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कठुआ बॉर्डर पर साजिश की आशंका: बोबिया में घुसपैठ की कोशिश आतंकियों की रेकी की चाल तो नहीं, एजेंसियां अलर्ट

Tue, 14 Jul 2026 11:30 AM IST
Nikita Gupta साहिल खजूरिया, संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
साहिल खजूरिया, संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ Published by: Nikita Gupta Updated Tue, 14 Jul 2026 11:30 AM IST
सार

कठुआ के बोबिया सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ की कोशिश के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इसे संभावित रेकी की चाल मानते हुए सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है। घटना के बाद सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है।

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Terrorists have been using infiltrators to gauge the level of vigilance at the border and to create a diversio
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा नब्बे के दशक से ही घुसपैठ को लेकर संवेदनशील रही है। हीरानगर सेक्टर में बोबिया में रविवार दोपहर घुसपैठ की कोशिश कोई पहली घटना नहीं है। इसे लेकर सुरक्षा एजेंसियां भी लगातार सतर्क हैं। सूत्र बताते हैं कि बोबिया की घटना आतंकी संगठनों की ओर से रेकी की चाल हो सकती है।

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किसी बड़ी घुसपैठ से पहले भारतीय सुरक्षाबलों की मुस्तैदी और अलर्टनेस का स्तर आंकने के लिए आतंकी संगठनों की ये कोशिश हो सकती है। इसे देखते हुए सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। बोबिया पोस्ट पर घुसपैठिया घायल होने के बाद जान बचाकर पाकिस्तानी सीमा में भाग गया था। सूत्रों की मानें तो बीएसएफ ने पाकिस्तानी रेंजर्स के साथ फ्लैग मीटिंग भी की और विरोध दर्ज करवाया है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं की गई है। अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन जारी रखा है। सोमवार दोपहर बाद सपवालवां इलाके में सघन तलाशी अभियान चला गया।

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कभी ड्रोन की तो कभी तारबंदी काटकर घुसपैठ
पिछले तीन दशक में पाकिस्तान ने हर बार पैंतरे बदलकर आतंकियों की घुसपैठ कराने का षड्यंत्र रचा। कभी नदी-नालों से तो कभी तारबंदी को काटकर और सुरंगों में छिपकर घुसपैठ की गई। बाद में ड्रोन की घुसपैठ कराकर हथियार भारतीय सीमा में फेंकने के मामले सामने आते रहे हैं। शुरुआती दौर में हीरानगर और सांबा सेक्टर के दरियाई नालों का प्रयोग कर खुले रास्तों से घुसपैठ की गई। यहां से घुसपैठ के बाद आतंकी कठुआ और उधमपुर जिले के पहाड़ी इलाकों से होते हुए कश्मीर तक पहुंचते रहे। इतना ही नहीं, ट्रकों में छिपकर आतंकियों के कश्मीर पहुंचने का षड्यंत्र भी रचा जाता रहा है।

बरसात में नदी-नालों की आड़ लेते रहे हैं आतंकी
बरसात के बीच सीमावर्ती इलाकों में नदी नालों का सहारा लेकर आतंकी पहले भी घुसपैठ की कोशिशें करते रहे हैं। ऐसे में निगरानी तंत्र को और भी बढ़ा दिया गया है। खास तौर से पाकिस्तान की ओर बहने वाले नदी नालों और घुसपैठ के पुराने रूट पर नजर रखी जा रही है।

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