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जाट समुदाय की हमेशा ही अनदेखी की जाती रही है : चौधरी
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सांबा। जाट बिरादरी की ओर से रामगढ़ स्थित पैलेस में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में चौधरी शमशेर सिंह, पूर्व डीडीसी अनिता चौधरी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
पूर्व डीडीसी अनीता चौधरी ने कहा कि जाट समुदाय की हमेशा ही अनदेखी की जाती रही है। पहली बार रामगढ़ को विधानसभा क्षेत्र बनाया गया। जाटों की अधिक संख्या होने के बावजूद भी सीट आरक्षित कर दी गई। क्षेत्र में बहने वाले बंसतर दरिया का बांध गत वर्ष 2014 में भारी बारिश के कारण टूट गया था। जाटों की तीन पंचायतों के किसान प्रभावित हुए थे उन्हें भी कोई राहत सहायता नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि सीमा के निकट सुरक्षा बांध बनाया जा रहा है। किसानों की खेती की भूमि उसकी जद्द में आ गई है। विस्थापित जाटों को कोई मुआवजा नहीं दिया जा रहा है क्योंकि उनकी अलाट भूमि का मालिकाना अधिकार ही नहीं मिला है। यही नहीं 2018 में रामगढ़ क्षेत्र के सीमावर्ती ग्रामीणों के बच्चों के लिए सरकारी डिग्री कालेज मिला था वह भी एक साजिश के तहत राड़ा में ले जाया गया। इसका भी हमारी बिरादरी के सदस्यों को कोई लाभ नहीं मिला है। न ही जाट सभा के किसी सदस्य ने इसका विरोध किया है। अनीता चौधरी ने कहा कि आज जो जाटों के ठेकेदार बन रहे हैं, उन्होंने जाटों के लिए क्या किया है। जाट उनसे हिसाब मांग रहे हैं। इसी बीच विशेष अतिथि के रूप में कमल आसला भी कार्यक्रम में पहुंचे। इस अवसर पर प्रधान चौधरी शमशेर सिंह, अनिता चौधरी व अन्य सदस्यों ने उन्हें समाज के लिए किए जा रहे बेहतरीन कार्यों के लिए सम्मानित किया।
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पूर्व डीडीसी अनीता चौधरी ने कहा कि जाट समुदाय की हमेशा ही अनदेखी की जाती रही है। पहली बार रामगढ़ को विधानसभा क्षेत्र बनाया गया। जाटों की अधिक संख्या होने के बावजूद भी सीट आरक्षित कर दी गई। क्षेत्र में बहने वाले बंसतर दरिया का बांध गत वर्ष 2014 में भारी बारिश के कारण टूट गया था। जाटों की तीन पंचायतों के किसान प्रभावित हुए थे उन्हें भी कोई राहत सहायता नहीं दी गई।
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उन्होंने कहा कि सीमा के निकट सुरक्षा बांध बनाया जा रहा है। किसानों की खेती की भूमि उसकी जद्द में आ गई है। विस्थापित जाटों को कोई मुआवजा नहीं दिया जा रहा है क्योंकि उनकी अलाट भूमि का मालिकाना अधिकार ही नहीं मिला है। यही नहीं 2018 में रामगढ़ क्षेत्र के सीमावर्ती ग्रामीणों के बच्चों के लिए सरकारी डिग्री कालेज मिला था वह भी एक साजिश के तहत राड़ा में ले जाया गया। इसका भी हमारी बिरादरी के सदस्यों को कोई लाभ नहीं मिला है। न ही जाट सभा के किसी सदस्य ने इसका विरोध किया है। अनीता चौधरी ने कहा कि आज जो जाटों के ठेकेदार बन रहे हैं, उन्होंने जाटों के लिए क्या किया है। जाट उनसे हिसाब मांग रहे हैं। इसी बीच विशेष अतिथि के रूप में कमल आसला भी कार्यक्रम में पहुंचे। इस अवसर पर प्रधान चौधरी शमशेर सिंह, अनिता चौधरी व अन्य सदस्यों ने उन्हें समाज के लिए किए जा रहे बेहतरीन कार्यों के लिए सम्मानित किया।