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योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं : उपराष्ट्रपति
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लेह के स्पितुक स्थित एस्ट्रो टर्फ मैदान में योगाभ्यास करते भारत के उपराष्ट्रपति।
- फोटो : leh news
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लेह। भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को लेह के स्पितुक स्टेडियम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में भाग लिया। सभा को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने लोगों से योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने तथा दूसरों को भी इसके परिवर्तनकारी लाभों को अपनाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि योग एक स्वस्थ, सुखी और सामंजस्यपूर्ण समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है तथा यह शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और व्यक्तित्व निर्माण के लिए आजीवन निवेश के समान है।
इस वर्ष के योग दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि योग आयु, संस्कृति और भौगोलिक सीमाओं से परे है तथा आधुनिक जीवन में संतुलन, स्वास्थ्य और आंतरिक शांति प्राप्त करने का एक समग्र मार्ग प्रदान करता है।
इस अवसर पर लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, लद्दाख के सांसद मोहम्मद हनीफा जान, लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद कारगिल के अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद जफर अखून सहित वरिष्ठ नागरिक, सैन्य एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
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कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लिया। इससे स्वास्थ्य, एकता और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए योग के प्रति लद्दाख की प्रतिबद्धता एक बार फिर स्पष्ट हुई।
बाद में उपराष्ट्रपति ने लेह स्थित महाबोधि इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर तथा देवाचन परिसर में स्थित बुद्धा पार्क ऑफ पीस का भी दौरा किया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, सामाजिक कल्याण, पर्यावरणीय स्थिरता तथा लद्दाख में योग एवं ध्यान के प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में संस्थान द्वारा किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों की सराहना की।
अपनी प्रशंसा व्यक्त करते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि परिसर में व्याप्त करुणा, निस्वार्थ सेवा, सद्भाव और समावेशिता की भावना वास्तव में प्रेरणादायक है। उन्होंने समाज सेवा तथा शांति, सजगता और सामुदायिक कल्याण के मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए संस्थान के प्रयासों की सराहना की।
यह दौरा एक अधिक संवेदनशील और टिकाऊ समाज के निर्माण के लिए स्वास्थ्य, आध्यात्मिकता और सामाजिक सेवा के समन्वय के महत्व को रेखांकित करता है।
इस वर्ष के योग दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि योग आयु, संस्कृति और भौगोलिक सीमाओं से परे है तथा आधुनिक जीवन में संतुलन, स्वास्थ्य और आंतरिक शांति प्राप्त करने का एक समग्र मार्ग प्रदान करता है।
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इस अवसर पर लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, लद्दाख के सांसद मोहम्मद हनीफा जान, लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद कारगिल के अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद जफर अखून सहित वरिष्ठ नागरिक, सैन्य एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लिया। इससे स्वास्थ्य, एकता और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए योग के प्रति लद्दाख की प्रतिबद्धता एक बार फिर स्पष्ट हुई।
बाद में उपराष्ट्रपति ने लेह स्थित महाबोधि इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर तथा देवाचन परिसर में स्थित बुद्धा पार्क ऑफ पीस का भी दौरा किया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, सामाजिक कल्याण, पर्यावरणीय स्थिरता तथा लद्दाख में योग एवं ध्यान के प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में संस्थान द्वारा किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों की सराहना की।
अपनी प्रशंसा व्यक्त करते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि परिसर में व्याप्त करुणा, निस्वार्थ सेवा, सद्भाव और समावेशिता की भावना वास्तव में प्रेरणादायक है। उन्होंने समाज सेवा तथा शांति, सजगता और सामुदायिक कल्याण के मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए संस्थान के प्रयासों की सराहना की।
यह दौरा एक अधिक संवेदनशील और टिकाऊ समाज के निर्माण के लिए स्वास्थ्य, आध्यात्मिकता और सामाजिक सेवा के समन्वय के महत्व को रेखांकित करता है।