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Srinagar News: शोपियां में ओलावृष्टि से सेब बागानों को भारी नुकसान, 95 प्रतिशत फसल तबाह
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शोपियां में पड़े ओले। संवाद
- फोटो : भारतीय जनता पार्टी की महानगर इकाई
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- किसान कर्ज माफी और मुआवजे की मांग पर डीसी-विधायक ने लिया हालात का जायजा
संवाद न्यूज एजेंसी
शोपियां। जिले में तेज हवा के साथ हुई जोरदार ओलावृष्टि ने सैकड़ों सेब बागवानों की कमर तोड़ दी। चैगुंड, औडू, डायरू, कीगाम, डोमपोरा, नायडगुंड, कलमपोरा और दरमदोरा समेत कई गांवों में खड़ी फसल तबाह हो गई।
फल लगने के वक्त आई आफत
ओलावृष्टि ऐसे समय आई जब सेब का फल विकास के अहम चरण में था। बागवानों के मुताबिक करीब 95 प्रतिशत फसल खराब हो गई है। सेबों पर गहरे निशान और कट के निशान हैं, जिससे गुणवत्ता और बाजार भाव दोनों पर असर पड़ेगा। इस साल अच्छी फसल की उम्मीद थी लेकिन कुछ मिनटों में ओले ने सब बर्बाद कर दिया। कीगाम के एक पीड़ित बागवान ने कहा नुकसान बर्दाश्त के बाहर है। कीगाम के एक पीड़ित बागवान ने कहा।
किसान क्रेडिट कर्ज माफी की मांग
सेब की फसल अक्टूबर-नवंबर में बाजार में आती है और यही किसानों की सालभर की कमाई का जरिया है। अचानक फसल बर्बाद होने से बागवान आर्थिक संकट में फंस गए हैं। कई किसानों ने पूरे सीजन बागों पर भारी निवेश किया था। बागवानों ने सरकार से तुरंत मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड कर्ज माफ करने और बागवानी व कृषि विभाग से नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की।
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डीसी व विधायक ने किया दौरा
डीसी शोपियां शिशिर गुप्ता और विधायक शबीर अहमद कुल्ले ने प्रभावित गांवों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने बागवानों से बात कर उनकी परेशानियां सुनीं। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि प्रशासन मुश्किल वक्त में किसानों के साथ है। नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उपराज्यपाल कार्यालय समेत उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी ताकि राहत और पुनर्वास के कदम उठाए जा सकें। ओलावृष्टि ने एक बार फिर कश्मीर के बागवानी सेक्टर की मौसम की मार के आगे कमजोरी उजागर कर दी है। बागवानों को उम्मीद है कि समय पर सरकारी मदद से वे नुकसान से उबर पाएंगे।
संवाद न्यूज एजेंसी
शोपियां। जिले में तेज हवा के साथ हुई जोरदार ओलावृष्टि ने सैकड़ों सेब बागवानों की कमर तोड़ दी। चैगुंड, औडू, डायरू, कीगाम, डोमपोरा, नायडगुंड, कलमपोरा और दरमदोरा समेत कई गांवों में खड़ी फसल तबाह हो गई।
फल लगने के वक्त आई आफत
ओलावृष्टि ऐसे समय आई जब सेब का फल विकास के अहम चरण में था। बागवानों के मुताबिक करीब 95 प्रतिशत फसल खराब हो गई है। सेबों पर गहरे निशान और कट के निशान हैं, जिससे गुणवत्ता और बाजार भाव दोनों पर असर पड़ेगा। इस साल अच्छी फसल की उम्मीद थी लेकिन कुछ मिनटों में ओले ने सब बर्बाद कर दिया। कीगाम के एक पीड़ित बागवान ने कहा नुकसान बर्दाश्त के बाहर है। कीगाम के एक पीड़ित बागवान ने कहा।
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किसान क्रेडिट कर्ज माफी की मांग
सेब की फसल अक्टूबर-नवंबर में बाजार में आती है और यही किसानों की सालभर की कमाई का जरिया है। अचानक फसल बर्बाद होने से बागवान आर्थिक संकट में फंस गए हैं। कई किसानों ने पूरे सीजन बागों पर भारी निवेश किया था। बागवानों ने सरकार से तुरंत मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड कर्ज माफ करने और बागवानी व कृषि विभाग से नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की।
डीसी व विधायक ने किया दौरा
डीसी शोपियां शिशिर गुप्ता और विधायक शबीर अहमद कुल्ले ने प्रभावित गांवों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने बागवानों से बात कर उनकी परेशानियां सुनीं। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि प्रशासन मुश्किल वक्त में किसानों के साथ है। नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उपराज्यपाल कार्यालय समेत उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी ताकि राहत और पुनर्वास के कदम उठाए जा सकें। ओलावृष्टि ने एक बार फिर कश्मीर के बागवानी सेक्टर की मौसम की मार के आगे कमजोरी उजागर कर दी है। बागवानों को उम्मीद है कि समय पर सरकारी मदद से वे नुकसान से उबर पाएंगे।