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West Asia Crisis: अमेरिका ने फिर की ईरान पर बमबारी, धमाकों से दहले कई इलाके; तेहरान ने दिया क्या जवाब?

Mon, 13 Jul 2026 04:23 AM IST
Devesh Tripathi वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन/तेहरान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन/तेहरान Published by: Devesh Tripathi Updated Mon, 13 Jul 2026 04:23 AM IST
सार

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक और सैन्य अभियान चलाते हुए कहा कि इसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने की ईरानी क्षमता को कमजोर करना है। सेंटकॉम के अनुसार कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर की गई। ईरान ने इन हमलों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी।

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US launches fresh strikes on Iran says attacks to protect transit in Hormuz-targeted-tehrans-attack-capability
पश्चिम एशिया में संघर्ष - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अमेरिका ने रविवार (स्थानीय समय) को ईरान पर एक बार फिर सैन्य हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले नागरिक नाविकों और वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने की ईरान की क्षमता को और कमजोर करना है।
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सेंटकॉम ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति के निर्देश पर की गई है, ताकि ईरानी बलों को उनके कदमों के लिए जवाबदेह ठहराया जा सके।

अमेरिकी हमलों पर क्या बोला ईरान?
ईरान के विदेश मंत्रालय ने पिछले 24 घंटों में हुए अमेरिकी सैन्य हमलों की कड़ी निंदा करते हुए उन्हें संयुक्त राष्ट्र चार्टर का घोर उल्लंघन बताया है। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि इन हमलों ने पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के हालिया प्रयासों को कमजोर किया है। विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी कि अगर कोई देश अपनी जमीन या सैन्य सुविधाओं का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के लिए करने की अनुमति देता है, तो ऐसे हमलों के स्रोत को ईरानी सशस्त्र बल आत्मरक्षा के तहत "वैध सैन्य लक्ष्य" मान सकते हैं।
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मंत्रालय ने मस्कट में हुई वार्ता के नतीजों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के कथित बयान को भी खारिज किया। ईरान ने इसे "पूरी तरह झूठ" बताते हुए कहा कि बातचीत का मुख्य विषय होर्मुज जलडमरूमध्य और समुद्री जहाजों की आवाजाही के प्रबंधन से जुड़े इंतजाम थे।  ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सचिवालय की प्रतिक्रिया की भी आलोचना की और संयुक्त राष्ट्र महासचिव तथा सुरक्षा परिषद से अमेरिकी कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की मांग की।
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अमेरिकी सेना ने हमलों को लेकर क्या कहा?
सेंटकॉम ने कहा, "आज शाम 5 बजे (ईटी) अमेरिकी सेंट्रल कमांड की सेनाओं ने ईरान पर एक और दौर के हमले शुरू किए। इनका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से स्वतंत्र रूप से गुजरने वाले नागरिक नाविकों और वाणिज्यिक जहाजों पर हमले करने की ईरान की क्षमता को और कमजोर करना है। राष्ट्रपति ने ईरानी बलों को जवाबदेह ठहराने के लिए इन हमलों का निर्देश दिया है।"

अमेरिकी कार्रवाई के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी के अनुसार, हमलों के बाद दक्षिणी ईरान के जास्क, बंदर अब्बास और सीरिक शहरों में तीन विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।

संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य टकराव पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हालिया घटनाक्रम क्षेत्र और दुनिया दोनों के लिए गंभीर परिणाम लेकर आ सकते हैं। गुटेरेस ने एक्स पर लिखा, "मैं खाड़ी क्षेत्र में गंभीर तनाव और ईरान-अमेरिका के बीच फिर से शुरू हुए सैन्य टकराव को लेकर बेहद चिंतित हूं। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर ईरान के हमले, ईरान पर अमेरिका के हमले और पड़ोसी देशों में ईरान की ओर से किए गए हमले शामिल हैं। इन सभी हमलों को तुरंत रुकना चाहिए।"

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हालात फिर पूर्ण युद्ध की ओर बढ़ते हैं तो इसके क्षेत्र के लोगों, अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर "विनाशकारी परिणाम" होंगे। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने अमेरिका और ईरान से तत्काल बातचीत फिर शुरू करने और सभी लंबित मुद्दों का समाधान कूटनीति के जरिए निकालने की अपील की। उन्होंने कहा, "मैं ईरान और अमेरिका से आग्रह करता हूं कि वे तुरंत वार्ता फिर शुरू करें और सभी लंबित मुद्दों का समाधान कूटनीतिक तरीके से करें।"

ईरान में 140 ठिकानों को बनाया निशाना
इससे पहले शनिवार (स्थानीय समय) को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस सप्ताह ईरान के खिलाफ तीसरे दौर के हमले पूरे किए थे। सेंटकॉम ने कहा था कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में एक अन्य वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले के लिए ईरानी बलों को जवाबदेह ठहराने के उद्देश्य से की गई।

सेंटकॉम के अनुसार, अमेरिकी सेना ने जमीन और समुद्र से संचालित लड़ाकू विमानों, ड्रोन और नौसैनिक जहाजों की मदद से करीब 140 ईरानी सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए। इनमें मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट, नौसैनिक ठिकाने, हथियार भंडार, संचार नेटवर्क और तटीय निगरानी केंद्र शामिल थे।

ट्रंप ने किया था क्या दावा?
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य वाणिज्यिक जहाजों के लिए खुला है। उन्होंने क्षेत्र पर नियंत्रण को लेकर ईरान के दावों को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बावजूद इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही जारी है।


एनबीसी के कार्यक्रम मीट द प्रेस में ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ हालिया कूटनीतिक प्रयास पूरी तरह विफल हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि शनिवार को हुई बातचीत के दौरान ईरानी प्रतिनिधि कई अहम रियायतों पर सहमत हो गए थे। उनके अनुसार, इसमें परमाणु कार्यक्रम और सैन्य गतिविधियों को पूरी तरह छोड़ने जैसे मुद्दे भी शामिल थे।
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