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Poonch News: मां को जिंदा देख बेटों की छलकी आंखें, बच्चों की तरह लिपट कर रोए
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लापता महिला को परिवार से मिलाने के बाद उसे उसके घर जाने के लिए विदा करते पुलिस अधिकारी।
- फोटो : punch news
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पुंछ। जिले के सुरनकोट तहसील मुख्यालय स्थित पुलिस थाने में वीरवार देर शाम को बड़ा ही भावुक माहौल देखने को मिला। सुरनकोट पुलिस ने एसएचओ आबिद हुसैन बुखारी की अगुवाई में मानसिक रूप से कमजोर बुजुर्ग महिला को 11 वर्षों के बाद उसके परिवार से मिलाया।
उत्तर प्रदेश के जिला बागपत के गांव दोज निवासी सतीश कुमार और बुद्धू कुमार ने थाने में अपनी वृद्ध मां लाजवंती को जीवित देखा तो उनकी आंखें छलक आईं। वह अपनी मां से बच्चों की तरह लिपट कर रोने लगे। उनके साथ आए लाजवंती का पोता और दोहता भी रो पडे़। इससे वहां मौजूद पुलिस वालों की आंखें भी नम हो गईं।
महिला के बेटों के अनुसार उनकी मां करीब 11 वर्ष पहले अचानक घर से लापता हो गई थी। इसके बाद काफी तलाश के उपरांत भी उसका कोई पता न चला तो हमने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई लेकिन जब काफी समय तक उसका पता नहीं चला तो हमने अपनी परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार कर दिया। हमने तो कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि हम अपनी मां को दोबारा देख पाएंगे। एसएचओ सुरनकोट का बार बार आभार प्रकट करते हुए दोनों भाई उन्हे ढेरों दुआंए देते हुए कह रहे थे कि हम आपका यह अहसान कभी नहीं चुका सकते हैं।
एसएचओ के अनुसार सुरनकोट तहसील मुख्यालय पर इस मानसिक रूप से कमजोर वृद्ध महिला को घूमते देखकर मैंने कई बार उससे बात करने का प्रयास किया। उससे केवल इतना ही पता चला कि उसका संबंध दोज उत्तर प्रदेश से है। इस पर हमने गूगल से गांव दोज का पता लगाया कि वह उत्तर प्रदेश के कौन से जिले में है। उसके उपरांत करीब एक हफ्ते के कडे़ प्रयासों से पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस के माध्यम से दोज गांव में इस वृद्धा मां लाजवंती के घर का पता लगाया। इसके उपरांत लाजवंती के दो बेटे, एक दोहता और पोता सुरनकोट थाने पहुंचे और अपनी मां को पहचान लिया। इसके बाद एसएचओ ने वृद्ध महिला को शाल और नए कपड़े पहनाकर बेटों के साथ विदा किया। उधर सुरनकोट पुलिस के इस प्रयास की लोगों ने सराहना की।
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उत्तर प्रदेश के जिला बागपत के गांव दोज निवासी सतीश कुमार और बुद्धू कुमार ने थाने में अपनी वृद्ध मां लाजवंती को जीवित देखा तो उनकी आंखें छलक आईं। वह अपनी मां से बच्चों की तरह लिपट कर रोने लगे। उनके साथ आए लाजवंती का पोता और दोहता भी रो पडे़। इससे वहां मौजूद पुलिस वालों की आंखें भी नम हो गईं।
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महिला के बेटों के अनुसार उनकी मां करीब 11 वर्ष पहले अचानक घर से लापता हो गई थी। इसके बाद काफी तलाश के उपरांत भी उसका कोई पता न चला तो हमने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई लेकिन जब काफी समय तक उसका पता नहीं चला तो हमने अपनी परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार कर दिया। हमने तो कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि हम अपनी मां को दोबारा देख पाएंगे। एसएचओ सुरनकोट का बार बार आभार प्रकट करते हुए दोनों भाई उन्हे ढेरों दुआंए देते हुए कह रहे थे कि हम आपका यह अहसान कभी नहीं चुका सकते हैं।
एसएचओ के अनुसार सुरनकोट तहसील मुख्यालय पर इस मानसिक रूप से कमजोर वृद्ध महिला को घूमते देखकर मैंने कई बार उससे बात करने का प्रयास किया। उससे केवल इतना ही पता चला कि उसका संबंध दोज उत्तर प्रदेश से है। इस पर हमने गूगल से गांव दोज का पता लगाया कि वह उत्तर प्रदेश के कौन से जिले में है। उसके उपरांत करीब एक हफ्ते के कडे़ प्रयासों से पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस के माध्यम से दोज गांव में इस वृद्धा मां लाजवंती के घर का पता लगाया। इसके उपरांत लाजवंती के दो बेटे, एक दोहता और पोता सुरनकोट थाने पहुंचे और अपनी मां को पहचान लिया। इसके बाद एसएचओ ने वृद्ध महिला को शाल और नए कपड़े पहनाकर बेटों के साथ विदा किया। उधर सुरनकोट पुलिस के इस प्रयास की लोगों ने सराहना की।