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Kathua News: प्रदेश में मनरेगा के तहत खराब प्रदर्शन, चार जिलों के एसीडी का वेतन रोका
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- वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही की समीक्षा के बाद की गई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत बेहद खराब प्रदर्शन की गाज प्रदेश के चार जिलों के जिम्मेदार अधिकारियों पर गिरी है। विभाग ने इन जिलों के सहायक आयुक्त, विकास (एसीडी) का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।
जम्मू-कश्मीर सरकार के ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग की ओर से बेहद खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों में कश्मीर संभाग के शोपियां, कुपवाड़ा और जम्मू संभाग के किश्तवाड़ और सांबा जिलों के एसीडी का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने विभागीय समीक्षा में पाया कि कई जिलों में पर्सनडेज (दिहाड़ी) सृजन के लक्ष्य नगण्य रहे। विभाग के बार-बार निर्देश देने के बावजूद कार्यों के समय पर निष्पादन और रोजगार सृजन में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
ऐसे में एडिशनल जिला प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर/एसीडी शोपियां मुज्जफर अहमद शेख समेत कुपवाड़ा के अब्दुल राशिद गनई, किश्तवाड़ के मनोज कुमार और सांबा जिले के रफीक अहमद का वेतन रोकने का आदेश दिया गया है। यह निर्देश भी दिए गए हैं कि जिला कार्यक्रम समन्वयक (उपायुक्त) मनरेगा के क्रियान्वयन की कड़ी निगरानी करें। पखवाड़ा रिपोर्ट प्रशासनिक विभाग को भेजें।
अनुपालनहीनता पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी
सरकार ने चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की अनुपालनहीनता पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी जो जम्मू-कश्मीर सिविल सेवा नियमों और अन्य लागू प्रावधानों के तहत होगी। प्रदेश में मनरेगा के क्रियान्वयन में बीते साल की पहली तिमाही की समीक्षा में गाज संबंधित बीडीओ पर गिरी थी। इसमें सरकार ने 80 बीडीओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ ही उनका मानदेय रोकने के निर्देश दिए थे।
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत बेहद खराब प्रदर्शन की गाज प्रदेश के चार जिलों के जिम्मेदार अधिकारियों पर गिरी है। विभाग ने इन जिलों के सहायक आयुक्त, विकास (एसीडी) का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।
जम्मू-कश्मीर सरकार के ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग की ओर से बेहद खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों में कश्मीर संभाग के शोपियां, कुपवाड़ा और जम्मू संभाग के किश्तवाड़ और सांबा जिलों के एसीडी का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
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ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने विभागीय समीक्षा में पाया कि कई जिलों में पर्सनडेज (दिहाड़ी) सृजन के लक्ष्य नगण्य रहे। विभाग के बार-बार निर्देश देने के बावजूद कार्यों के समय पर निष्पादन और रोजगार सृजन में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
ऐसे में एडिशनल जिला प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर/एसीडी शोपियां मुज्जफर अहमद शेख समेत कुपवाड़ा के अब्दुल राशिद गनई, किश्तवाड़ के मनोज कुमार और सांबा जिले के रफीक अहमद का वेतन रोकने का आदेश दिया गया है। यह निर्देश भी दिए गए हैं कि जिला कार्यक्रम समन्वयक (उपायुक्त) मनरेगा के क्रियान्वयन की कड़ी निगरानी करें। पखवाड़ा रिपोर्ट प्रशासनिक विभाग को भेजें।
अनुपालनहीनता पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी
सरकार ने चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की अनुपालनहीनता पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी जो जम्मू-कश्मीर सिविल सेवा नियमों और अन्य लागू प्रावधानों के तहत होगी। प्रदेश में मनरेगा के क्रियान्वयन में बीते साल की पहली तिमाही की समीक्षा में गाज संबंधित बीडीओ पर गिरी थी। इसमें सरकार ने 80 बीडीओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ ही उनका मानदेय रोकने के निर्देश दिए थे।