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Srinagar News: जम्मू-श्रीनगर एयरपोर्ट पर एप बेस्ड टैक्सी सेवा को मंजूरी से पहले सुरक्षा ऑडिट की मांग
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के ट्रांसपोर्ट संगठनों ने बुधवार को जम्मू और श्रीनगर एयरपोर्ट पर एप बेस्ड कैब एग्रीगेटर को इजाजत देने से पहले सुरक्षा और नियामक ऑडिट की मांग की है। श्रीनगर में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जम्मू कश्मीर ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन, एयरपोर्ट टैक्सी यूनियनों और ट्रांसपोर्ट फेडरेशनों के प्रतिनिधियों ने दोनों एयरपोर्ट पर नौवा कैब की प्रस्तावित एंट्री पर चिंता जताई।
जेकेटीडब्ल्यूए के मुख्य संरक्षक देविंदर चौधरी ने कहा कि ट्रांसपोर्ट समुदाय तकनीक-आधारित सेवाओं के खिलाफ नहीं है लेकिन एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील ढांचे में ऑपरेशन के लिए कड़ी जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी भी एग्रीगेटर को ड्राइवर वेरिफिकेशन, वाहन दस्तावेज, बीमा कवरेज और लाइसेंसिंग नियमों से जुड़ी सभी वैधानिक शर्तें पूरी करनी होंगी। श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट टैक्सी एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद अशरफ लोन ने कहा कि मौजूदा ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को प्रभावित करने वाला कोई भी फैसला बिना सलाह-मशविरे के लिया गया तो एयरपोर्ट टैक्सी सेवा पर निर्भर सैकड़ों परिवार अनिश्चितता में आ जाएंगे। जम्मू एयरपोर्ट टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष एस. गुरदीप सिंह ने कहा कि इस मामले की परिवहन विभाग, पुलिस, सीआईडी और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को एक साथ जांच करनी चाहिए। सुरक्षा सर्वोपरि है। ट्रांसपोर्ट नेताओं ने परिवहन विभाग की हालिया कार्रवाई का स्वागत किया और प्रशासन से एयरपोर्ट कैब एग्रीगेटरों के प्रस्तावों की जांच में समान मानक लागू करने की मांग की।
उन्होंने सरकार, परिवहन आयुक्त और उपराज्यपाल प्रशासन से अपील की कि सुरक्षा नियमों के पालन और आजीविका संरक्षण से जुड़े मुद्दे हल न हुए तो जम्मू-कश्मीर के ट्रांसपोर्टर लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से विरोध पर विचार कर सकते हैं।
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जेकेटीडब्ल्यूए के मुख्य संरक्षक देविंदर चौधरी ने कहा कि ट्रांसपोर्ट समुदाय तकनीक-आधारित सेवाओं के खिलाफ नहीं है लेकिन एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील ढांचे में ऑपरेशन के लिए कड़ी जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी भी एग्रीगेटर को ड्राइवर वेरिफिकेशन, वाहन दस्तावेज, बीमा कवरेज और लाइसेंसिंग नियमों से जुड़ी सभी वैधानिक शर्तें पूरी करनी होंगी। श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट टैक्सी एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद अशरफ लोन ने कहा कि मौजूदा ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को प्रभावित करने वाला कोई भी फैसला बिना सलाह-मशविरे के लिया गया तो एयरपोर्ट टैक्सी सेवा पर निर्भर सैकड़ों परिवार अनिश्चितता में आ जाएंगे। जम्मू एयरपोर्ट टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष एस. गुरदीप सिंह ने कहा कि इस मामले की परिवहन विभाग, पुलिस, सीआईडी और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को एक साथ जांच करनी चाहिए। सुरक्षा सर्वोपरि है। ट्रांसपोर्ट नेताओं ने परिवहन विभाग की हालिया कार्रवाई का स्वागत किया और प्रशासन से एयरपोर्ट कैब एग्रीगेटरों के प्रस्तावों की जांच में समान मानक लागू करने की मांग की।
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उन्होंने सरकार, परिवहन आयुक्त और उपराज्यपाल प्रशासन से अपील की कि सुरक्षा नियमों के पालन और आजीविका संरक्षण से जुड़े मुद्दे हल न हुए तो जम्मू-कश्मीर के ट्रांसपोर्टर लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से विरोध पर विचार कर सकते हैं।