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Srinagar News: अमरनाथ यात्रा से पहले सीआरपीएफ और एमआरटी इकाइयों को आज हरी झंडी दिखाएंगे डीजीपी
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श्रीनगर। अमरनाथ यात्रा के 3 जुलाई से शुरू होने के मद्देनजर सुरक्षा और आपदा प्रतिक्रिया से जुड़ी तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस सिलसिले में जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात वीरवार को श्रीनगर स्थित एसडीआरएफ मुख्यालय से अर्धसैनिक बलों के जवानों और विशेष माउंटेन रेस्क्यू टीमों (एमआरटी) को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और बीएसएफ के बड़ी संख्या में जवानों ने एक व्यापक संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस कड़े प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आगामी तीर्थयात्रा के दौरान सुरक्षाबलों के बीच आपसी समन्वय, आपातकालीन प्रतिक्रिया और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को और अधिक मजबूत करना है। इस रवानगी समारोह के ठीक बाद इन प्रशिक्षित जवानों को अमरनाथ यात्रा के दोनों मुख्य मार्गों यानी बालटाल और पहलगाम पर तैनात कर दिया जाएगा। यह बल यात्रा के लिए बनाए गए बहुस्तरीय सुरक्षा और बचाव तंत्र का एक बेहद अहम हिस्सा होंगे।
श्रीनगर उत्तर के सीआरपीएफ डीआईजी सुधीर कुमार इस पवित्र तीर्थयात्रा के लिए नोडल अधिकारी भी हैं। उन्होंने बताया कि सीआरपीएफ पवित्र गुफा तक की इस बेहद कठिन यात्रा पर जाने वाले भक्तों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए यात्रा मार्गों पर अत्यधिक प्रशिक्षित माउंटेन रेस्क्यू टीमें तैनात करती है। उन्होंने आगे बताया कि इन माउंटेन रेस्क्यू टीमों का मुख्य काम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में होने वाली बीमारियों, सांस की तकलीफ और अत्यधिक शारीरिक थकान से पीड़ित तीर्थयात्रियों को तुरंत चिकित्सा सहायता और प्राथमिक उपचार प्रदान करना है।
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इसके साथ ही ये टीमें पहाड़ी इलाकों के कठिन और दुर्गम रास्तों को पार करने में भी श्रद्धालुओं की मदद करती हैं। ये टीमें किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हर समय पूरी तरह तैयार रहती हैं और इन्हें चिकित्सा आपातकाल, भूस्खलन, अचानक आने वाली बाढ़ या किसी भी अन्य प्राकृतिक आपदा के दौरान त्वरित बचाव अभियान चलाने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है।
डीआईजी सुधीर कुमार के अनुसार आपात स्थिति के दौरान बेहद तेज और सटीक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के लिए ये टीमें राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ करीबी तालमेल बिठाकर काम करती हैं। किसी भी संभावित खतरे या जरूरत के समय तुरंत मदद पहुंचाने के लिए एमआरटी इकाइयों को गांदरबल जिले के बालटाल मार्ग और अनंतनाग जिले के पहलगाम मार्ग पर संवेदनशील व अत्यधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर रणनीतिक रूप से तैनात किया गया है।
उन्होंने कहा कि यह व्यापक तैनाती सुरक्षा और नागरिक एजेंसियों द्वारा की गई उस बारीकी से तैयार की गई योजना को दर्शाती है, जिसका मकसद इस साल की यात्रा में शामिल होने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए एक सुरक्षित, सुगम और दुर्घटना रहित तीर्थयात्रा सुनिश्चित करना है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और बीएसएफ के बड़ी संख्या में जवानों ने एक व्यापक संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस कड़े प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आगामी तीर्थयात्रा के दौरान सुरक्षाबलों के बीच आपसी समन्वय, आपातकालीन प्रतिक्रिया और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को और अधिक मजबूत करना है। इस रवानगी समारोह के ठीक बाद इन प्रशिक्षित जवानों को अमरनाथ यात्रा के दोनों मुख्य मार्गों यानी बालटाल और पहलगाम पर तैनात कर दिया जाएगा। यह बल यात्रा के लिए बनाए गए बहुस्तरीय सुरक्षा और बचाव तंत्र का एक बेहद अहम हिस्सा होंगे।
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श्रीनगर उत्तर के सीआरपीएफ डीआईजी सुधीर कुमार इस पवित्र तीर्थयात्रा के लिए नोडल अधिकारी भी हैं। उन्होंने बताया कि सीआरपीएफ पवित्र गुफा तक की इस बेहद कठिन यात्रा पर जाने वाले भक्तों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए यात्रा मार्गों पर अत्यधिक प्रशिक्षित माउंटेन रेस्क्यू टीमें तैनात करती है। उन्होंने आगे बताया कि इन माउंटेन रेस्क्यू टीमों का मुख्य काम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में होने वाली बीमारियों, सांस की तकलीफ और अत्यधिक शारीरिक थकान से पीड़ित तीर्थयात्रियों को तुरंत चिकित्सा सहायता और प्राथमिक उपचार प्रदान करना है।
इसके साथ ही ये टीमें पहाड़ी इलाकों के कठिन और दुर्गम रास्तों को पार करने में भी श्रद्धालुओं की मदद करती हैं। ये टीमें किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हर समय पूरी तरह तैयार रहती हैं और इन्हें चिकित्सा आपातकाल, भूस्खलन, अचानक आने वाली बाढ़ या किसी भी अन्य प्राकृतिक आपदा के दौरान त्वरित बचाव अभियान चलाने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है।
डीआईजी सुधीर कुमार के अनुसार आपात स्थिति के दौरान बेहद तेज और सटीक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के लिए ये टीमें राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ करीबी तालमेल बिठाकर काम करती हैं। किसी भी संभावित खतरे या जरूरत के समय तुरंत मदद पहुंचाने के लिए एमआरटी इकाइयों को गांदरबल जिले के बालटाल मार्ग और अनंतनाग जिले के पहलगाम मार्ग पर संवेदनशील व अत्यधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर रणनीतिक रूप से तैनात किया गया है।
उन्होंने कहा कि यह व्यापक तैनाती सुरक्षा और नागरिक एजेंसियों द्वारा की गई उस बारीकी से तैयार की गई योजना को दर्शाती है, जिसका मकसद इस साल की यात्रा में शामिल होने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए एक सुरक्षित, सुगम और दुर्घटना रहित तीर्थयात्रा सुनिश्चित करना है।