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योग दुनिया को जोड़ता है और हमें एक स्वस्थ, खुशहाल भविष्य की ओर ले जाता है : उपराज्यपाल
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एसकेआईसीसी में योग सत्र के दौरान उपराज्यपाल मनोज सिन्हा।
- फोटो : shrinagar news
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श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को श्रीनगर की मशहूर डल झील में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह का नेतृत्व किया। उन्होंने पूरे जम्मू-कश्मीर में लोगों की भारी भागीदारी पर खुशी जताई और योग को एक ऐसी ताकत बताया जो दुनिया को एकजुट करती है और मानवता को स्वस्थ और खुशहाल भविष्य की ओर ले जाती है।
इस मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए हर वर्ग के लोगों में अद्भुत उत्साह देखना बहुत अच्छा लगा। योग भौगोलिक और सांस्कृतिक सीमाओं से परे, सेहत और आंतरिक शांति के लिए एक वैश्विक आंदोलन के रूप में उभरा है।
डल झील पर नागरिकों, युवाओं, अधिकारियों और फिटनेस के शौकीनों के साथ शामिल होते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि सच्ची सेहत शरीर, मन और भावनाओं के संतुलन से मिलती है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी दुनिया में जहां लोग लगातार स्क्रीन, टेक्नोलॉजी और तनाव से विचलित रहते हैं, योग आत्म-जागरूकता, मानसिक शांति और संपूर्ण सेहत का रास्ता दिखाता है।
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योग वास्तव में दुनिया को एकजुट करता है और हमें स्वस्थ, खुशहाल भविष्य की ओर ले जाता है। सच्ची सेहत का मतलब है शरीर, मन और भावनाओं में संतुलन बनाना। जहां आधुनिक जीवन लगातार हमारा ध्यान स्क्रीन और तनाव की ओर खींचता है, वहीं योग हमें अपने भीतर झांकना सिखाता है।
योग को दुनिया भर में मिल रही पहचान का जिक्र करते हुए मनोज सिन्हा ने इस बात पर गर्व जताया कि भारत की यह प्राचीन परंपरा वैश्विक सेहत और वेलनेस का आधार बन गई है। उन्होंने कहा कि योग न केवल शारीरिक फिटनेस को मजबूत करता है बल्कि मानसिक मजबूती, भावनात्मक स्थिरता और आध्यात्मिक विकास को भी बढ़ावा देता है। उपराज्यपाल ने नागरिकों, खासकर युवा पीढ़ी से अपील की कि वे योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें और स्वस्थ व अनुशासित जीवनशैली पाने के लिए इसे जीवन भर की आदत बनाएं।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन भी लाइव दिखाया गया। इस दौरान स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा, स्कूल और उच्च शिक्षा तथा समाज कल्याण विभाग की मंत्री सकीना इत्तू, मुख्य सचिव अटल डुल्लू, डीजीपी नलिन प्रभात, अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रशासनिक सचिव, वरिष्ठ अधिकारी, अलग-अलग क्षेत्रों के नागरिक और बड़ी संख्या में युवाओं ने डल झील के किनारे आयोजित योग सत्र में हिस्सा लिया।
योग खुद को जानने का रास्ता
उपराज्यपाल ने कहा कि योग सिर्फ एक कसरत नहीं है, बल्कि खुद को जानने का एक रास्ता है। जीवन की रोज़मर्रा की गतिविधियों के शोर-शराबे के बीच, योग मन और शरीर में तालमेल बिठाता है, हमारे अंदर के विचारों को समझने में मदद करता है और हमें प्रकृति से जोड़ता है। योग मानसिक फुर्ती बढ़ाने में मदद करता है जबकि हमारा मन स्वाभाविक रूप से पुरानी चिंताओं या भविष्य की घबराहट की ओर भटकता है, योग हमें वर्तमान पल पर काबू पाना सिखाता है। योग का विज्ञान सचमुच अद्भुत है। बस अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करने से मन शांत हो जाता है और तनाव कम होने लगता है। कई अध्ययनों से पता चलता है कि नियमित अभ्यास से याददाश्त, मानसिक एकाग्रता और भावनात्मक संतुलन बेहतर होता है। इसीलिए आज दुनिया भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञ योग को आपकी सेहत के लिए सबसे असरदार जीवनशैली बदलाव के तौर पर अपनाने की सलाह देते हैं।
