{"_id":"6a398e00e4d9faf8f106e8e2","slug":"jammu-kashmir-news-srinagar-news-c-264-1-sr11004-112651-2026-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Srinagar News: 23 जून के लद्दाख बंद को लेकर असमंजस बरकरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Srinagar News: 23 जून के लद्दाख बंद को लेकर असमंजस बरकरार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
लेह। 23 जून को प्रस्तावित लद्दाख बंद को लेकर सोमवार शाम तक पूरे लद्दाख में असमंजस की स्थिति बनी रही। इससे पहले प्रशासन ने लेह के पोलो ग्राउंड में आयोजित किए जाने वाले प्रस्तावित रैली कार्यक्रम को अनुमति देने से इनकार कर दिया था। यह कार्यक्रम लेह एपेक्स बॉडी, कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस तथा विभिन्न हितधारक समूहों द्वारा आहूत लद्दाख बंद का हिस्सा था।
एक आधिकारिक पत्र में सहायक आयुक्त राजस्व, लेह ने लद्दाख बौद्ध एसोसिएशन को सूचित किया कि पुलिस विभाग पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने में असमर्थ है, इसलिए रैली की अनुमति नहीं दी जा सकती। प्रशासन ने वीआईपी दौरों, संसदीय समिति के अध्ययन दौरे, सिंधु दर्शन यात्रा और मुहर्रम से संबंधित ड्यूटियों के कारण पुलिस बल की कमी का हवाला देते हुए आयोजकों को कार्यक्रम 30 जून के बाद आयोजित करने की सलाह दी।
इस घटनाक्रम के बाद लोगों के बीच यह भ्रम पैदा हो गया कि बंद होगा या नहीं, बाजार बंद रहेंगे या खुले रहेंगे तथा कोई सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा या नहीं।
विज्ञापन
असमंजस को और बढ़ाते हुए लेह मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि व्यापारियों ने अतीत में जनहित के मुद्दों पर कई बार बाजार बंद रखकर समर्थन दिया है, लेकिन इस बार दुकानें तभी बंद होंगी जब होटल, परिवहन क्षेत्र और अन्य सभी वर्ग भी इसमें शामिल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि एसोसिएशन को बाजार बंद रखने संबंधी कोई आधिकारिक पत्र लद्दाख बौद्ध एसोसिएशन से प्राप्त नहीं हुआ है। व्यापारियों के संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ दुकानदारों को दुकानें खुली रखने पर पथराव किए जाने की धमकी दी गई है।
बाद में लद्दाख बौद्ध एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि इसके अध्यक्ष छेरिंग दोरजे लाकरुक ने उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, लेह से मुलाकात की। बैठक के बाद यह स्पष्ट किया गया कि वीआईपी गतिविधियों के चलते सुरक्षा बलों की कमी होने के कारण कोई रैली आयोजित नहीं की जाएगी। हालांकि, 23 जून को सुबह 11:30 बजे पोलो ग्राउंड में लोगों के एकत्र होने की अनुमति दिए जाने की बात कही गई है और समर्थकों से वहां पहुंचने का आह्वान किया गया है।
एक आधिकारिक पत्र में सहायक आयुक्त राजस्व, लेह ने लद्दाख बौद्ध एसोसिएशन को सूचित किया कि पुलिस विभाग पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने में असमर्थ है, इसलिए रैली की अनुमति नहीं दी जा सकती। प्रशासन ने वीआईपी दौरों, संसदीय समिति के अध्ययन दौरे, सिंधु दर्शन यात्रा और मुहर्रम से संबंधित ड्यूटियों के कारण पुलिस बल की कमी का हवाला देते हुए आयोजकों को कार्यक्रम 30 जून के बाद आयोजित करने की सलाह दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस घटनाक्रम के बाद लोगों के बीच यह भ्रम पैदा हो गया कि बंद होगा या नहीं, बाजार बंद रहेंगे या खुले रहेंगे तथा कोई सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा या नहीं।
असमंजस को और बढ़ाते हुए लेह मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि व्यापारियों ने अतीत में जनहित के मुद्दों पर कई बार बाजार बंद रखकर समर्थन दिया है, लेकिन इस बार दुकानें तभी बंद होंगी जब होटल, परिवहन क्षेत्र और अन्य सभी वर्ग भी इसमें शामिल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि एसोसिएशन को बाजार बंद रखने संबंधी कोई आधिकारिक पत्र लद्दाख बौद्ध एसोसिएशन से प्राप्त नहीं हुआ है। व्यापारियों के संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ दुकानदारों को दुकानें खुली रखने पर पथराव किए जाने की धमकी दी गई है।
बाद में लद्दाख बौद्ध एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि इसके अध्यक्ष छेरिंग दोरजे लाकरुक ने उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, लेह से मुलाकात की। बैठक के बाद यह स्पष्ट किया गया कि वीआईपी गतिविधियों के चलते सुरक्षा बलों की कमी होने के कारण कोई रैली आयोजित नहीं की जाएगी। हालांकि, 23 जून को सुबह 11:30 बजे पोलो ग्राउंड में लोगों के एकत्र होने की अनुमति दिए जाने की बात कही गई है और समर्थकों से वहां पहुंचने का आह्वान किया गया है।