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Rajouri News: राजोेरी के मुक्केबाज ने सब-जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में जीता स्वर्ण
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-6 से 13 अगस्त तक नोएडा में हुई चैंपियनशिप, लगातार पांच मुकाबले जीते
-फाइनल में मणिपुर के नेल्सन ख्वाइराकपम को हराकर जीता राष्ट्रीय खिताब
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। राजोेरी के 9वीं कक्षा के छात्र मोहम्मद यासर (14) ने 6 से 13 अगस्त तक उत्तर प्रदेश के नोएडा में आयोजित चौथी सब-जूनियर राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है। राजोेरी स्थित खेलो इंडिया बॉक्सिंग सेंटर के प्रशिक्षु यासर ने दृढ़ संकल्प, अनुशासन और तीक्ष्ण तकनीक से सभी को प्रभावित किया। 52-55 किलोग्राम भार वर्ग की प्रतिस्पर्धा में उन्होंने लगातार पांच मुकाबले जीते। मणिपुर के नेल्सन ख्वाइराकपम को रोमांचक फाइनल में हराकर राष्ट्रीय खिताब जीता।
यासर की मां नसीम अख्तर घरेलू सहायिका हैं। पिता का छह साल पहले निधन हो गया था। सीमित संसाधनों के बावजूद खेल के प्रति उनके समर्पण ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सफलता दिलाई है। मां नसीम ने बताया कि हमारे घर में मोबाइल भी नहीं है। यासर बहुत मेहनती है। यह जीत उसकी लगन का नतीजा है। यासर के कोच इश्ताक मलिक ने युवा एथलीट को निखारने में अहम भूमिका निभाई। मलिक ने बताया कि एक कोच के रूप में उनके व जम्मू-कश्मीर के लिए गर्व का क्षण है। मुझे लगता है कि हमें सब-जूनियर में अंडर-14 वर्ग में स्वर्ण पदक जीते हुए 20 साल से ज्यादा हो गए हैं। हमने रजत पदक जीते हैं, कांस्य जीते हैं, लेकिन आज पहली बार स्वर्ण जीता है। उन्होंने जमीनी स्तर के एथलीटों के पोषण के लिए खेलो इंडिया योजना को भी श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि वह खेलो इंडिया जैसी योजनाएं लाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के आभारी हैं। इससे कई चैंपियन एथलीट आए हैं। इन योजनाओं की वजह से बच्चों को आगे बढ़ने का मौका मिला है। मलिक ने यासिर के लिए आर्थिक मदद और छात्रवृत्ति की भी मांग की है।
सुबह-शाम करता था अभ्यास
स्वर्ण विजेता यासर ने बताया कि वह सुबह अभ्यास करता था। इसके स्कूल जाता था और शाम को फिर ट्रेनिंग करता था। इस सफलता का सारा श्रेय मेरे कोच को जाता है। अब ईश्वर की इच्छा से मैं भारतीय टीम में जाऊँगा। वहीं अनुभवी मुक्केबाज और जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल के पूर्व संभागीय खेल अधिकारी राजन शर्मा ने यासिर की इस उपलब्धि की सराहना की है।
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-फाइनल में मणिपुर के नेल्सन ख्वाइराकपम को हराकर जीता राष्ट्रीय खिताब
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। राजोेरी के 9वीं कक्षा के छात्र मोहम्मद यासर (14) ने 6 से 13 अगस्त तक उत्तर प्रदेश के नोएडा में आयोजित चौथी सब-जूनियर राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है। राजोेरी स्थित खेलो इंडिया बॉक्सिंग सेंटर के प्रशिक्षु यासर ने दृढ़ संकल्प, अनुशासन और तीक्ष्ण तकनीक से सभी को प्रभावित किया। 52-55 किलोग्राम भार वर्ग की प्रतिस्पर्धा में उन्होंने लगातार पांच मुकाबले जीते। मणिपुर के नेल्सन ख्वाइराकपम को रोमांचक फाइनल में हराकर राष्ट्रीय खिताब जीता।
यासर की मां नसीम अख्तर घरेलू सहायिका हैं। पिता का छह साल पहले निधन हो गया था। सीमित संसाधनों के बावजूद खेल के प्रति उनके समर्पण ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सफलता दिलाई है। मां नसीम ने बताया कि हमारे घर में मोबाइल भी नहीं है। यासर बहुत मेहनती है। यह जीत उसकी लगन का नतीजा है। यासर के कोच इश्ताक मलिक ने युवा एथलीट को निखारने में अहम भूमिका निभाई। मलिक ने बताया कि एक कोच के रूप में उनके व जम्मू-कश्मीर के लिए गर्व का क्षण है। मुझे लगता है कि हमें सब-जूनियर में अंडर-14 वर्ग में स्वर्ण पदक जीते हुए 20 साल से ज्यादा हो गए हैं। हमने रजत पदक जीते हैं, कांस्य जीते हैं, लेकिन आज पहली बार स्वर्ण जीता है। उन्होंने जमीनी स्तर के एथलीटों के पोषण के लिए खेलो इंडिया योजना को भी श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि वह खेलो इंडिया जैसी योजनाएं लाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के आभारी हैं। इससे कई चैंपियन एथलीट आए हैं। इन योजनाओं की वजह से बच्चों को आगे बढ़ने का मौका मिला है। मलिक ने यासिर के लिए आर्थिक मदद और छात्रवृत्ति की भी मांग की है।
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सुबह-शाम करता था अभ्यास
स्वर्ण विजेता यासर ने बताया कि वह सुबह अभ्यास करता था। इसके स्कूल जाता था और शाम को फिर ट्रेनिंग करता था। इस सफलता का सारा श्रेय मेरे कोच को जाता है। अब ईश्वर की इच्छा से मैं भारतीय टीम में जाऊँगा। वहीं अनुभवी मुक्केबाज और जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल के पूर्व संभागीय खेल अधिकारी राजन शर्मा ने यासिर की इस उपलब्धि की सराहना की है।