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Srinagar News: उपराज्यपालने 1,200 पश्मीना पशुपालकों को 1.10 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि बांटी
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संवाद न्यूज एजेंसी
चांगथांग। पशुपालकों की आय और आजीविका को बढ़ावा देने के शुरू की गई प्रोत्साहन योजना के तहत उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने रविवार को 1,200 से अधिक पश्मीना पशुपालकों को 1.10 करोड़ की राशि वितरित की। उपराज्यपाल ने लद्दाख के पश्मीना को टाइमलेस हेरिटेज (कालजयी विरासत) बताते हुए लद्दाख और चांगपा घुमंतू समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा बताया।
पशमीना और उसकी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सुरम्य त्सो मोरीरी झील के किनारे रविवार को लद्दाख खानाबदोश महोत्सव शुरू हुआ। इसमें करीब 1200 पश्मीना पशुपालकों ने भाग लिया। अधिकारियों ने बताया कि पश्मीना को बढ़ावा देने के लिए पांच जुलाई को हुई बैठक में पश्मीना उत्पादकों को उत्पादन के आधार पर 25 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की गई। अधिकारियों के अनुसार, इस योजना से कच्चे पश्मीना के संग्रह में वृद्धि हुई है। जुलाई तक 19 मीट्रिक टन कच्चा पश्मीना एकत्र हो चुका है, जबकि वर्ष 2025 में 16 मीट्रिक टन पश्मीना का संग्रह हुआ था। उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रोत्साहन राशि का 60 प्रतिशत वैज्ञानिक तरीके से पश्मीना बकरियों के प्रजनन पर खर्च किया जाएगा। वहीं 20 प्रतिशत राशि आधुनिक कंघी उपकरणों और बुनियादी ढांचे की व्यवस्था पर खर्च की जाएगी। इसके अलावा 20 प्रतिशत राशि लाभार्थी अपने घरेलू और व्यक्तिगत जरूरतों के लिए उपयोग कर सकेंगे। उपराज्यपाल ने इस अवसर पर ऑल चांगथांग पश्मीना ग्रोअर्स मार्केटिंग कोऑपरेटिव सोसाइटी को 8 करोड़ रुपये का रिवॉल्विंग फंड उपलब्ध कराने की भी घोषणा की। यह सोसाइटी लेह में पश्मीना डी-हेयरिंग संयंत्र का संचालन करती है। इस फंड का उद्देश्य पश्मीना उत्पादकों को उनके उत्पाद का समय पर भुगतान सुनिश्चित करना है। नई व्यवस्था के तहत पश्मीना उत्पादकों को उनकी उपज की कीमत का 50 प्रतिशत भुगतान तत्काल किया जाएगा, जबकि शेष राशि का भुगतान दो महीने के भीतर किया जाएगा। उपराज्यपाल सक्सेना ने पश्मीना क्षेत्र में वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने पर जोर देते हुए पश्मीना उत्पादकों से औसत फाइबर उत्पादन को वर्तमान 200 ग्राम प्रति बकरी से बढ़ाकर कम से कम 350 ग्राम करने का आह्वान किया। उन्होंने कच्चे पश्मीना की स्वच्छता और गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता पर भी बल दिया।
10 हजार से ज्यादा लोगों ने लिया भाग
लद्दाख खानाबदोश महोत्सव में 10,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया, जिनमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ विदेशी पर्यटक भी शामिल रहे। कुछ वर्ष पहले स्थानीय स्तर पर शुरू हुआ यह उत्सव अब एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन के रूप में पहचान बना चुका है। उत्सव के माध्यम से चांगपा समुदाय की पारंपरिक पशुपालन पद्धतियों, हस्तशिल्प, संगीत, नृत्य, खान-पान और जीवनशैली को देश-विदेश के पर्यटकों और दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है। उपराज्यपाल ने कहा कि यह उत्सव चांगथांग की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के साथ-साथ जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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चांगथांग। पशुपालकों की आय और आजीविका को बढ़ावा देने के शुरू की गई प्रोत्साहन योजना के तहत उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने रविवार को 1,200 से अधिक पश्मीना पशुपालकों को 1.10 करोड़ की राशि वितरित की। उपराज्यपाल ने लद्दाख के पश्मीना को टाइमलेस हेरिटेज (कालजयी विरासत) बताते हुए लद्दाख और चांगपा घुमंतू समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा बताया।
पशमीना और उसकी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सुरम्य त्सो मोरीरी झील के किनारे रविवार को लद्दाख खानाबदोश महोत्सव शुरू हुआ। इसमें करीब 1200 पश्मीना पशुपालकों ने भाग लिया। अधिकारियों ने बताया कि पश्मीना को बढ़ावा देने के लिए पांच जुलाई को हुई बैठक में पश्मीना उत्पादकों को उत्पादन के आधार पर 25 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की गई। अधिकारियों के अनुसार, इस योजना से कच्चे पश्मीना के संग्रह में वृद्धि हुई है। जुलाई तक 19 मीट्रिक टन कच्चा पश्मीना एकत्र हो चुका है, जबकि वर्ष 2025 में 16 मीट्रिक टन पश्मीना का संग्रह हुआ था। उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रोत्साहन राशि का 60 प्रतिशत वैज्ञानिक तरीके से पश्मीना बकरियों के प्रजनन पर खर्च किया जाएगा। वहीं 20 प्रतिशत राशि आधुनिक कंघी उपकरणों और बुनियादी ढांचे की व्यवस्था पर खर्च की जाएगी। इसके अलावा 20 प्रतिशत राशि लाभार्थी अपने घरेलू और व्यक्तिगत जरूरतों के लिए उपयोग कर सकेंगे। उपराज्यपाल ने इस अवसर पर ऑल चांगथांग पश्मीना ग्रोअर्स मार्केटिंग कोऑपरेटिव सोसाइटी को 8 करोड़ रुपये का रिवॉल्विंग फंड उपलब्ध कराने की भी घोषणा की। यह सोसाइटी लेह में पश्मीना डी-हेयरिंग संयंत्र का संचालन करती है। इस फंड का उद्देश्य पश्मीना उत्पादकों को उनके उत्पाद का समय पर भुगतान सुनिश्चित करना है। नई व्यवस्था के तहत पश्मीना उत्पादकों को उनकी उपज की कीमत का 50 प्रतिशत भुगतान तत्काल किया जाएगा, जबकि शेष राशि का भुगतान दो महीने के भीतर किया जाएगा। उपराज्यपाल सक्सेना ने पश्मीना क्षेत्र में वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने पर जोर देते हुए पश्मीना उत्पादकों से औसत फाइबर उत्पादन को वर्तमान 200 ग्राम प्रति बकरी से बढ़ाकर कम से कम 350 ग्राम करने का आह्वान किया। उन्होंने कच्चे पश्मीना की स्वच्छता और गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता पर भी बल दिया।
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10 हजार से ज्यादा लोगों ने लिया भाग
लद्दाख खानाबदोश महोत्सव में 10,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया, जिनमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ विदेशी पर्यटक भी शामिल रहे। कुछ वर्ष पहले स्थानीय स्तर पर शुरू हुआ यह उत्सव अब एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन के रूप में पहचान बना चुका है। उत्सव के माध्यम से चांगपा समुदाय की पारंपरिक पशुपालन पद्धतियों, हस्तशिल्प, संगीत, नृत्य, खान-पान और जीवनशैली को देश-विदेश के पर्यटकों और दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है। उपराज्यपाल ने कहा कि यह उत्सव चांगथांग की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के साथ-साथ जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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