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Srinagar News: सीएम ने खीर भवानी मेले की तैयारियां जांचीं, बोले-तीर्थयात्री जम्मू-कश्मीर में शांति-भाईचारे की करें प्रार्थना
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गांदरबल में खीर भवानी पहुंचे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला। संवाद
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- उमर अब्दुल्ला ने गांदरबल स्थित खीर भवानी मंदिर में माथा टेक कर पूजा-अर्चना भी की
- कहा, अमरनाथ यात्रा की मुख्य जिम्मेदारी श्राइन बोर्ड की, सरकार देगी पूरा सहयोग, कश्मीरी पंडितों के लिए पुलवामा व शोपियां में बनाए जा रहे हैं ट्रांजिट आवास
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वीरवार को गांदरबल जिले में स्थित खीर भवानी मंदिर का दौरा किया। उन्होंने मंदिर में माथा टेक कर पूजा-अर्चना भी की। उन्होंने आगामी सोमवार को यहां लगने वाले वार्षिक मेले की तैयारियाें का जायजा लिया। सीएम ने तीर्थयात्रियों से जम्मू-कश्मीर में शांति और भाईचारे के लिए प्रार्थना करने की अपील की।
जिले के तुलमुल्ला स्थित रागन्या देवी के मंदिर जिसे माता खीर भवानी के नाम से जाना जाता है, में सोमवार को होने वाले वार्षिक मेले में शामिल होने के लिए कश्मीरी पंडितों सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के लिए की गई विभिन्न सुविधाओं का निरीक्षण किया। मेले के सुचारु संचालन के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की। पत्रकारों से बातचीत करते अब्दुल्ला ने कहा कि यह एक पवित्र दिन है। माता के दर्शन करने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों से लोग यहां आते हैं। मैं यहां मुख्यमंत्री और उससे भी बढ़कर गांदरबल के विधायक के रूप में व्यवस्थाओं का आकलन करने और तैयारियों की समीक्षा करने आया हूं।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने मंदिर के पुजारियों और अन्य लोगों से बात की, जिन्होंने व्यवस्थाओं को लेकर कुछ मुद्दे उठाए थे। उन्होंने आश्वासन दिया कि 22 जून को होने वाले मेले से पहले इन समस्याओं का समाधान करने के प्रयास किए जाएंगे। आगामी वार्षिक अमरनाथ यात्रा के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में अब्दुल्ला ने कहा कि श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड इस तीर्थयात्रा की व्यवस्थाओं की देखरेख करता है जो इस साल 3 जुलाई से शुरू हो रही है। बोर्ड यात्रा की देखरेख करता है और यात्रा को सुचारू रूप से चलाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी बोर्ड की ही है। हालांकि, सरकार की तरफ से हमें जो भी सहयोग देना है, हम वह दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने तीर्थयात्रियों से जम्मू-कश्मीर में शांति और भाईचारे के लिए प्रार्थना करने की अपील की। हम उम्मीद करते हैं कि चाहे माता खीर भवानी का मेला हो या अमरनाथ यात्रा, तीर्थयात्री सुचारू रूप से दर्शन और प्रार्थना करें। हमें उम्मीद है कि जब वे प्रार्थना करेंगे, तो वे जम्मू-कश्मीर में शांति और भाईचारे के लिए भी प्रार्थना करेंगे।
निर्वाचन क्षेत्र में किसानों को सिंचाई की समस्याओं का सामना करने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस संकट को कम करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी रिपोर्ट कुछ ही जगहों से हैं, पूरे गांदरबल से नहीं। नहरों आदि के माध्यम से जो कुछ भी किया जा सकता है, वह किया जा रहा है ताकि सिंचाई के पानी की कमी न हो। हम अल्लाह के शुक्रगुजार हैं कि पिछले कुछ दिनों में बारिश हुई जिससे पानी की किल्लत थोड़ी कम हुई है लेकिन जहां भी जरूरत होगी, मैं संबंधित मंत्री जावेद राणा और अधिकारियों को मौके पर भेजूंगा ताकि जो भी काम बाकी है, उसे पूरा किया जा सके।
जब उनसे उन रिपोर्टों के बारे में पूछा गया जिनमें कहा जा रहा है कि शोपियां और पुलवामा में कश्मीरी पंडितों के लिए कॉलोनियां बनाई जा रही हैं तो मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वे ट्रांजिट आवास हैं और हर जगह बनाए जा रहे हैं। अब्दुल्ला ने कहा कि यह पीएम पैकेज के कर्मचारियों के लिए बनाया जा रहा है ताकि उन्हें रहने के लिए एक अच्छी जगह मिले और वे सुचारू रूप से काम कर सकें। यह काम पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के समय में शुरू हुआ था और अभी भी चल रहा है।
