{"_id":"6a4c12d1afedad1574038533","slug":"srinagar-lg-manoj-sinha-women-empowernment-honored-of-womes-srinagar-news-c-10-1-agr1010-954598-2026-07-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिलाओं का सशक्तीकरण विकसित जम्मू-कश्मीर की कुंजी : उपराज्यपाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिलाओं का सशक्तीकरण विकसित जम्मू-कश्मीर की कुंजी : उपराज्यपाल
विज्ञापन
लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में उपराज्यपाल। स्रोत लोक भवन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- मनोज सिन्हा ने कश्मीर महिला संगठन फेलोशिप पाने वालों को सम्मानित किया
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को लोकभवन में आयोजित एक समारोह में कश्मीर महिला संगठन फेलोशिप पाने वाली 32 प्रतिभाशाली महिलाओं को सम्मानित किया। अपने संबोधन में उपराज्यपाल ने कहा, महिलाओं का सशक्तीकरण विकसित जम्मू-कश्मीर की कुंजी है।
उन्होंने इन फेलो को जम्मू-कश्मीर के उस बदलाव का प्रतीक बताया जो आत्मविश्वास, समान अवसरों और सभी के सम्मान पर आधारित भविष्य की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने डॉ. फिदा फिरदौस और कश्मीर महिला संगठन के सभी सदस्यों के प्रयासों की सराहना की। उपराज्यपाल ने कहा, उन्होंने एक ऐसा मजबूत मंच बनाया है जहां इस क्षेत्र की नारी शक्ति आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकती है। अपनी प्रतिभा, विचारों और पहचान को अपना सकती है और जम्मू-कश्मीर के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सार्थक भूमिका निभा सकती है।
बहुत कम समय में कश्मीर महिला संगठन ने उम्मीद, भरोसे और सकारात्मक बदलाव के एक शक्तिशाली केंद्र के रूप में पहचान बनाई है। यह फेलोशिप कार्यक्रम आपसी सहयोग और साझा जिम्मेदारी का एक ठोस उदाहरण है। गहरी जड़ें जमा चुकी रूढ़ियों को चुनौती देकर इन फेलो ने क्या संभव है इसकी नई परिभाषा लिखी है। उन्होंने आने वाली पीढ़ियों के लिए एक नया रास्ता बनाया है और उनका योगदान आने वाले वर्षों में प्रेरणा, आत्मविश्वास और मार्गदर्शन का आधार बनेगा
विज्ञापन
उपराज्यपाल ने रानी दिद्दा, कोटा रानी, लल डेड, हब्बा खातून और माता रूपा भवानी जैसी ऐतिहासिक हस्तियों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने जम्मू-कश्मीर की सोच को आकार दिया और इसके विकास में योगदान दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जम्मू-कश्मीर की महिलाओं ने हमेशा नारी शक्ति की नई ऊंचाइयां हासिल की हैं।
उन्होंने कहा, हमारे सामने ऐसी कई बेहतरीन मिसालें हैं और मैं चाहता हूं कि जम्मू-कश्मीर की महिलाएं इस क्षेत्र के विकास का नेतृत्व करें। महिला सशक्तीकरण एक विकसित जम्मू-कश्मीर की कुंजी है, उनकी प्रगति समाज की प्रगति सुनिश्चित करती है। मैं एक ऐसे जम्मू-कश्मीर की कल्पना करता हूं जहां महिलाएं शिक्षा, उद्योग, सामाजिक संगठनों और शासन में नेतृत्व करें, नीतियां बनाएं, उद्यमिता को आगे बढ़ाएं और कला व साहित्य के माध्यम से हमारी संस्कृति को समृद्ध करें।
