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Srinagar News: एसीबी ने रिश्वत मामले में फायर सर्विस अधिकारी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
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श्रीनगर। एंटी-करप्शन ब्यूरो ने बारामुला में फायर सेफ्टी ''''नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट'''' जारी कराने के लिए रिश्वत मांगने और लेने के आरोपी फायर एंड इमरजेंसी सर्विस के एक अधिकारी के खिलाफ बारामुला की एंटी-करप्शन स्पेशल जज की अदालत में चार्जशीट दाखिल की है।
यह चार्जशीट निसार अहमद वानी के खिलाफ दाखिल की गई है, जो उस समय सोपोर में फायर एंड इमरजेंसी सर्विस में सीनियर फायरमैन के पद पर तैनात थे। एसीबी के अनुसार, यह मामला बारामुला के एक निवासी की लिखित शिकायत पर शुरू हुआ था। शिकायतकर्ता का आरोप था कि अधिकारी ने जानबाजपोरा में लकड़ी बिक्री डिपो स्थापित करने के लिए जरूरी फायर सेफ्टी एनओसी दिलाने के बदले अवैध रूप से पैसे (रिश्वत) की मांग की थी।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने पहले आवेदन से जुड़े खर्चों के लिए 1,500 रुपये लिए और बाद में मामले की प्रक्रिया के लिए ईंधन शुल्क और अन्य खर्चों के बहाने 5,000 रुपये की मांग की।
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गुप्त जांच के बाद, एसीबी ने कहा कि आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया और एक ट्रैप टीम बनाई गई। 16 दिसंबर, 2024 को चलाए गए ट्रैप ऑपरेशन के दौरान, आरोपी को शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम मांगते और लेते हुए पकड़ा गया।
यह चार्जशीट निसार अहमद वानी के खिलाफ दाखिल की गई है, जो उस समय सोपोर में फायर एंड इमरजेंसी सर्विस में सीनियर फायरमैन के पद पर तैनात थे। एसीबी के अनुसार, यह मामला बारामुला के एक निवासी की लिखित शिकायत पर शुरू हुआ था। शिकायतकर्ता का आरोप था कि अधिकारी ने जानबाजपोरा में लकड़ी बिक्री डिपो स्थापित करने के लिए जरूरी फायर सेफ्टी एनओसी दिलाने के बदले अवैध रूप से पैसे (रिश्वत) की मांग की थी।
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शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने पहले आवेदन से जुड़े खर्चों के लिए 1,500 रुपये लिए और बाद में मामले की प्रक्रिया के लिए ईंधन शुल्क और अन्य खर्चों के बहाने 5,000 रुपये की मांग की।
गुप्त जांच के बाद, एसीबी ने कहा कि आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया और एक ट्रैप टीम बनाई गई। 16 दिसंबर, 2024 को चलाए गए ट्रैप ऑपरेशन के दौरान, आरोपी को शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम मांगते और लेते हुए पकड़ा गया।