ मोटरसाइकिल पर सवार थे। उन्होंनेे कहा कि दुर्घटना वैन चालक ने वाहन को बिना इंडिकेटर मुड़ी जिससे दुर्घटना हुई थी। दोनों गवाहों ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि सुनील सिंह के पास ड्राइविंग लाइसेंस था या बिना बीमा के मोटरसाइकिल चला रहा था। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी को बरी करने का फैसला सुनाया।
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12 नवंबर 2015 को राष्ट्रीय राजमार्ग पर औद्योगिक इकाई सीटीएम के पास का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 10 साल पुराने मामले में आरोपी को बरी कर दिया है। आदेश के अनुसार, अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर पाया कि आरोपी बिना ड्राइविंग लाइसेंस और बीमा के मोटरसाइकिल का चला रहा था।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अजय कुमार की अदालत में दायर चालान के अनुसार, मामला 12 नवंबर 2015 को राष्ट्रीय राजमार्ग पर औद्योगिक इकाई सीटीएम के पास का है। इसमें एक कैश वैन के साथ एक मोटरसाइकिल की टक्कर हो गई। इसमें मोटरसाइकिल सवार सुनील सिंह निवासी अकलपुर मोड़ लोअर मुट्ठी जम्मू और उसके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, कैश वैन को बिक्रम सिंह निवासी आजम कॉलोनी भटिंडी जम्मू चला रहा था। दुर्घटना उस समय हुई जब दोनों वाहन लखनपुर से जम्मू जा रहे थे।
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आरोपी सुनील सिंह ने पिता बलबीर सिंह ने कैश वैन चालक के खिलाफ 24 जनवरी 2016 को शिकायत दर्ज करवाई। इसमें आरोपी सुनील सिंह ने आरोपी बिक्रम सिंह पर आरोप लगाया कि दुर्घटना के दिन वैन चालक वाहन को लापरवाही और तेज गति से चला रहा था। इसमें चालक ने वैन अचानक मोड़ दी जिससे मोटरसाइकिल की टक्कर हो गई और मोटरसाइकिल पर सवार सभी लोग घायल हो गए। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच पूरी कर आरोपी बिक्रम सिंह (वैन चालक) के खिलाफ आरपीसी की धारा 279 (रैश ड्राइविंग) और 337/338 (रैश ड्राइविंग से किसी को गंभीर चोटें लगना) के तहत, जबकि सुनील सिंह (बाइक चालक) के खिलाफ एमबी एक्ट की धारा 146/196 (बिना बीमा वाहन चलाना) और 3/181 (बिना ड्राइविंग लाइसेंस) के तहत मामला दर्ज कर चालान प्रस्तुत किया। 29 सितंबर 2016 को दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए। इसमें उन्होंने खुद को निर्दोष बताया और कोर्ट से मुकदमा चलाए जाने की मांग की।
सुनवाई के दौरान कैश वैन चालक बिक्रम सिंह की मौत हो गई और कोर्ट ने उसके खिलाफ कार्रवाई खत्म कर दी। इसके बाद आरोपी मोटरसाइकिल चालक सुनील सिंह के खिलाफ कोर्ट में सुनवाई चलती रही। इस दौरान अभियोजन पक्ष ने चार गवाहों को प्रस्तुत किया गया लेकिन दो मुख्य गवाह जो आरोपी के साथ मोटरसाइकिल पर सवार थे। उन्होंनेे कहा कि दुर्घटना वैन चालक ने वाहन को बिना इंडिकेटर मुड़ी जिससे दुर्घटना हुई थी। दोनों गवाहों ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि सुनील सिंह के पास ड्राइविंग लाइसेंस था या बिना बीमा के मोटरसाइकिल चला रहा था। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी को बरी करने का फैसला सुनाया।

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