मैं एक ऐसे जम्मू-कश्मीर की कल्पना करता हूं जहां हर युवा लड़की यह विश्वास करते हुए बड़ी हो कि उसके सपने मूल्यवान हैं, उसकी आवाज शक्तिशाली है और उसके भविष्य में असीमित संभावनाएं हैं। कश्मीर महिला संगठन का फेलोशिप कार्यक्रम इस मूल सिद्धांत का प्रसार करेगा कि महिलाएं सभी सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्रों में समान और सम्मानजनक भागीदारी की हकदार हैं।
हमें अपनी नारी शक्ति को उचित सम्मान देने के अपने संकल्प पर अडिग रहना चाहिए। साथ ही ऐसा माहौल बनाना चाहिए जो उनकी क्षमताओं और प्रगति को बढ़ावा दे। जब महिलाएं आगे बढ़ती हैं तो समाज आगे बढ़ता है। जब महिलाएं नेतृत्व करती हैं, तो देश नई ऊंचाइयां छूता है और जब महिलाएं अपने सपनों को साकार करती हैं, तो पूरी दुनिया अधिक न्यायपूर्ण, अधिक दयालु और अधिक समृद्ध बनती है।
उपराज्यपाल ने महिलाओं में नशीले पदार्थों के सेवन की बढ़ती चुनौती से निपटने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने फेलो को सलाह दी कि वे इसके मूल कारणों की पहचान करने के लिए एक व्यापक, क्षेत्र-विशिष्ट विश्लेषण करें। उन्होंने कहा कि यह अध्ययन पुनर्वास ढांचे को काफी मजबूत करेगा और नशीली दवाओं की लत की शिकार हमारी बेटियों और बहनों को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करेगा।
उपराज्यपाल ने उन गाइडों की भी सराहना की जिन्होंने पूरे कार्यक्रम के दौरान फेलो का मार्गदर्शन किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि कश्मीर महिला संगठन के सभी सदस्यों का समर्पण आने वाले वर्षों में अनगिनत महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए उत्प्रेरक का काम करेगा।
इस अवसर उपराज्यपाल ने डॉ. नजरुल इस्लाम की ओर से लिखित भारत में पंचायती राज संस्थान और नगर परिषद नामक पुस्तक का विमोचन किया। सम्मान समारोह में कश्मीर लेखक संघ की अध्यक्ष डॉ. फिदा फिरदौस, कश्मीर महिला संगठन की अध्यक्ष डॉ. दरख्शां हसन भट, कश्मीर लेखक संघ और कश्मीर महिला संगठन के सदस्य तथा वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को लोकभवन में आयोजित एक समारोह में कश्मीर महिला संगठन फेलोशिप पाने वाली 32 प्रतिभाशाली महिलाओं को सम्मानित किया। अपने संबोधन में उपराज्यपाल ने कहा, महिलाओं का सशक्तीकरण विकसित जम्मू-कश्मीर की कुंजी है।
उन्होंने इन फेलो को जम्मू-कश्मीर के उस बदलाव का प्रतीक बताया जो आत्मविश्वास, समान अवसरों और सभी के सम्मान पर आधारित भविष्य की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने डॉ. फिदा फिरदौस और कश्मीर महिला संगठन के सभी सदस्यों के प्रयासों की सराहना की। उपराज्यपाल ने कहा, उन्होंने एक ऐसा मजबूत मंच बनाया है जहां इस क्षेत्र की नारी शक्ति आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकती है। अपनी प्रतिभा, विचारों और पहचान को अपना सकती है और जम्मू-कश्मीर के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सार्थक भूमिका निभा सकती है।
विज्ञापन
बहुत कम समय में कश्मीर महिला संगठन ने उम्मीद, भरोसे और सकारात्मक बदलाव के एक शक्तिशाली केंद्र के रूप में पहचान बनाई है। यह फेलोशिप कार्यक्रम आपसी सहयोग और साझा जिम्मेदारी का एक ठोस उदाहरण है। गहरी जड़ें जमा चुकी रूढ़ियों को चुनौती देकर इन फेलो ने क्या संभव है इसकी नई परिभाषा लिखी है। उन्होंने आने वाली पीढ़ियों के लिए एक नया रास्ता बनाया है और उनका योगदान आने वाले वर्षों में प्रेरणा, आत्मविश्वास और मार्गदर्शन का आधार बनेगा
