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Srinagar News: जम्मू-कश्मीर में तैनात जवानों के लिए योग बना तनाव से लड़ने का हथियार
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बांदीपोरा। जम्मू-कश्मीर के चुनौतीपूर्ण इलाकों में तैनात सशस्त्र बलों के जवानों के लिए योग तनाव, नींद की कमी और मानसिक थकान से निपटने का असरदार जरिया बन गया है। घाटी में तैनात जवानों का कहना है कि योग अब उनकी दिनचर्या का अहम हिस्सा है। इससे वे शारीरिक रूप से फिट और मानसिक रूप से मजबूत रहते हैं, जबकि हाई-प्रेशर माहौल में ड्यूटी करते हैं।
सुबह-सुबह प्राणायाम से लेकर ध्यान सत्र तक जवान नियमित रूप से योग करते हैं ताकि एकाग्रता बढ़े, चिंता कम हो और भावनात्मक संतुलन बना रहे। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर मीडिया से बात करते हुए एक सीआरपीएफ जवान ने कहा योग हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है। यह हमें मानसिक और भावनात्मक रूप से फिट रखता है और ड्यूटी के दौरान फोकस बनाए रखने में मदद करता है। अभ्यास और ध्यान से तनाव कम होता है और कुल मिलाकर सेहत बेहतर रहती है।
वहीं एक अन्य सीआरपीएफ कर्मी ने कहा हम लंबे समय तक परिवारों से दूर रहते हैं और अक्सर चुनौतीपूर्ण हालात में काम करते हैं। योग हमें आंतरिक ताकत देता है, बेहतर नींद में मदद करता है और मुश्किल हालात में अहम फैसले लेते समय शांत रहने में सक्षम बनाता है। सुरक्षा बलों पर हुए अध्ययनों से पता चला है कि नियमित योग से नींद की गुणवत्ता सुधरती है, सतर्कता बढ़ती है और जवान तनाव को बेहतर तरीके से संभाल पाते हैं।
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जम्मू-कश्मीर में यह और भी अहम है, जहां जवान अक्सर हाई-स्ट्रेस माहौल में काम करते हैं और मुठभेड़, गश्त व आपात स्थिति में पल भर में फैसले लेने पड़ते हैं। रविवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने योग सत्रों में हिस्सा लिया। इससे देश की सीमाओं की रक्षा करने वालों की मानसिक मजबूती, फोकस और ऑपरेशनल तैयारी में योग की बढ़ती भूमिका फिर उजागर हुई।
सुबह-सुबह प्राणायाम से लेकर ध्यान सत्र तक जवान नियमित रूप से योग करते हैं ताकि एकाग्रता बढ़े, चिंता कम हो और भावनात्मक संतुलन बना रहे। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर मीडिया से बात करते हुए एक सीआरपीएफ जवान ने कहा योग हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है। यह हमें मानसिक और भावनात्मक रूप से फिट रखता है और ड्यूटी के दौरान फोकस बनाए रखने में मदद करता है। अभ्यास और ध्यान से तनाव कम होता है और कुल मिलाकर सेहत बेहतर रहती है।
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वहीं एक अन्य सीआरपीएफ कर्मी ने कहा हम लंबे समय तक परिवारों से दूर रहते हैं और अक्सर चुनौतीपूर्ण हालात में काम करते हैं। योग हमें आंतरिक ताकत देता है, बेहतर नींद में मदद करता है और मुश्किल हालात में अहम फैसले लेते समय शांत रहने में सक्षम बनाता है। सुरक्षा बलों पर हुए अध्ययनों से पता चला है कि नियमित योग से नींद की गुणवत्ता सुधरती है, सतर्कता बढ़ती है और जवान तनाव को बेहतर तरीके से संभाल पाते हैं।
जम्मू-कश्मीर में यह और भी अहम है, जहां जवान अक्सर हाई-स्ट्रेस माहौल में काम करते हैं और मुठभेड़, गश्त व आपात स्थिति में पल भर में फैसले लेने पड़ते हैं। रविवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने योग सत्रों में हिस्सा लिया। इससे देश की सीमाओं की रक्षा करने वालों की मानसिक मजबूती, फोकस और ऑपरेशनल तैयारी में योग की बढ़ती भूमिका फिर उजागर हुई।