श्रीनगर। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने बुधवार को वित्त अनुशासन के साथ-साथ किसान कल्याण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को समय पर और पारदर्शी मुआवजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में मुख्य सचिव ने कृषि उत्पादन विभाग को निर्देश दिए कि पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर किसानों को फसल बीमा की शर्तें, प्रीमियम सब्सिडी और क्लेम प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी जाए, ताकि छोटे और सीमांत किसान भी योजना का लाभ ले सकें। राजस्व, कृषि और बीमा कंपनियों के रिकॉर्ड को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जाए। इससे फसल कटाई प्रयोगों और नुकसान आकलन में देरी न हो, प्राकृतिक आपदा या फसल नुकसान की सूचना मिलने के 72 घंटे के भीतर सर्वे टीम भेजी जाए और क्लेम निपटान की समय-सीमा का सख्ती से पालन हो। राज्य और केंद्र की सब्सिडी का उपयोग पारदर्शी ढंग से हो, फर्जी दावों पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि योजना का बोझ राज्य खजाने पर न पड़े।
मुख्य सचिव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण फसलों पर जोखिम बढ़ रहा है। ऐसे में बीमा सुरक्षा न केवल किसानों की आय स्थिर रखेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसान की एक-एक फसल कीमती है और उसकी सुरक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।