विज्ञापन
उपराज्यपाल ने रानी दिद्दा, कोटा रानी, लल डेड, हब्बा खातून और माता रूपा भवानी जैसी ऐतिहासिक हस्तियों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने जम्मू-कश्मीर की सोच को आकार दिया और इसके विकास में योगदान दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जम्मू-कश्मीर की महिलाओं ने हमेशा नारी शक्ति की नई ऊंचाइयां हासिल की हैं।
उन्होंने कहा, हमारे सामने ऐसी कई बेहतरीन मिसालें हैं और मैं चाहता हूं कि जम्मू-कश्मीर की महिलाएं इस क्षेत्र के विकास का नेतृत्व करें। महिला सशक्तीकरण एक विकसित जम्मू-कश्मीर की कुंजी है, उनकी प्रगति समाज की प्रगति सुनिश्चित करती है। मैं एक ऐसे जम्मू-कश्मीर की कल्पना करता हूं जहां महिलाएं शिक्षा, उद्योग, सामाजिक संगठनों और शासन में नेतृत्व करें, नीतियां बनाएं, उद्यमिता को आगे बढ़ाएं और कला व साहित्य के माध्यम से हमारी संस्कृति को समृद्ध करें।
मैं एक ऐसे जम्मू-कश्मीर की कल्पना करता हूं जहां हर युवा लड़की यह विश्वास करते हुए बड़ी हो कि उसके सपने मूल्यवान हैं, उसकी आवाज शक्तिशाली है और उसके भविष्य में असीमित संभावनाएं हैं। कश्मीर महिला संगठन का फेलोशिप कार्यक्रम इस मूल सिद्धांत का प्रसार करेगा कि महिलाएं सभी सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्रों में समान और सम्मानजनक भागीदारी की हकदार हैं।
हमें अपनी नारी शक्ति को उचित सम्मान देने के अपने संकल्प पर अडिग रहना चाहिए। साथ ही ऐसा माहौल बनाना चाहिए जो उनकी क्षमताओं और प्रगति को बढ़ावा दे। जब महिलाएं आगे बढ़ती हैं तो समाज आगे बढ़ता है। जब महिलाएं नेतृत्व करती हैं, तो देश नई ऊंचाइयां छूता है और जब महिलाएं अपने सपनों को साकार करती हैं, तो पूरी दुनिया अधिक न्यायपूर्ण, अधिक दयालु और अधिक समृद्ध बनती है।
उपराज्यपाल ने महिलाओं में नशीले पदार्थों के सेवन की बढ़ती चुनौती से निपटने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने फेलो को सलाह दी कि वे इसके मूल कारणों की पहचान करने के लिए एक व्यापक, क्षेत्र-विशिष्ट विश्लेषण करें। उन्होंने कहा कि यह अध्ययन पुनर्वास ढांचे को काफी मजबूत करेगा और नशीली दवाओं की लत की शिकार हमारी बेटियों और बहनों को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करेगा।
उपराज्यपाल ने उन गाइडों की भी सराहना की जिन्होंने पूरे कार्यक्रम के दौरान फेलो का मार्गदर्शन किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि कश्मीर महिला संगठन के सभी सदस्यों का समर्पण आने वाले वर्षों में अनगिनत महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए उत्प्रेरक का काम करेगा।
इस अवसर उपराज्यपाल ने डॉ. नजरुल इस्लाम की ओर से लिखित भारत में पंचायती राज संस्थान और नगर परिषद नामक पुस्तक का विमोचन किया। सम्मान समारोह में कश्मीर लेखक संघ की अध्यक्ष डॉ. फिदा फिरदौस, कश्मीर महिला संगठन की अध्यक्ष डॉ. दरख्शां हसन भट, कश्मीर लेखक संघ और कश्मीर महिला संगठन के सदस्य तथा वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।