सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   Ten months after the cloudburst tragedy, homes remain buried under debris.

Kathua News: बादल फटने की त्रासदी के 10 माह बाद भी मलबे में दबे हैं आशियाना

विज्ञापन
Ten months after the cloudburst tragedy, homes remain buried under debris.
बाढ़ से मलबे में दबे अपने आ​शियाने को देखता भेड़ बलोड़ गांव का करण सिंह
विज्ञापन
प्रशासनिक मदद की आस में जी रहे लोग, परिवार ने लोगों से लगाई मदद की गुहार

बारिश आते ही करण सिंह की सहम जाती हैं मासूम बेटियां

संवाद न्यूज एजेंसी

कठुआ। पंचायत भेड-बलोड में रहने वाला करण सिंह का परिवार आज भी 22 अगस्त 2025 को बादल फटने से आई भयावह बाढ़ और मलबे की त्रासदी से उबर नहीं पाया है। आपदा को लगभग 10 माह बीत चुके हैं, लेकिन परिवार का आशियाना अब भी मलबे में दबा नजर आ रहा है। दिनभर रोजी-रोटी का संघर्ष और रात को घर से मलबा हटाने का जद्दोजहद, यही उनकी जिंदगी बन गई है। कई मकान मलबे मे दबे हैं।
पीड़ित परिवार का कहना है कि अब तक उन्हें कोई प्रशासनिक सहायता नहीं मिली है। करण सिंह बताते हैं कि बाढ़ ने उनके नए बनाए घर को पूरी तरह तबाह कर दिया था। घर के भीतर रखा गैस चूल्हा, सिलाई मशीन, बिस्तर, कपड़े और अन्य घरेलू सामान सब मलबे में दबकर नष्ट हो गया। सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी के कारण वे अपने हाथों से ही मलबा हटाने में जुटे हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पेशे से ड्राइवर करण सिंह कहते हैं कि इस घर को बनाने में पूरा एक दशक लगा था। त्रासदी के बाद उनका परिवार आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियों से गुजर रहा है। हालात इतने भयावह हैं कि बारिश शुरू होते ही उनकी 10 और 8 वर्ष की बेटियां सहम जाती हैं और मां से कहती हैं कि फिर से बाढ़ आएगी और हम सब मर जाएंगे। बारिश के दौरान बेटियां घंटों सो नहीं पातीं। करण सिंह की पत्नी रीना देवी का कहना है कि त्रासदी के 10 माह बाद भी कोई प्रशासनिक अधिकारी उनके घर का निरीक्षण करने नहीं आया।
विज्ञापन
Trending Videos

परिवार खुले में बिस्तर डालकर सोने के लिए मजबूर है। उनका कहना है कि सरकारी मदद न मिलने से उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। दिनभर मेहनत कर रोजी-रोटी कमाना और फिर घर से मलबा हटाना, उनकी रोज की कहानी बन गई है। दो माह बाद बरसात का मौसम फिर आने वाला है, परिवार को डर सताने लगा है। करण सिंह ने आरोप लगाया कि प्रशासन और सरकार ने मदद का आश्वासन तो दिया था लेकिन वह केवल फाइलों तक ही सीमित रह गया। परिवार ने लोगों से मदद की गुहार लगाई है ताकि उनका आशियाना फिर से रहने योग्य बन सके।

दो माह बाद शुरू होने वाली बरसात का सताने लगा डर

पीड़ित परिवार का कहना है कि दो माह बाद दोबारा बरसात का मौसम आने वाला है, जिसका उन्हें डर सताने लगा है। करण सिंह का आरोप है कि जिला प्रशासन और सरकार ने सरकारी मदद का आश्वासन दिया था लेकिन सिर्फ फाइल बनी पर मदद का अब भी इंतजार है। आगामी बरसात को देखते हुए परिवार ने लोगों से मदद की गुहार लगाई है, ताकि उनका आशियाना फिर से रहने लायक बन सके।

बाढ़ से मलबे में दबे अपने आशियाने को देखता भेड़ बलोड़ गांव का करण सिंह

बाढ़ से मलबे में दबे अपने आशियाने को देखता भेड़ बलोड़ गांव का करण सिंह

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed