Ladakh: लद्दाख में सजा आस्था का दरबार, 2569वीं बुद्ध पूर्णिमा पर लेह में दिखेंगे भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष
लद्दाख के लेह में 2569वीं बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरावा अवशेष 2 से 14 मई तक जिवेत्सल मैदान में सार्वजनिक दर्शन के लिए रखे जाएंगे।
विस्तार
लद्दाख के लेह शहर में बुद्ध पूर्णिमा पर्व का उत्साह हर तरफ नजर आ रहा है। पूरा शहर रंग-बिरंगे झंडों व फूलों से सजा है। देश-विदेश से मेहमान पहुंच रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी वीरवार को लेह पहुंच चुके हैं। 2569वीं बुद्ध पूर्णिमा के आयोजन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
इस पूरे समारोह का मुख्य आकर्षण हैं गौतम बुद्ध के पवित्र पिपरावा अवशेष। इन्हें लेह के जिवेत्सल मैदान में दो से 14 मई तक सार्वजनिक दर्शन के लिए रखा जाएगा। पारंपरिक वेशभूषा के साथ बड़ी संख्या श्रद्धालु भगवान बुद्ध के जन्मदिवस, बोधि और महापरिनिर्वाण की याद में उत्सव में भाग लेंगे।
लद्दाख बौद्ध संघ इस वार्षिक उत्सव का आयोजन कर रहा है। इसके लिए लेह शहर को झंडों और फूलों से सजाया गया है। स्थानीय भाषा में सका दावा के रूप में जानी जाने वाली बुद्ध पूर्णिमा लद्दाख के सबसे पवित्र त्योहारों में से एक मानी जाती है। शुभ काल में श्रद्धालु प्रार्थना, ध्यान, धर्मग्रंथों का पाठ, बटर लैंप की पेशकश और दान-पुण्य जैसे धार्मिक कार्य करते हैं। अधिकारियों के अनुसार इस साल का उत्सव विशेष महत्व रखता है क्योंकि दुर्लभ सार्वजनिक प्रदर्शन से लद्दाख की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
भव्य स्वागत... : हवाई अड्डे से कैंप तक सड़क के दोनों ओर लोग खड़े होकर गृह मंत्री का स्वागत करने के लिए इंतजार करते नजर आए। इनमें से कई ने पारंपरिक नृत्य भी पेश किए। हवाई अड्डे से अमित शाह इंडो-तिब्बती सीमा पुलिस कैंप पहुंचे, जहां वे अपनी यात्रा के दौरान ठहरेंगे।
प्रदर्शनी कब से कब तक
2 से 10 मई : जीवत्सल में सार्वजनिक दर्शन
11-12 मई : जंस्कार में
13-14 मई : लेह धर्म केंद्र
15 मई : दिल्ली वापसी
भगवान बुद्ध का ज्ञान करुणा, अहिंसा व समानता में निहित
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुद्ध पूर्णिमा के शुभ अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में एलजी ने कहा, भगवान बुद्ध का शाश्वत ज्ञान करुणा, अहिंसा और समानता में निहित है। यही ज्ञान मानवता की आध्यात्मिक मुक्ति और स्थायी शांति की यात्रा को निरंतर प्रकाशित करता है। बदलावों से गुजर रही इस दुनिया में हमें न केवल अपने सामने मौजूद चुनौतियों की याद आती है बल्कि उस अपार शक्ति की भी याद आती है जो हमारी एकता में निहित है। उन्होंने कहा कि बुद्ध पूर्णिमा पर हम सभी संकल्प लें कि भगवान बुद्ध के दिखाए गए ज्ञान के मार्ग पर चलेंगे।
बुद्ध पूर्णिमा पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दीं शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रदेशवासियों को बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने समाज में करुणा, शांति व सद्भाव बनाए रखने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने गौतम बुद्ध की शिक्षाओं को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन व संदेश मानवता को शांति, अहिंसा व करुणा के मार्ग पर प्रेरित करता है। सीएम ने सांप्रदायिक सद्भाव के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह अवसर शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व, भाईचारे और विविधता के सम्मान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने का है।
विशेष विमान से लाए गए हैं पवित्र अवशेष
गौतम बुद्ध के पवित्र पिपरावा अवशेष पूरे विधि-विधान के साथ बीते बुधवार यहां लाए गए। इनके आगमन के साथ ही लद्दाख में ऐतिहासिक आध्यात्मिक उत्सव की शुरुआत हो गई। इन अवशेषों को नई दिल्ली से विशेष विमान से लाया गया था।
अक्तूबर 2025 में जम्मू-कश्मीर के एलजी रूस से लेकर आए थे अवशेष :
एलजी मनोज सिन्हा 19-20 अक्तूबर 2025 को रूस के कलमीकिया से भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष लेकर भारत लाैटे। ये अवशेष रूस के एलिस्टा शहर में स्थित 'गेडेन शेडुप चोइकोरलिंग मठ' में एक प्रदर्शनी के बाद वायुसेना के विशेष विमान से दिल्ली के नेशनल म्यूजियम वापस लाए गए। कलमीकिया यूरोप का एकमात्र बौद्ध बहुल क्षेत्र है, वहां के श्रद्धालुओं ने एक सप्ताह तक इन अवशेषों के दर्शन किए।
