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नशे की तस्करी से आतंक की फंडिंग का खेल: हिजबुल का नार्को-टेरर लिंक बेनकाब, 4 साल से फरार आतंकी मददगार गिरफ्तार

Tue, 18 Aug 2026 11:54 AM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: Nikita Gupta Updated Tue, 18 Aug 2026 11:54 AM IST
सार

प्रदेश जांच एजेंसी (एसआईए) ने हिजबुल मुजाहिदीन के मददगार मनोज कुमार भट उर्फ पिंटू को जम्मू से गिरफ्तार किया है, जो चार साल से फरार था।

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Hizbul associate, absconding for four years, arrested in Jammu.
SIA - फोटो : SIA

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के वित्तीय नेटवर्क और नार्को-टेरर इकोसिस्टम को ध्वस्त करने के अभियान में प्रदेश जांच एजेंसी (एसआईए) कश्मीर ने एक और बड़ा प्रहार किया है। आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के इस नेटवर्क की अहम कड़ी एवं मुख्य मददगार मनोज कुमार भट उर्फ पिंटू को जम्मू से गिरफ्तार कर लिया गया।

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मनोज सीमा पार से नशीले पदार्थों की तस्करी करने और इससे जुटाई रकम से आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिंग में संलिप्त था। वह हिजबुल का जम्मू संभाग में नशीले पदार्थों की बिक्री और वितरण का नेटवर्क संभाल रहा था। एसआईए के एसएसपी ताहिर अशरफ ने बताया कि मनोज जम्मू की रिहाड़ी कॉलोनी (बख्शी नगर) का निवासी है।

वह 2022 में एसआईए थाने में दर्ज एफआईआर के तहत वांछित था। वह चार साल से फरार चल रहा था। जांच अधिकारियों के अनुसार, वह हिजबुल के नार्को-टेरर सिंडिकेट की एक मुख्य कड़ी था। वह सीमा पार पीओके में बैठे हैंडलरों के इशारे पर जम्मू-कश्मीर में भारी मात्रा में नशीले पदार्थों की तस्करी करवाता था। इस ड्रग्स को स्थानीय नेटवर्क के जरिए बेचा जाता था। ड्रग्स मनी का उपयोग आतंकी वारदातों को अंजाम देने और स्थानीय युवाओं को गुमराह करने के लिए किया जा रहा था। 

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200 से अधिक आतंकी पकड़े: शाह
नई दिल्ली। सुरक्षा बलों ने स्वतंत्रता दिवस से पहले आईएसआई समर्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क ध्वस्त कर बड़ी कामयाबी हासिल की। गृह मंत्री अमित शाह ने बताया, 14 राज्यों में चलाए अभियान में गिरोह के 200 से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। यह अभियान आतंक के खिलाफ देश की जीरो टॉलरेंस नीति का शानदार उदाहरण है।

पीओके में बैठे ये हैंडलर भेजते थे ड्रग्स
जांच में इस नार्को-टेरर नेटवर्क के पीछे पीओके में बैठे हिजबुल के दो कथित आतंकी हैंडलरों की भूमिका सामने आई है। इनकी पहचान सोपोर निवासी इम्तियाज अहमद कांडू और बारामुला निवासी मंजूर अहमद खान के रूप में हुई है। ये दोनों सीमा पार से ड्रग्स की खेप भेजने का काम करते थे। एसआईए ने इस नेटवर्क के कथित मुख्य सरगना इम्तियाज कांडू के खिलाफ एक मामले में इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस पहले से ही जारी कराया हुआ है।

मनी ट्रेल खंगालने में मिलेगी मदद
मनोज की गिरफ्तारी से नार्को-टेरर नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन, मनी ट्रेल और इससे जुड़े अन्य मददगारों की पहचान करने में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। एजेंसी अब नेटवर्क के अन्य सदस्यों और सीमा पार से होने वाली फंडिंग के तौर-तरीकों की भी जांच कर रही है।

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एक किलो हेरोइन बरामदगी से खुला नेटवर्क
एसएसपी के मुताबिक, मामले की शुरुआत सोपोर के नौपोरा में जीशान अहमद सोफी और वसीम अहमद खान से एक किलो हेरोइन मिलने से हुई थी। आगे की जांच में सात किलो पोस्त का चूरा, चार किलो पोस्त के बीज और मनोज भट के घर से 15 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। मामले में जब्त मोटरसाइकिल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच जारी है।

एसआईए अब तक इस मामले में छह आरोपियों जीशान अहमद सोफी, वसीम अहमद खान, बशीर अहमद कोहली, मोहम्मद अशरफ लोन, मोहम्मद सलीम खान और जाफरान खान के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है।
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