- कहा, अमरनाथ यात्रा की मुख्य जिम्मेदारी श्राइन बोर्ड की, सरकार देगी पूरा सहयोग, कश्मीरी पंडितों के लिए पुलवामा व शोपियां में बनाए जा रहे हैं ट्रांजिट आवास
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वीरवार को गांदरबल जिले में स्थित खीर भवानी मंदिर का दौरा किया। उन्होंने मंदिर में माथा टेक कर पूजा-अर्चना भी की। उन्होंने आगामी सोमवार को यहां लगने वाले वार्षिक मेले की तैयारियाें का जायजा लिया। सीएम ने तीर्थयात्रियों से जम्मू-कश्मीर में शांति और भाईचारे के लिए प्रार्थना करने की अपील की।
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जिले के तुलमुल्ला स्थित रागन्या देवी के मंदिर जिसे माता खीर भवानी के नाम से जाना जाता है, में सोमवार को होने वाले वार्षिक मेले में शामिल होने के लिए कश्मीरी पंडितों सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के लिए की गई विभिन्न सुविधाओं का निरीक्षण किया। मेले के सुचारु संचालन के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की। पत्रकारों से बातचीत करते अब्दुल्ला ने कहा कि यह एक पवित्र दिन है। माता के दर्शन करने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों से लोग यहां आते हैं। मैं यहां मुख्यमंत्री और उससे भी बढ़कर गांदरबल के विधायक के रूप में व्यवस्थाओं का आकलन करने और तैयारियों की समीक्षा करने आया हूं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने मंदिर के पुजारियों और अन्य लोगों से बात की, जिन्होंने व्यवस्थाओं को लेकर कुछ मुद्दे उठाए थे। उन्होंने आश्वासन दिया कि 22 जून को होने वाले मेले से पहले इन समस्याओं का समाधान करने के प्रयास किए जाएंगे। आगामी वार्षिक अमरनाथ यात्रा के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में अब्दुल्ला ने कहा कि श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड इस तीर्थयात्रा की व्यवस्थाओं की देखरेख करता है जो इस साल 3 जुलाई से शुरू हो रही है। बोर्ड यात्रा की देखरेख करता है और यात्रा को सुचारू रूप से चलाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी बोर्ड की ही है। हालांकि, सरकार की तरफ से हमें जो भी सहयोग देना है, हम वह दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने तीर्थयात्रियों से जम्मू-कश्मीर में शांति और भाईचारे के लिए प्रार्थना करने की अपील की। हम उम्मीद करते हैं कि चाहे माता खीर भवानी का मेला हो या अमरनाथ यात्रा, तीर्थयात्री सुचारू रूप से दर्शन और प्रार्थना करें। हमें उम्मीद है कि जब वे प्रार्थना करेंगे, तो वे जम्मू-कश्मीर में शांति और भाईचारे के लिए भी प्रार्थना करेंगे।
निर्वाचन क्षेत्र में किसानों को सिंचाई की समस्याओं का सामना करने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस संकट को कम करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी रिपोर्ट कुछ ही जगहों से हैं, पूरे गांदरबल से नहीं। नहरों आदि के माध्यम से जो कुछ भी किया जा सकता है, वह किया जा रहा है ताकि सिंचाई के पानी की कमी न हो। हम अल्लाह के शुक्रगुजार हैं कि पिछले कुछ दिनों में बारिश हुई जिससे पानी की किल्लत थोड़ी कम हुई है लेकिन जहां भी जरूरत होगी, मैं संबंधित मंत्री जावेद राणा और अधिकारियों को मौके पर भेजूंगा ताकि जो भी काम बाकी है, उसे पूरा किया जा सके।
जब उनसे उन रिपोर्टों के बारे में पूछा गया जिनमें कहा जा रहा है कि शोपियां और पुलवामा में कश्मीरी पंडितों के लिए कॉलोनियां बनाई जा रही हैं तो मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वे ट्रांजिट आवास हैं और हर जगह बनाए जा रहे हैं। अब्दुल्ला ने कहा कि यह पीएम पैकेज के कर्मचारियों के लिए बनाया जा रहा है ताकि उन्हें रहने के लिए एक अच्छी जगह मिले और वे सुचारू रूप से काम कर सकें। यह काम पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के समय में शुरू हुआ था और अभी भी चल रहा है।