अच्छी सेहत खरीदी नहीं जा सकती
उपराज्यपाल ने योग प्रेमियों से कहा कि अच्छी सेहत खरीदी नहीं जा सकती, बल्कि इसे अनुशासन के जरिए ही हासिल किया जा सकता है। जैसे किसी पौधे को रोज पानी की जरूरत होती है, वैसे ही हमारे मन और शरीर को भी लगातार अनुशासन की जरूरत होती है और योग असल में अनुशासन के बारे में ही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योग पूरी दुनिया में लोकप्रिय है और मुझे गर्व है कि दुनिया भर के मेडिकल एक्सपर्ट्स मानसिक मजबूती और संतुलित जीवन के लिए योग को एक जरूरी जरिया मानते हैं। भारत ने सदियों पहले दुनिया को संपूर्ण स्वास्थ्य का रास्ता दिखाया था। मुझे खुशी है कि जम्मू-कश्मीर का आयुष विभाग योग को हर किसी तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रहा है ताकि गांव-कस्बों से लेकर शहरों तक हर नागरिक इसे अपना सके।
नशा-मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान में बदलाव ला रहा है योग
उपराज्यपाल ने कहा कि योग ''''''''नशा-मुक्त जम्मू-कश्मीर'''''''' अभियान में असल बदलाव ला रहा है, जिससे नशे की रोकथाम और उससे उबरने में मदद मिल रही है। मैं चाहता हूं कि लोग योग को अपनी रोजमर्रा की आदत बनाएं। हर दिन बस कुछ मिनट का योग लंबे समय के लिए सेहतमंद बनाता है। योग सभी सीमाओं से परे है और यह मानवता के लिए एक सार्वभौमिक विज्ञान है।
योग दिवस की दीं शुभकामनाएं
श्रीनगर। उपराज्यपाल ने लोगों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दीं। एक्स पर उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं। इस साल योग दिवस की थीम है स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग। बढ़ते तनाव और स्वास्थ्य से जुड़ी आधुनिक चुनौतियों के बीच, योग उम्मीद की एक मजबूत किरण है। आइए, आज एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लें और सेहत की ओर एक कदम बढ़ाएं।
इस मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए हर वर्ग के लोगों में अद्भुत उत्साह देखना बहुत अच्छा लगा। योग भौगोलिक और सांस्कृतिक सीमाओं से परे, सेहत और आंतरिक शांति के लिए एक वैश्विक आंदोलन के रूप में उभरा है।
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डल झील पर नागरिकों, युवाओं, अधिकारियों और फिटनेस के शौकीनों के साथ शामिल होते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि सच्ची सेहत शरीर, मन और भावनाओं के संतुलन से मिलती है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी दुनिया में जहां लोग लगातार स्क्रीन, टेक्नोलॉजी और तनाव से विचलित रहते हैं, योग आत्म-जागरूकता, मानसिक शांति और संपूर्ण सेहत का रास्ता दिखाता है।
योग वास्तव में दुनिया को एकजुट करता है और हमें स्वस्थ, खुशहाल भविष्य की ओर ले जाता है। सच्ची सेहत का मतलब है शरीर, मन और भावनाओं में संतुलन बनाना। जहां आधुनिक जीवन लगातार हमारा ध्यान स्क्रीन और तनाव की ओर खींचता है, वहीं योग हमें अपने भीतर झांकना सिखाता है।
