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Poonch News: डीडीसी ने राजोरी में नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण किया
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नशा मुक्ति केंद्र का औचक निरीक्षण करते डीडीसी।
- फोटो : rajori news
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राजोरी। जिला विकास आयुक्त (डीडीसी) राजोरी अभिषेक शर्मा ने रविवार को नशा मुक्ति केंद्र का औचक निरीक्षण किया। केंद्र की कार्यप्रणाली और मरीजों को दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन किया।
निरीक्षण के दौरान डीडीसी ने केंद्र के विभिन्न सेक्शनों का जायजा लिया तथा मरीजों और स्टाफ से बातचीत की। उन्होंने दवाइयों की उपलब्धता, काउंसलिंग सेवाओं और केंद्र के समग्र प्रबंधन की समीक्षा की। उन्होंने नशा मुक्ति उपचार प्राप्त कर रहे मरीजों के साथ संवेदनशील और पेशेवर व्यवहार अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस दौरान जानकारी दी गई कि डीडीसी के निर्देशों पर एसोसिएटेड हॉस्पिटल जीएमसी में मनोचिकित्सा एवं नशा मुक्ति वार्ड को संचालित कर दिया गया है। 180 बेड वाले आईपीडी ब्लॉक में इसके लिए कुल 10 बेड निर्धारित किए गए हैं। मनोचिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष (एचओडी) को इस 10 बेड वार्ड का प्रभार संभालने और मरीजों को विशेषज्ञ देखभाल व प्रभावी उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीडीसी ने नशे की समस्या से निपटने के लिए संस्थागत तंत्र को मजबूत करने पर बल दिया और संबंधित अधिकारियों को पर्याप्त स्टाफिंग, नियमित निगरानी और बेहतर मरीज देखभाल सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला एवं अन्य विभागीय अधिकारी भी डीडीसी के साथ मौजूद रहे।
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निरीक्षण के दौरान डीडीसी ने केंद्र के विभिन्न सेक्शनों का जायजा लिया तथा मरीजों और स्टाफ से बातचीत की। उन्होंने दवाइयों की उपलब्धता, काउंसलिंग सेवाओं और केंद्र के समग्र प्रबंधन की समीक्षा की। उन्होंने नशा मुक्ति उपचार प्राप्त कर रहे मरीजों के साथ संवेदनशील और पेशेवर व्यवहार अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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इस दौरान जानकारी दी गई कि डीडीसी के निर्देशों पर एसोसिएटेड हॉस्पिटल जीएमसी में मनोचिकित्सा एवं नशा मुक्ति वार्ड को संचालित कर दिया गया है। 180 बेड वाले आईपीडी ब्लॉक में इसके लिए कुल 10 बेड निर्धारित किए गए हैं। मनोचिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष (एचओडी) को इस 10 बेड वार्ड का प्रभार संभालने और मरीजों को विशेषज्ञ देखभाल व प्रभावी उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीडीसी ने नशे की समस्या से निपटने के लिए संस्थागत तंत्र को मजबूत करने पर बल दिया और संबंधित अधिकारियों को पर्याप्त स्टाफिंग, नियमित निगरानी और बेहतर मरीज देखभाल सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला एवं अन्य विभागीय अधिकारी भी डीडीसी के साथ मौजूद रहे।
