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साहित्य और विरासत से जुड़ती है पीढ़ियों की कड़ी: एलजी
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को डॉ. एएच शाह की पुस्तक शारदा से संसद के विमोचन कार्यक्रम में शिरकत की। एलजी ने कहा कि यह किताब सिर्फ इतिहास का लेखाजोखा नहीं है, बल्कि विरासत और उम्मीद, अतीत की बुद्धिमत्ता और वर्तमान की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं के बीच एक सार्थक संवाद है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने पहाड़ी समुदाय की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि उनकी गौरवशाली संस्कृति और सदियों से परंपराओं को सहेजने की उनकी दृढ़ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक शारदा पीठ की प्राचीन सभ्यता की निरंतरता और आधुनिक भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं की जीवंतता पर एक नया दृष्टिकोण देती है। उपराज्यपाल ने कहा इतिहास, सभ्यता और संस्कृति से जुड़ी किताबें अक्सर पीढ़ियों के बीच पुल का काम करती हैं। शारदा से संसद के जरिए डॉ. शाह ने ऐसा ही पुल बनाया है। यह याद दिलाती है कि इतिहास और संस्कृति कभी खत्म नहीं होते, वे हमारे अंदर जीवित रहते हैं। इस मौके पर जम्मू कश्मीर पहाड़ी कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री जफर इकबाल मन्हास, लेखक डॉ. शाह ख़ुश देव माइनी, डॉ. जहांगीर दानिश सहित कई साहित्यकार और पहाड़ी संगठन के सदस्य कार्यक्रम में मौजूद थे। विधायक उड़ी डॉ. सज्जाद शफी, पूर्व डीडीसी चेयरपर्सन बारामुला सफीना बेग, डीआईजी सीकेआर राजीव पांडे, एसएसपी श्रीनगर डॉ. जीवी सुंदीप चक्रवर्ती और जेकेएएसीएल की सचिव हरविंदर कौर भी उपस्थित रहीं।
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श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को डॉ. एएच शाह की पुस्तक शारदा से संसद के विमोचन कार्यक्रम में शिरकत की। एलजी ने कहा कि यह किताब सिर्फ इतिहास का लेखाजोखा नहीं है, बल्कि विरासत और उम्मीद, अतीत की बुद्धिमत्ता और वर्तमान की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं के बीच एक सार्थक संवाद है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने पहाड़ी समुदाय की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि उनकी गौरवशाली संस्कृति और सदियों से परंपराओं को सहेजने की उनकी दृढ़ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक शारदा पीठ की प्राचीन सभ्यता की निरंतरता और आधुनिक भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं की जीवंतता पर एक नया दृष्टिकोण देती है। उपराज्यपाल ने कहा इतिहास, सभ्यता और संस्कृति से जुड़ी किताबें अक्सर पीढ़ियों के बीच पुल का काम करती हैं। शारदा से संसद के जरिए डॉ. शाह ने ऐसा ही पुल बनाया है। यह याद दिलाती है कि इतिहास और संस्कृति कभी खत्म नहीं होते, वे हमारे अंदर जीवित रहते हैं। इस मौके पर जम्मू कश्मीर पहाड़ी कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री जफर इकबाल मन्हास, लेखक डॉ. शाह ख़ुश देव माइनी, डॉ. जहांगीर दानिश सहित कई साहित्यकार और पहाड़ी संगठन के सदस्य कार्यक्रम में मौजूद थे। विधायक उड़ी डॉ. सज्जाद शफी, पूर्व डीडीसी चेयरपर्सन बारामुला सफीना बेग, डीआईजी सीकेआर राजीव पांडे, एसएसपी श्रीनगर डॉ. जीवी सुंदीप चक्रवर्ती और जेकेएएसीएल की सचिव हरविंदर कौर भी उपस्थित रहीं।
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