योग को दुनिया भर में मिल रही पहचान का जिक्र करते हुए मनोज सिन्हा ने इस बात पर गर्व जताया कि भारत की यह प्राचीन परंपरा वैश्विक सेहत और वेलनेस का आधार बन गई है। उन्होंने कहा कि योग न केवल शारीरिक फिटनेस को मजबूत करता है बल्कि मानसिक मजबूती, भावनात्मक स्थिरता और आध्यात्मिक विकास को भी बढ़ावा देता है। उपराज्यपाल ने नागरिकों, खासकर युवा पीढ़ी से अपील की कि वे योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें और स्वस्थ व अनुशासित जीवनशैली पाने के लिए इसे जीवन भर की आदत बनाएं।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन भी लाइव दिखाया गया। इस दौरान स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा, स्कूल और उच्च शिक्षा तथा समाज कल्याण विभाग की मंत्री सकीना इत्तू, मुख्य सचिव अटल डुल्लू, डीजीपी नलिन प्रभात, अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रशासनिक सचिव, वरिष्ठ अधिकारी, अलग-अलग क्षेत्रों के नागरिक और बड़ी संख्या में युवाओं ने डल झील के किनारे आयोजित योग सत्र में हिस्सा लिया।
योग खुद को जानने का रास्ता
उपराज्यपाल ने कहा कि योग सिर्फ एक कसरत नहीं है, बल्कि खुद को जानने का एक रास्ता है। जीवन की रोज़मर्रा की गतिविधियों के शोर-शराबे के बीच, योग मन और शरीर में तालमेल बिठाता है, हमारे अंदर के विचारों को समझने में मदद करता है और हमें प्रकृति से जोड़ता है। योग मानसिक फुर्ती बढ़ाने में मदद करता है जबकि हमारा मन स्वाभाविक रूप से पुरानी चिंताओं या भविष्य की घबराहट की ओर भटकता है, योग हमें वर्तमान पल पर काबू पाना सिखाता है। योग का विज्ञान सचमुच अद्भुत है। बस अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करने से मन शांत हो जाता है और तनाव कम होने लगता है। कई अध्ययनों से पता चलता है कि नियमित अभ्यास से याददाश्त, मानसिक एकाग्रता और भावनात्मक संतुलन बेहतर होता है। इसीलिए आज दुनिया भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञ योग को आपकी सेहत के लिए सबसे असरदार जीवनशैली बदलाव के तौर पर अपनाने की सलाह देते हैं।
अच्छी सेहत खरीदी नहीं जा सकती
उपराज्यपाल ने योग प्रेमियों से कहा कि अच्छी सेहत खरीदी नहीं जा सकती, बल्कि इसे अनुशासन के जरिए ही हासिल किया जा सकता है। जैसे किसी पौधे को रोज पानी की जरूरत होती है, वैसे ही हमारे मन और शरीर को भी लगातार अनुशासन की जरूरत होती है और योग असल में अनुशासन के बारे में ही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योग पूरी दुनिया में लोकप्रिय है और मुझे गर्व है कि दुनिया भर के मेडिकल एक्सपर्ट्स मानसिक मजबूती और संतुलित जीवन के लिए योग को एक जरूरी जरिया मानते हैं। भारत ने सदियों पहले दुनिया को संपूर्ण स्वास्थ्य का रास्ता दिखाया था। मुझे खुशी है कि जम्मू-कश्मीर का आयुष विभाग योग को हर किसी तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रहा है ताकि गांव-कस्बों से लेकर शहरों तक हर नागरिक इसे अपना सके।
नशा-मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान में बदलाव ला रहा है योग
उपराज्यपाल ने कहा कि योग ''''''''नशा-मुक्त जम्मू-कश्मीर'''''''' अभियान में असल बदलाव ला रहा है, जिससे नशे की रोकथाम और उससे उबरने में मदद मिल रही है। मैं चाहता हूं कि लोग योग को अपनी रोजमर्रा की आदत बनाएं। हर दिन बस कुछ मिनट का योग लंबे समय के लिए सेहतमंद बनाता है। योग सभी सीमाओं से परे है और यह मानवता के लिए एक सार्वभौमिक विज्ञान है।
योग दिवस की दीं शुभकामनाएं
श्रीनगर। उपराज्यपाल ने लोगों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दीं। एक्स पर उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं। इस साल योग दिवस की थीम है स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग। बढ़ते तनाव और स्वास्थ्य से जुड़ी आधुनिक चुनौतियों के बीच, योग उम्मीद की एक मजबूत किरण है। आइए, आज एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लें और सेहत की ओर एक कदम बढ़ाएं।