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Srinagar News: लद्दाख कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी को मिला स्वायत्त दर्जा
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लेह। लद्दाख प्रशासन ने उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना की मंजूरी से लद्दाख कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी को स्वायत्त दर्जा प्रदान किया है। इसकी सामान्य परिषद और कार्यकारी समिति का गठन किया है।
इस निर्णय के साथ अकादमी को औपचारिक रूप से एक स्वायत्त संस्था के रूप में कार्यशील बनाया गया है जो लद्दाख की भाषाओं, साहित्य, कला, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समर्पित होगी।
उपराज्यपाल को मुख्य संरक्षक (चीफ पैट्रन) और मुख्य सचिव को अध्यक्ष बनाकर गठित सामान्य परिषद अकादमी की सर्वोच्च नीति-निर्माण संस्था के रूप में कार्य करेगी। वहीं पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रशासनिक सचिव की अध्यक्षता वाली कार्यकारी समिति अकादमी के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और प्रशासनिक कार्यों की देखरेख करेगी।
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नवनिर्मित निकायों में दोनों हिल काउंसिलों के प्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों, विद्वानों तथा लेह और कारगिल के सांस्कृतिक विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। प्रशासन ने कहा कि यह निर्णय लद्दाख की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण, शोध, दस्तावेजीकरण और सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देने के प्रयासों को और मजबूत करेगा।
इस निर्णय के साथ अकादमी को औपचारिक रूप से एक स्वायत्त संस्था के रूप में कार्यशील बनाया गया है जो लद्दाख की भाषाओं, साहित्य, कला, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समर्पित होगी।
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उपराज्यपाल को मुख्य संरक्षक (चीफ पैट्रन) और मुख्य सचिव को अध्यक्ष बनाकर गठित सामान्य परिषद अकादमी की सर्वोच्च नीति-निर्माण संस्था के रूप में कार्य करेगी। वहीं पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रशासनिक सचिव की अध्यक्षता वाली कार्यकारी समिति अकादमी के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और प्रशासनिक कार्यों की देखरेख करेगी।
नवनिर्मित निकायों में दोनों हिल काउंसिलों के प्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों, विद्वानों तथा लेह और कारगिल के सांस्कृतिक विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। प्रशासन ने कहा कि यह निर्णय लद्दाख की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण, शोध, दस्तावेजीकरण और सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देने के प्रयासों को और मजबूत करेगा।