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आपदा के समय असरदार कार्रवाई के लिए मिलकर काम करना जरूरी : डीजीपी
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) नलिन प्रभात ने वीरवार को जम्मू-कश्मीर में आपदा के समय मिलकर काम करने की बढ़ती जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहाड़ी इलाकों में बादल फटने और भूस्खलन के बढ़ते खतरों की वजह से रेस्क्यू टीमों की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा अहम हो गई है। डीजीपी नलिन प्रभात ने श्री अमरनाथ जी यात्रा रूट और पवित्र गुफा के पास 21 जगहों से 45 खास माउंटेन रेस्क्यू टीमों को रवाना किया। बेहतर संसाधनों और रेस्क्यू उपकरणों से लैस इन टीमों को सालाना यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की मदद करने और इमरजेंसी की स्थिति में तेजी से कार्रवाई करने के लिए तैनात किया गया है।
एसडीआरएफ के जवानों को संबोधित करते हुए डीजीपी ने एसडीआरएफ और माउंटेन रेस्क्यू टीमों के काम की तारीफ़ की और गुलमर्ग रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान उनकी कोशिशों को याद किया। डीजीपी ने कहा, उस दिन आपने जिस जोश, कड़ी मेहनत और कुशलता के साथ काम किया, वह ग्लोबल स्टैंडर्ड का था। उन्होंने गुलमर्ग रेस्क्यू मिशन में शामिल सभी जवानों को सम्मान देने का वादा किया था। सम्मान के लिए चुने गए जवानों की लिस्ट मिल गई है और उन्हें मंजूरी भी दे दी गई है, जबकि जिला पुलिस यूनिट्स से बाकी सिफारिशों का इंतजार है। ट्रेनिंग हर फोर्स और हर मुश्किल काम के लिए बुनियादी जरूरत है। ट्रेनिंग का कोई विकल्प नहीं है।
आपकी अलग-अलग ट्रेनिंग चाहे कितनी भी अच्छी क्यों न हो, जब तक आप आपसी तालमेल के लिए मिलकर ट्रेनिंग नहीं करते, तब तक हम मिलकर काम करने और आपसी सहयोग के लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाएंगे। उन्होंने अलग-अलग बचाव एजेंसियों के बीच तालमेल बेहतर करने के मकसद से एक जॉइंट ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित करने के लिए एसडीआरएफ टीम को बधाई दी और इसे अपनी तरह की पहली पहल बताया।
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) नलिन प्रभात ने वीरवार को जम्मू-कश्मीर में आपदा के समय मिलकर काम करने की बढ़ती जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहाड़ी इलाकों में बादल फटने और भूस्खलन के बढ़ते खतरों की वजह से रेस्क्यू टीमों की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा अहम हो गई है। डीजीपी नलिन प्रभात ने श्री अमरनाथ जी यात्रा रूट और पवित्र गुफा के पास 21 जगहों से 45 खास माउंटेन रेस्क्यू टीमों को रवाना किया। बेहतर संसाधनों और रेस्क्यू उपकरणों से लैस इन टीमों को सालाना यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की मदद करने और इमरजेंसी की स्थिति में तेजी से कार्रवाई करने के लिए तैनात किया गया है।
एसडीआरएफ के जवानों को संबोधित करते हुए डीजीपी ने एसडीआरएफ और माउंटेन रेस्क्यू टीमों के काम की तारीफ़ की और गुलमर्ग रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान उनकी कोशिशों को याद किया। डीजीपी ने कहा, उस दिन आपने जिस जोश, कड़ी मेहनत और कुशलता के साथ काम किया, वह ग्लोबल स्टैंडर्ड का था। उन्होंने गुलमर्ग रेस्क्यू मिशन में शामिल सभी जवानों को सम्मान देने का वादा किया था। सम्मान के लिए चुने गए जवानों की लिस्ट मिल गई है और उन्हें मंजूरी भी दे दी गई है, जबकि जिला पुलिस यूनिट्स से बाकी सिफारिशों का इंतजार है। ट्रेनिंग हर फोर्स और हर मुश्किल काम के लिए बुनियादी जरूरत है। ट्रेनिंग का कोई विकल्प नहीं है।
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आपकी अलग-अलग ट्रेनिंग चाहे कितनी भी अच्छी क्यों न हो, जब तक आप आपसी तालमेल के लिए मिलकर ट्रेनिंग नहीं करते, तब तक हम मिलकर काम करने और आपसी सहयोग के लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाएंगे। उन्होंने अलग-अलग बचाव एजेंसियों के बीच तालमेल बेहतर करने के मकसद से एक जॉइंट ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित करने के लिए एसडीआरएफ टीम को बधाई दी और इसे अपनी तरह की पहली पहल बताया।