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J&K: विदेशों से दुष्प्रचार करने वाले तीन भगोड़ों के घर नोटिस चस्पा, तुर्किये और जर्मनी में हैं तीनों आरोपी
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Wed, 14 Jan 2026 12:18 PM IST
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सार
श्रीनगर और कुपवाड़ा में उनके घरों पर नोटिस चिपकाए गए हैं और 31 जनवरी तक कोर्ट हाजिरी न होने पर उनकी संपत्ति कुर्क करने की चेतावनी दी गई है।
कुपवाड़ा के त्रेगाम में आरोपी के घर पर उद्घोषणा लगाते कर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जर्मनी और तुर्किये में बैठकर भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करने वाले तीन भगोड़ों पर शिकंजा कस गया है। काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) ने मंगलवार को तीन फरार आरोपियों के खिलाफ सार्वजनिक उद्घोषणा (प्रोक्लेमेशन) जारी की है।
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श्रीनगर की विशेष अदालत के आदेश पर इन आरोपियों के श्रीनगर और कुपवाड़ा में घरों पर नोटिस चिपका दिए गए हैं। इन्हें चेतावनी दी गई है कि यदि वे समय पर पेश नहीं हुए तो उनकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी।
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आरोपियों में मुबीन अहमद शाह निवासी बुचवारा श्रीनगर, अजीज-उल-हसन अशई उर्फ टोनी अशई निवासी डॉक वाली कॉलोनी जवाहर नगर श्रीनगर और रिफत वानी निवासी त्रेगाम कुपवाड़ा हैं।
आरोपियों में रिफत जर्मनी में और मुबीन व अजीज तुर्किये में है। जांच में खुलासा हुआ है कि ये आरोपी खुद को पत्रकार और फ्रीलांसर बताकर असल में एक गुप्त अलगाववादी अभियान चला रहे थे। ये लोग सोशल मीडिया पर फर्जी और भड़काऊ सामग्री फैलाकर कश्मीर की सड़कों पर हिंसा भड़काने और आम जनजीवन को बाधित करने की साजिश रच रहे थे।
पुलिस ने मुनादी के तहत स्पष्ट कर दिया है कि यदि ये तीनों आरोपी 31 जनवरी तक कोर्ट में हाजिर नहीं होते हैं तो उनकी चल और अचल संपत्तियों को कुर्क किया जाएगा। एक अधिकारी ने बताया कि त्रेगाम में मोहम्मद शफी वानी के पुराने संयुक्त आवासीय घर पर नोटिस चिपकाया गया है। आरोपी रिफत गुल वानी शफी की बहन है और वर्तमान में वह जर्मनी में है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार रिफत के पिता गुलाम मोहम्मद वानी जेकेएलएफ से जुड़े थे और उन्होंने 1988 में अवैध रूप से नियंत्रण रेखा पार की थी।
1989 में घाटी लौटे लेकिन इसी साल रिफत समेत परिवार के सदस्यों के साथ फिर सीमा पार कर गए। बाद में उन्होंने कथित तौर पर पाकिस्तान छोड़ दिया और मलेशिया में बस गए।रिफत की शादी पेशावर पाकिस्तान में खालिद काकजिया से हुई थी। इसके बाद वह अपने पति और दो बच्चों के साथ पाकिस्तान से जर्मनी चली गई जहां उसने कथित तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भारत विरोधी वीडियो और सामग्री अपलोड की। उसके खिलाफ सीआईके श्रीनगर में मामला दर्ज किया गया। बाकी दो अन्य आरोपी तुर्किये में बताए जाते हैं।