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घाटी में ईद की नमाज पर विवाद: प्रशासन की रोक से बढ़ी नाराजगी, श्रीनगर की जामा मस्जिद में फिर नहीं मिली अनुमति
अमर उजाला, नेटवर्क श्रीनगर
Published by: Nikita Gupta
Updated Wed, 27 May 2026 03:42 PM IST
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सार
श्रीनगर की ऐतिहासिक जामा मस्जिद और ईदगाह में लगातार आठवें साल नमाज की इजाजत नहीं दी गई, जबकि हजरतबल दरगाह में सबसे बड़ी भीड़ उमड़।
ईद-उल-अजहा
- फोटो : बासीत जरगर
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर में बुधवार को ईद-उल-अजहा का पर्व शांति के साथ मनाया गया। इस मौके पर घाटी और जम्मू क्षेत्र के मस्जिदों, ईदगाहों और दरगाहों में बड़ी संख्या में लोगों ने ईद की नमाज अदा की और देश-प्रदेश में अमन-चैन की दुआ मांगी।
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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला नमाज अदा करते
- फोटो : बासीत जरगर
श्रीनगर के हजरतबल दरगाह में सबसे बड़ी भीड़ देखने को मिली, जहां 60,000 से अधिक लोगों ने ईद की नमाज अदा की। वहीं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती भी इस मौके पर मौजूद रहे और नमाज अदा की।
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ईद पर बच्चे एक दूसरे से मिलते
- फोटो : बासीत जरगर
हालांकि लगातार आठवें साल श्रीनगर की ऐतिहासिक जामा मस्जिद और ईदगाह में ईद की नमाज की अनुमति नहीं दी गई, जिससे स्थानीय लोगों और मीरवाइज उमर फारूक ने नाराजगी जताई। मीरवाइज को घर में नजरबंद भी रखा गया।
महबूबा मुफ्ती नमाज अदा करते हुए
- फोटो : बसित जरगर
जम्मू में भी ईद का त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। रेजिडेंसी रोड स्थित ईदगाह, मीका मस्जिद बठिंडी और जामिया मस्जिद तालाब खटीकन में बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की। इसके बाद पारंपरिक रूप से बकरे और अन्य जानवरों की कुर्बानी दी गई।
जम्मू-कश्मीर में ईद-उल-अजहा
- फोटो : बसित जरगर
प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी ताकि ईद का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। धार्मिक नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को ईद की शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश और देश में अमन-शांति की कामना की।