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Srinagar News: बर्फबारी से बांदीपोरा-गुरेज मार्ग बंद, फंसे पर्यटकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया
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- पर्यटकों और स्थानीय यात्रियों को ले जा रहे 22 वाहन फंसे, डीसी के निर्देश पर चलाया बचाव अभियान
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले में सोमवार को बर्फबारी और भूस्खलन के कारण बांदीपोरा-गुरेज मार्ग बंद हो गया। इससे कई वाहन खराब मौसम की स्थिति में फंस गए। इसके बाद जिला प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर फंसे हुए पर्यटकों और यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
यह बचाव अभियान ऐसे समय में चलाया गया है जब बर्फबारी और अस्थिर भूभाग के कारण दूरदराज की गुरेज घाटी से संपर्क लगातार बाधित हो रहा है। यह घाटी रणनीतिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र है और पूरी तरह से इस सड़क मार्ग पर निर्भर है।
अधिकारियों ने बताया कि अचानक बर्फ जमा होने, मलबा खिसकने और चट्टानें गिरने से सड़क आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद हो गई। इसके बाद पर्यटकों और स्थानीय यात्रियों को ले जा रहे कम से कम 22 वाहन इस मार्ग पर कई जगहों पर विशेष रूप से राजदान टॉप के पास फंस गए थे। उन्होंने बताया कि तेज हवा और तूफानी मौसम ने स्थिति को और भी जटिल बना दिया था जिससे दृश्यता कम हो गई। ऊंचे पहाड़ी इलाके में फंसे लोगों के लिए जोखिम बढ़ गया था।
संकट की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। अधिकारियों ने बताया कि बांदीपोरा की जिला उपायुक्त इंदु कंवल चिब ने इस पूरे अभियान की निगरानी की और संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे फंसे हुए सभी लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना सुनिश्चित करें। बचाव और सड़क साफ करने के कार्यों को अंजाम देने के लिए मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग (एमईडी) और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया।
इस अभियान में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि लगातार बर्फबारी और खतरनाक परिस्थितियों के बावजूद हमारी टीमों ने बर्फ और मलबा हटाने तथा सड़क संपर्क बहाल करने के लिए अथक प्रयास किया। भारी मशीनों का उपयोग कर टीमों ने सड़क के अवरुद्ध हिस्सों को साफ किया और सुरक्षित रास्ते बनाए। इससे फंसे हुए वाहन चरणबद्ध तरीके से प्रभावित क्षेत्र से बाहर निकल सके। सभी पर्यटकों और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। जहां आवश्यकता थी वहां उन्हें मौके पर ही सहायता उपलब्ध कराई गई जिसमें चिकित्सा सहायता भी शामिल है। बचाए गए कुछ लोगों ने कहा कि अधिकारियों की ओर से समय पर की गई कार्रवाई ने एक संभावित गंभीर संकट को टाल दिया।
बचाव दल सही समय पर पहुंच गया : गुलजार अहमद
फंसे हुए यात्रियों में से एक गुलजार अहमद ने कहा कि भारी बर्फबारी और चट्टानें गिरने के कारण हम कई घंटों तक वहीं फंसे रहे। बचाव दल सही समय पर वहां पहुंच गया और उन्होंने हमारी सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की। बांदीपोरा-गुरेज सड़क विशेष रूप से राजदान टॉप वाला हिस्सा भारी बर्फबारी, हिमस्खलन और भूस्खलन के कारण सर्दियों और वसंत की शुरुआत में अक्सर बंद हो जाता है। अधिकारियों ने बताया कि यह सड़क मौसम में अचानक होने वाले बदलाव के कारण बहुत ज्यादा संवेदनशील है।
स्थिति सामान्य होने तक इस रास्ते का इस्तेमाल करने से बचें
अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि जब तक मौसम की स्थिति सामान्य न हो जाए तब तक वे इस रास्ते का इस्तेमाल करने से बचें और प्रशासन की ओर से जारी की गई आधिकारिक सलाह का सख्ती से पालन करें। उन्होंने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा सामान्य आवागमन बहाल करने के लिए आगे और कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन ने दोहराया कि गुरेज जैसे ऊंचे पहाड़ी इलाकों में आपात स्थितियों से निपटने के लिए नागरिक विभागों और सड़क रखरखाव एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल बहुत जरूरी है।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले में सोमवार को बर्फबारी और भूस्खलन के कारण बांदीपोरा-गुरेज मार्ग बंद हो गया। इससे कई वाहन खराब मौसम की स्थिति में फंस गए। इसके बाद जिला प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर फंसे हुए पर्यटकों और यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
यह बचाव अभियान ऐसे समय में चलाया गया है जब बर्फबारी और अस्थिर भूभाग के कारण दूरदराज की गुरेज घाटी से संपर्क लगातार बाधित हो रहा है। यह घाटी रणनीतिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र है और पूरी तरह से इस सड़क मार्ग पर निर्भर है।
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अधिकारियों ने बताया कि अचानक बर्फ जमा होने, मलबा खिसकने और चट्टानें गिरने से सड़क आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद हो गई। इसके बाद पर्यटकों और स्थानीय यात्रियों को ले जा रहे कम से कम 22 वाहन इस मार्ग पर कई जगहों पर विशेष रूप से राजदान टॉप के पास फंस गए थे। उन्होंने बताया कि तेज हवा और तूफानी मौसम ने स्थिति को और भी जटिल बना दिया था जिससे दृश्यता कम हो गई। ऊंचे पहाड़ी इलाके में फंसे लोगों के लिए जोखिम बढ़ गया था।
संकट की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। अधिकारियों ने बताया कि बांदीपोरा की जिला उपायुक्त इंदु कंवल चिब ने इस पूरे अभियान की निगरानी की और संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे फंसे हुए सभी लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना सुनिश्चित करें। बचाव और सड़क साफ करने के कार्यों को अंजाम देने के लिए मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग (एमईडी) और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया।
इस अभियान में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि लगातार बर्फबारी और खतरनाक परिस्थितियों के बावजूद हमारी टीमों ने बर्फ और मलबा हटाने तथा सड़क संपर्क बहाल करने के लिए अथक प्रयास किया। भारी मशीनों का उपयोग कर टीमों ने सड़क के अवरुद्ध हिस्सों को साफ किया और सुरक्षित रास्ते बनाए। इससे फंसे हुए वाहन चरणबद्ध तरीके से प्रभावित क्षेत्र से बाहर निकल सके। सभी पर्यटकों और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। जहां आवश्यकता थी वहां उन्हें मौके पर ही सहायता उपलब्ध कराई गई जिसमें चिकित्सा सहायता भी शामिल है। बचाए गए कुछ लोगों ने कहा कि अधिकारियों की ओर से समय पर की गई कार्रवाई ने एक संभावित गंभीर संकट को टाल दिया।
बचाव दल सही समय पर पहुंच गया : गुलजार अहमद
फंसे हुए यात्रियों में से एक गुलजार अहमद ने कहा कि भारी बर्फबारी और चट्टानें गिरने के कारण हम कई घंटों तक वहीं फंसे रहे। बचाव दल सही समय पर वहां पहुंच गया और उन्होंने हमारी सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की। बांदीपोरा-गुरेज सड़क विशेष रूप से राजदान टॉप वाला हिस्सा भारी बर्फबारी, हिमस्खलन और भूस्खलन के कारण सर्दियों और वसंत की शुरुआत में अक्सर बंद हो जाता है। अधिकारियों ने बताया कि यह सड़क मौसम में अचानक होने वाले बदलाव के कारण बहुत ज्यादा संवेदनशील है।
स्थिति सामान्य होने तक इस रास्ते का इस्तेमाल करने से बचें
अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि जब तक मौसम की स्थिति सामान्य न हो जाए तब तक वे इस रास्ते का इस्तेमाल करने से बचें और प्रशासन की ओर से जारी की गई आधिकारिक सलाह का सख्ती से पालन करें। उन्होंने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा सामान्य आवागमन बहाल करने के लिए आगे और कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन ने दोहराया कि गुरेज जैसे ऊंचे पहाड़ी इलाकों में आपात स्थितियों से निपटने के लिए नागरिक विभागों और सड़क रखरखाव एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल बहुत जरूरी है।