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Kathua News: बारिश से बनी क्षेत्र में फसलों पर संकट, किसानों की बढ़ी चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Wed, 08 Apr 2026 02:49 AM IST
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सब्जियों की पनीरी पर पड़ रहा सबसे ज्यादा असर
बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई तो सरसों की फसल को हो सकता है भारी नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
बनी। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है। इसका सबसे ज्यादा असर सब्जियों की पनीरी पर पड़ा है। किसानों का कहना है कि यदि बारिश के साथ ओलावृष्टि होती है तो सरसों की फसल को भारी नुकसान हो सकता है।
इस मौसम में टमाटर, मिर्च और बैंगन के लिए पौध तैयार की जाती है। अधिक बारिश से नर्सरी में पानी जमा होने के कारण पौधे सड़ने से इनकी वृद्धि प्रभावित होती है। अगर बारिश का सिलसिला जारी रहा तो आने वाली फसल की पैदावार पर सीधा असर पड़ेगा।
सरसों की फसल अब अंतिम चरण में है और इसे देखकर हमें खुशी है। अगर इस समय ओलावृष्टि हो जाती है तो हमें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता लेकिन लगातार हो रही बारिश ने हमारी चिंता बढ़ा दी है। इससे एक फायदा भी है कि आने वाली फसलों के लिए जमीन में अच्छी नमी बनी रहेगी।
- जगदीश राज, किसान
सरसों की फसल इस समय दाना बनने के अंतिम चरण में है और लगभग तैयार हो चुकी है। अगर इस ओलावृष्टि हो जाती है तो फसल पूरी तरह से बर्बाद हो सकती है। जिन किसानों ने कुकुर्बिट्स फसलों की पनीरी तैयार करनी है वे इसे पॉलीथिन बैग में तैयार करें। लगातार बारिश ने किसानों के लिए चिंता और राहत दोनों स्थिति पैदा की है। वहीं आने वाली बिजाई मक्की, आलू और राजमा की फसलों के लिए यह नमी लाभकारी साबित हो सकती है।
- रवि सिंह चौहान, एसडीएओ
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बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई तो सरसों की फसल को हो सकता है भारी नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
बनी। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है। इसका सबसे ज्यादा असर सब्जियों की पनीरी पर पड़ा है। किसानों का कहना है कि यदि बारिश के साथ ओलावृष्टि होती है तो सरसों की फसल को भारी नुकसान हो सकता है।
इस मौसम में टमाटर, मिर्च और बैंगन के लिए पौध तैयार की जाती है। अधिक बारिश से नर्सरी में पानी जमा होने के कारण पौधे सड़ने से इनकी वृद्धि प्रभावित होती है। अगर बारिश का सिलसिला जारी रहा तो आने वाली फसल की पैदावार पर सीधा असर पड़ेगा।
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सरसों की फसल अब अंतिम चरण में है और इसे देखकर हमें खुशी है। अगर इस समय ओलावृष्टि हो जाती है तो हमें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता लेकिन लगातार हो रही बारिश ने हमारी चिंता बढ़ा दी है। इससे एक फायदा भी है कि आने वाली फसलों के लिए जमीन में अच्छी नमी बनी रहेगी।
- जगदीश राज, किसान
सरसों की फसल इस समय दाना बनने के अंतिम चरण में है और लगभग तैयार हो चुकी है। अगर इस ओलावृष्टि हो जाती है तो फसल पूरी तरह से बर्बाद हो सकती है। जिन किसानों ने कुकुर्बिट्स फसलों की पनीरी तैयार करनी है वे इसे पॉलीथिन बैग में तैयार करें। लगातार बारिश ने किसानों के लिए चिंता और राहत दोनों स्थिति पैदा की है। वहीं आने वाली बिजाई मक्की, आलू और राजमा की फसलों के लिए यह नमी लाभकारी साबित हो सकती है।
- रवि सिंह चौहान, एसडीएओ