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Rajouri News: राजोरी में मिलावट खोरी के खिलाफ चला विशेष चेंकिंग अभियान
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दूध उबालने पर रबर बनने के बाद शिकायतों पर शुरू की गई सख्ती
एक सप्ताह तक चलेगी मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई
फोटो-
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोेरी। शहर व आसपास के क्षेत्रों में दूध की गुणवत्ता को लेकर वायरल हुई शिकायतों के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने रविवार को राजोेरी शहर में विशेष प्रवर्तन एवं सैंपलिंग अभियान शुरू किया। यह अभियान आयुक्त खाद्य सुरक्षा जम्मू-कश्मीर खालिद जहांगीर के निर्देशों पर उपभोक्ताओं को सुरक्षित, शुद्ध एवं गुणवत्तायुक्त दूध उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाया गया।
जनता की शिकायतों का तत्काल संज्ञान लेते हुए सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा राजोेरी/पुंछ तारिक महमूद के नेतृत्व में तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज कुमार की मौजूदगी में विभागीय टीम ने शहर के विभिन्न दूध विक्रेताओं, डेयरी प्रतिष्ठानों तथा दूध एवं दुग्ध उत्पादों से जुड़े खाद्य कारोबारियों का व्यापक निरीक्षण किया।
अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों एवं विनियमों के अनुसार दूध एवं विभिन्न दुग्ध उत्पादों के वैधानिक नमूने एकत्र किए गए। इन नमूनों को विस्तृत जांच के लिए नेशनल अक्करीडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेटरीज यानि एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला भेजा गया है, ताकि दूध की गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच की जा सके और यह पता लगाया जा सके कि दूध खराब होने के पीछे वास्तविक कारण क्या हैं।
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खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि संबंधित दूध एवं दुग्ध उत्पाद निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं या नहीं। यदि जांच में मिलावट, दूषण, अनुचित भंडारण, लापरवाही अथवा गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी पाई जाती है, तो संबंधित खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने बताया कि यह विशेष निगरानी अभियान आगामी एक सप्ताह तक जारी रहेगा।
इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से दूध एवं दुग्ध उत्पादों के अतिरिक्त नमूने भी एकत्र किए जाएंगे। साथ ही डेयरी इकाइयों, दूध संग्रह केंद्रों, खुदरा विक्रेताओं तथा अन्य दूध विक्रेताओं का नियमित निरीक्षण कर खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
लाइसेंसधारी व पंजीकृत दुकानों से खरीदें दूध
साथ ही आम जनता से भी आग्रह किया गया है कि वे केवल लाइसेंसधारी एवं पंजीकृत खाद्य व्यवसाय संचालकों से ही दूध एवं दुग्ध उत्पाद खरीदें। यदि किसी भी प्रकार की खाद्य मिलावट, असुरक्षित खाद्य पदार्थ या संदिग्ध गुणवत्ता की जानकारी मिले तो इसकी तुरंत सूचना खाद्य सुरक्षा विभाग को दें, ताकि जनहित एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
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एक सप्ताह तक चलेगी मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई
फोटो-
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोेरी। शहर व आसपास के क्षेत्रों में दूध की गुणवत्ता को लेकर वायरल हुई शिकायतों के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने रविवार को राजोेरी शहर में विशेष प्रवर्तन एवं सैंपलिंग अभियान शुरू किया। यह अभियान आयुक्त खाद्य सुरक्षा जम्मू-कश्मीर खालिद जहांगीर के निर्देशों पर उपभोक्ताओं को सुरक्षित, शुद्ध एवं गुणवत्तायुक्त दूध उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाया गया।
जनता की शिकायतों का तत्काल संज्ञान लेते हुए सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा राजोेरी/पुंछ तारिक महमूद के नेतृत्व में तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज कुमार की मौजूदगी में विभागीय टीम ने शहर के विभिन्न दूध विक्रेताओं, डेयरी प्रतिष्ठानों तथा दूध एवं दुग्ध उत्पादों से जुड़े खाद्य कारोबारियों का व्यापक निरीक्षण किया।
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अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों एवं विनियमों के अनुसार दूध एवं विभिन्न दुग्ध उत्पादों के वैधानिक नमूने एकत्र किए गए। इन नमूनों को विस्तृत जांच के लिए नेशनल अक्करीडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेटरीज यानि एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला भेजा गया है, ताकि दूध की गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच की जा सके और यह पता लगाया जा सके कि दूध खराब होने के पीछे वास्तविक कारण क्या हैं।
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खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि संबंधित दूध एवं दुग्ध उत्पाद निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं या नहीं। यदि जांच में मिलावट, दूषण, अनुचित भंडारण, लापरवाही अथवा गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी पाई जाती है, तो संबंधित खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने बताया कि यह विशेष निगरानी अभियान आगामी एक सप्ताह तक जारी रहेगा।
इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से दूध एवं दुग्ध उत्पादों के अतिरिक्त नमूने भी एकत्र किए जाएंगे। साथ ही डेयरी इकाइयों, दूध संग्रह केंद्रों, खुदरा विक्रेताओं तथा अन्य दूध विक्रेताओं का नियमित निरीक्षण कर खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
लाइसेंसधारी व पंजीकृत दुकानों से खरीदें दूध
साथ ही आम जनता से भी आग्रह किया गया है कि वे केवल लाइसेंसधारी एवं पंजीकृत खाद्य व्यवसाय संचालकों से ही दूध एवं दुग्ध उत्पाद खरीदें। यदि किसी भी प्रकार की खाद्य मिलावट, असुरक्षित खाद्य पदार्थ या संदिग्ध गुणवत्ता की जानकारी मिले तो इसकी तुरंत सूचना खाद्य सुरक्षा विभाग को दें, ताकि जनहित एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।