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J&K: 'बढ़ता कश्मीर अब नए भारत की पहचान बन रहा है, लाखों पर्यटकों की वापसी इसका प्रमाण', केंद्रीय मंत्री शेखावत

अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: निकिता गुप्ता Updated Fri, 07 Nov 2025 12:43 PM IST
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सार

केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि कश्मीर विकास और पर्यटन के नए दौर की ओर बढ़ रहा है और अब नए भारत की पहचान बन रहा है। उन्होंने घाटी में लाखों पर्यटकों की वापसी को इसका प्रमाण बताते हुए पर्यटन को रोजगार और आर्थिक विकास का प्रमुख क्षेत्र बताया।

Rising Kashmir is now becoming the identity of new India Shekhawat
गजेंद्र सिंह शेखावत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने वीरवार को कहा कि कश्मीर नए दौर की ओर बढ़ रहा है जहां विकास जमीन पर दिखाई दे रहा है। सम्मान, समान अवसरव आत्मगौरव से भरे भविष्य की राह पर बढ़ता कश्मीर अब नए भारत की पहचान बन रहा है।

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उन्होंने वीरवार को कश्मीर यूनिवर्सिटी में विश्वग्राम की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित किया। शेखावत ने कहा कि कश्मीर की पहचान कभी नकारात्मक घटनाओं की वजह से होती थी लेकिन अब वह पहचान पूरी तरह बदल चुकी है। घाटी में लाखों पर्यटकों की वापसी इसका प्रमाण है।
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की जीडीपी में पर्यटन क्षेत्र का योगदान वर्तमान में 5.6 प्रतिशत है जिसे वर्ष 2047 तक 10 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने अभूतपूर्व प्रगति की है। लाखों किलोमीटर सड़कें, रेललाइनें और नए हवाई अड्डे बन रहे हैं।

कश्मीर तक ट्रेन पहुंच चुकी है और पर्यटन के नए द्वार खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर, आने वाले 20 वर्षों में भारत में पर्यटन की वृद्धि दर 20 प्रतिशत पहुंचती है तो इसका सबसे बड़ा लाभ कश्मीर के लोगों को मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री ने पहलगाम की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह कश्मीर ने एकजुट होकर हिंसा का विरोध किया, वह नए कश्मीर की झलक थी। इसी का नतीजा है कि आज फिर कश्मीर वही उत्साह देखने को मिल रही है। आज का युवा इंस्टाग्राम रील देखकर अपनी यात्रा तय करता है और कश्मीर में ऐसा बहुत कुछ है, जो उसे आकर्षित कर सकता है, चाहे वह आध्यात्मिक पर्यटन हो, बौद्ध और शैव कालखंड के अवशेष हों या ग्रामीण होमस्टे का अनुभव हो।

पर्यटन अधिकाधिक रोजगार सृजित करने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र है और इसमें निवेश किया गया एक करोड़ रुपये कई गुना प्रभाव से रोजगार पैदा करता है। वर्ष 2047 तक पर्यटन कृषि और एमएसएमई के बाद सबसे बड़ा रोजगार सृजन करने वाला क्षेत्र बन जाएगा।

नए स्थानों से होगी कश्मीर की पहचान
शेखावत ने कहा कि केंद्र, राज्य सरकार और विश्व बैंक मिलकर नए पर्यटन स्थलों के विकास पर काम कर रहे हैं, जिसकी वजह से आने वाले समय में कश्मीर की पहचान केवल गुलमर्ग और पहलगाम तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि नए स्थानों से भी होगी, जो युवाओं के लिए रोजगार और अवसर दोनों लेकर आएंगे। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे कश्मीर के पर्यटन को स्थायी और विकेंद्रीकृत बनाने की जिम्मेदारी लें।

भारत जल्द बनेगा तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज भारत जिस तरह आगे बढ़ रहा है उससे आने वाले कुछ वर्षों में भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने से कोई नहीं रोक सकता है। जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने सार्थक प्रयास किए हैं, उसके चलते कुछ ही वर्षों में देश में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं।

जब कोई देश इस दिशा में आगे बढ़ता है तो उसमें सबसे बड़ी जिम्मेदारी या तो शिक्षण संस्थानों की होती है या उस शिक्षण संस्थान द्वारा सृजित यूथ की होती है। उन्होंने भरोसा जताया कि इसी के परिणाम स्वरूप भारत विश्व पटल पर अपनी उपस्थिति को मजबूत करता जाएगा।

विश्वग्राम के कार्यक्रम का रंगारंग समापन
विश्वग्राम की अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन के सत्र वीरवार को कश्मीर यूनिवर्सिटी में हुए। यूनिवर्सिटी में सुबह 9 बजे से 10 बजे तक पंजीकरण चला जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने संगोष्ठी के लिए पंजीकरण कराया। सुबह 10 से 11 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों ने मन मोह लिया।

सुबह 11 से दोपहर 12:15 बजे तक चौथा सत्र युवा निर्माण पर हुआ। पांचवां सत्र दोपहर 12:15 से 1:15 तक शांति, सुरक्षा, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक दायित्व पर हुआ। इसमें वक्ताओं ने मौजूद विद्यार्थियों से राष्ट्र के निर्माण में अपने दायित्व को पहचाने पर जोर दिया। छठा सत्र दोपहर 2:15 से 3:15 तक स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत पर और सातवां सत्र दोपहर 3:15 बजे हुआ। समापन समारोह में अतिथियों का सम्मान किया गया और आयोजकों की ओर से धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

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