बांदीपोरा। शेरे कश्मीर यूनिवर्सिटी एग्रीकल्चर साइंस एंड टेक्नोलॉजी कश्मीर के कुलपति प्रो. नजीर अहमद गनई के मार्गदर्शन में बुधवार को केवीके गुरेज में औषधीय पौधों पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें किसानों और युवाओं को प्रोत्साहित किया कि वे आजीविका विविधीकरण और आय बढ़ाने के लिए औषधीय पौधों की खेती अपनाएं। कार्यक्रम की शुरुआत में केवीके गुरेज के वैज्ञानिक डॉ. जौहर रफीक ने गुरेज घाटी की औषधीय पौधों की संपदा पर प्रकाश डाला। उन्होंने इन संसाधनों के वैज्ञानिक संरक्षण और खेती की जरूरत पर जोर दिया और प्रतिभागियों को ऐसे कार्यक्रमों का अधिकतम लाभ उठाने को कहा।
केवीके/एमएआर एंडईएस गुरेज के प्रमुख डॉ. हिलाल अहमद मलिक ने घाटी में औषधीय पौधों के संरक्षण और संवर्धन के लिए कृषि विश्वविद्यालय कश्मीर द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। आरसीएफसी एनआर-II के विजिटिंग ऑफिसर डॉ. इम्तियाज अहमद सोफी ने गुरेज घाटी की औषधीय पौधों की विविधता पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने संरक्षण, खेती, मूल्य संवर्धन और विपणन में आरसीएफसी की भूमिका बताई। साथ ही नेशनल मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड के तहत मिलने वाले अवसरों और सहायता तंत्रों की जानकारी दी। डॉ. मोहम्मद आसिफ शेख ने गुरेज घाटी की औषधीय पौधों की संपदा का व्यापक विवरण प्रस्तुत किया। संवाद