Jammu Kashmir: कश्मीर में शरद ऋतु में नया रंग लाएगा क्राइसेंथमम गार्डन, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रखी नींव
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में क्राइसेंथमम गार्डन और हाई-टेक नर्सरी की नींव रखी, जो कश्मीर के शरद ऋतु पर्यटन को नया आकर्षण प्रदान करेगा।
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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को श्रीनगर में पोलोव्यू क्षेत्र में एक हाई-टेक फूलों की नर्सरी और बाग-ए-गुल-ए-दावूद (क्राइसेंथमम थीम गार्डन) के उन्नयन के लिए आधारशिला रखी। इस परियोजना की अनुमानित लागत क्रमश 4.83 करोड़ रुपये और 1.869 करोड़ रुपये है। पोलोव्यू स्थित नर्सरी का उद्देश्य न केवल पौधों के संसाधन केंद्र के रूप में कार्य करना है, बल्कि यह एक शैक्षिक हब के रूप में भी काम करेगा। इसमें बागवानी के सस्टेनेबल प्रैक्टिसेज को बढ़ावा देने के लिए कार्यशालाएं और प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे।
क्राइसेंथमम गार्डन, जो 100 कनाल क्षेत्र में फैला होगा, शरद ऋतु के दौरान कश्मीर के पर्यटन दृश्य में नया आकर्षण जोड़ने के लिए तैयार है। यह बाग़ पीले, लाल, गुलाबी और बैंगनी रंगों में खिले हुए क्राइसेंथमम फूलों को प्रदर्शित करेगा, जो कश्मीर के पारंपरिक शरद ऋतु महीनों में सुंदरता और आकर्षण बढ़ाएंगे।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस अवसर पर कश्मीर के बागों की विरासत और पर्यटन में उनके महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “कश्मीर की घाटी अपनी अद्वितीय सुंदरता के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है, और इस आकर्षण के बीच हमारे बागों की एक विशेष जगह है। मुगलों ने चश्मा शाही, निशात, शालीमार और हारवान जैसे ऐतिहासिक बागों का निर्माण किया, और समय के साथ, पर्यटक इन बागों का दौरा किए बिना कश्मीर की यात्रा पूरी नहीं मानते थे।
मुख्यमंत्री ने ट्यूलिप गार्डन के प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा, हमारे पर्यटन सीजन को पहले केवल दो समय सीमाओं तक सीमित किया जाता था सर्दी जब पर्यटक बर्फबारी देखने आते थे और मई में जब लोग बागों और अन्य प्राकृतिक स्थलों का दौरा करते थे। लेकिन ट्यूलिप गार्डन के स्थापना के बाद यह पैटर्न बदल गया और मार्च और अप्रैल में भी पर्यटन सीजन बढ़ गया। यह गार्डन अक्टूबर और नवम्बर में ट्यूलिप गार्डन की तरह पर्यटन को बढ़ावा देगा और कश्मीर के अन्य हिस्सों में भी पर्यटकों को आकर्षित करेगा।
मुख्यमंत्री ने इस परियोजना की स्थिरता पर भी चर्चा करते हुए कहा कि क्राइसेंथमम फूल स्थानीय रूप से उगाए जा सकते हैं, जिससे इसे बनाए रखने के लिए बाहरी निर्भरता नहीं होगी। उन्होंने आगे कहा कि हमारी सरकार कृषि, बागवानी, हस्तशिल्प और फ्लोरीकल्चर जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, और इन क्षेत्रों में काम कर रहे या काम करने के इच्छुक किसानों को सभी संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

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