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भय को मात : शहीद स्मारक पर पहुंचे पर्यटक, दी श्रद्धांजलि
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पहलगाम में पर्यटक। संवाद
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम में पिछले वर्ष बायसरन घाटी में हुए आतंकी हमले की पहली बरसी पर जहां एक ओर दर्द और खौफ की यादें ताजा रहीं, वहीं दूसरी ओर देशभर से पहुंचे पर्यटकों ने अपने साहस से आतंक के खौफ को मात देने का संदेश दिया। उन्होंने यहां स्थापित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रीनगर से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित पहलगाम में सुबह से ही पर्यटकों के छोटे-छोटे समूह पहुंचते दिखाई दिए। यहां मौजूद सेल्फी प्वाइंट के साथ बने शहीद स्मारक पर लोगों ने हमले में जान गंवाने वाले 26 लोगों को श्रद्धांजलि दी। कई पर्यटक भावुक नजर आए और उनकी आंखें नम हो गईं। पर्यटकों ने कहा कि पहलगाम आना न केवल एक यात्रा है, बल्कि यह आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी है। उनका मानना है कि अगर लोग डरकर यहां आना छोड़ दें, तो यह देश विरोधी तत्वों के मंसूबों को बढ़ावा देगा।
भोपाल से आई पर्यटक आरसी पाराशर ने कहा कि वह पहली बार कश्मीर आई हैं और यहां की खूबसूरती ने उन्हें मंत्रमुग्ध कर दिया है। उन्होंने कहा कि कश्मीर को लेकर जो भय का माहौल बनाया जाता है, वैसा कुछ भी उन्हें महसूस नहीं हुआ और यहां का माहौल पूरी तरह सुरक्षित है। बंगलूरू से आई अंशिका ने भी पहलगाम के शांतिपूर्ण वातावरण और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने कहा कि यहां आकर उन्हें कहीं भी डर का एहसास नहीं हुआ और अन्य लोगों को भी कश्मीर घूमने की सलाह दी।
महाराष्ट्र से आए विशाल ने बताया कि उन्हें तो हमले की बरसी के बारे में जानकारी भी नहीं थी लेकिन यहां की सुरक्षा व्यवस्था देखकर उन्हें बेहद सुरक्षित महसूस हुआ। छत्तीसगढ़ की नेहा जो अपने दोस्तों के साथ आई हैं, ने कहा कि उन्होंने गुलमर्ग समेत कई स्थानों का दौरा किया और कहीं भी असुरक्षा का अनुभव नहीं हुआ। मुख्य बाजार में भी पर्यटकों की आवाजाही से हल्की रौनक लौटती नजर आई। स्थानीय कारोबारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में पर्यटन पूरी तरह पटरी पर लौटेगा और पहलगाम फिर से वही चहल-पहल हासिल करेगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, हर गतिविधि पर नजर
बरसी के मौके पर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क रहीं। पहलगाम और आसपास के इलाकों में सुरक्षाकर्मियों ने लगातार गश्त की। खोजी कुत्तों के साथ तलाशी अभियान चलाया गया जबकि जंगलों में निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल भी किया गया। अधिकारियों के अनुसार पर्यटकों को सुरक्षित माहौल देने के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे सुरक्षा इंतजाम केवल विशेष मौकों तक सीमित नहीं, बल्कि सामान्य दिनों में भी जारी रहते हैं ताकि किसी भी तरह की आतंकी साजिश को नाकाम किया जा सके।
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श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम में पिछले वर्ष बायसरन घाटी में हुए आतंकी हमले की पहली बरसी पर जहां एक ओर दर्द और खौफ की यादें ताजा रहीं, वहीं दूसरी ओर देशभर से पहुंचे पर्यटकों ने अपने साहस से आतंक के खौफ को मात देने का संदेश दिया। उन्होंने यहां स्थापित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रीनगर से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित पहलगाम में सुबह से ही पर्यटकों के छोटे-छोटे समूह पहुंचते दिखाई दिए। यहां मौजूद सेल्फी प्वाइंट के साथ बने शहीद स्मारक पर लोगों ने हमले में जान गंवाने वाले 26 लोगों को श्रद्धांजलि दी। कई पर्यटक भावुक नजर आए और उनकी आंखें नम हो गईं। पर्यटकों ने कहा कि पहलगाम आना न केवल एक यात्रा है, बल्कि यह आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी है। उनका मानना है कि अगर लोग डरकर यहां आना छोड़ दें, तो यह देश विरोधी तत्वों के मंसूबों को बढ़ावा देगा।
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भोपाल से आई पर्यटक आरसी पाराशर ने कहा कि वह पहली बार कश्मीर आई हैं और यहां की खूबसूरती ने उन्हें मंत्रमुग्ध कर दिया है। उन्होंने कहा कि कश्मीर को लेकर जो भय का माहौल बनाया जाता है, वैसा कुछ भी उन्हें महसूस नहीं हुआ और यहां का माहौल पूरी तरह सुरक्षित है। बंगलूरू से आई अंशिका ने भी पहलगाम के शांतिपूर्ण वातावरण और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने कहा कि यहां आकर उन्हें कहीं भी डर का एहसास नहीं हुआ और अन्य लोगों को भी कश्मीर घूमने की सलाह दी।
महाराष्ट्र से आए विशाल ने बताया कि उन्हें तो हमले की बरसी के बारे में जानकारी भी नहीं थी लेकिन यहां की सुरक्षा व्यवस्था देखकर उन्हें बेहद सुरक्षित महसूस हुआ। छत्तीसगढ़ की नेहा जो अपने दोस्तों के साथ आई हैं, ने कहा कि उन्होंने गुलमर्ग समेत कई स्थानों का दौरा किया और कहीं भी असुरक्षा का अनुभव नहीं हुआ। मुख्य बाजार में भी पर्यटकों की आवाजाही से हल्की रौनक लौटती नजर आई। स्थानीय कारोबारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में पर्यटन पूरी तरह पटरी पर लौटेगा और पहलगाम फिर से वही चहल-पहल हासिल करेगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, हर गतिविधि पर नजर
बरसी के मौके पर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क रहीं। पहलगाम और आसपास के इलाकों में सुरक्षाकर्मियों ने लगातार गश्त की। खोजी कुत्तों के साथ तलाशी अभियान चलाया गया जबकि जंगलों में निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल भी किया गया। अधिकारियों के अनुसार पर्यटकों को सुरक्षित माहौल देने के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे सुरक्षा इंतजाम केवल विशेष मौकों तक सीमित नहीं, बल्कि सामान्य दिनों में भी जारी रहते हैं ताकि किसी भी तरह की आतंकी साजिश को नाकाम किया जा सके।

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