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Srinagar: जासूसी नेटवर्क तैयार कर रहे थे 12-12 लाख के इनामी आतंकी हुरैरा और खुबैब, फंडिंग पैटर्न का भी खुलासा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 08 Apr 2026 06:20 AM IST
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सार

सूत्रों के अनुसार हुरैरा और खुबैब दोनों कश्मीर समेत देश के विभिन्न भागों में आतंकी हमलों को अंजाम देने का षड्यंत्र रचने के अलावा पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए देश के कुछ खास हिस्सों में जासूसी का नेटवर्क तैयार कर रहे थे।

Srinagar: Terrorists Huraira and Khubaib were setting up a spy network.
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : AI
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विस्तार

अबू हुरैरा और खुबैब दोनों ही 12-12 लाख के इनामी आतंकी हैं। सूत्रों के अनुसार हुरैरा और खुबैब दोनों कश्मीर समेत देश के विभिन्न भागों में आतंकी हमलों को अंजाम देने का षड्यंत्र रचने के अलावा पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए देश के कुछ खास हिस्सों में जासूसी का नेटवर्क तैयार कर रहे थे।

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हुरैरा को सुरक्षा एजेंसियों ने पहले मरा हुआ मान लिया था क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में उसकी कोई भी गतिविधि दर्ज नहीं हो रही थी। लेकिन उसका करीबी उस्मान उर्फ खुबैब घाटी में अपनी गतिविधियां लगातार बढ़ा रहा था। उसके ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही थी लेकिन नहीं मिल रहा था। पुलिस ने सोशल मीडिया और विभिन्न संदिग्ध तत्वों की गतिविधियों की निगरानी शुरु की। खुफिया एजेंसियों से भी मदद ली पता चला कि जिस हुरैरा के बारे में यह सोचा जा रहा है कि वह मारा गया है या फिर पाकिस्तान लौट गया है वह पंजाब में कहीं है। उस्मान उर्फ खुबैब भी उसके साथ ही है।
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इसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने पंजाब, हरियाणा और राजस्थान व दिल्ली में कुछ खास जगहों पर छापेमारी शुरु की और एक दर्जन से ज्यादा संदिग्ध तत्वों को पकड़ा। मलेरकोटला पंजाब में दबिश दी गई और उसके बाद नूंह हरियाणा,राजस्थान और दिल्ली में चिह्नित स्थानों पर तलाशी ली गई। इस बीच सूत्रों के अनुसार मलेरकोटला से ही अबु हुरैरा और उस्मान को पकड़ा गया है। दोनों ने पूछताछ के दौरान अपने नेटवर्क में शामिल विभिन्न लोगों के बारे में सूचित किया। इसके साथ ही उन्होंने श्रीनगर में लश्कर के तीन स्थानीय आतंकियों के छिपे होने की पुष्टि की। इन तीनों आतंकियों को भी पकड़ लिया गया।

इनसे मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र हारवन के पास दाछिगाम वन क्षेत्र में एक आतंकी ठिकाने से हथियारों का जखीरा भी बरामद किया है।बताया जा रहा है कि हुरैरा और उस्मान से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने पहले श्रीनगर बटपोरा इलाके से एक इलेक्ट्रिशियन नकीब अहमद भट को पकड़ा। उसके पास से एसॉल्ट राइफल के 15 कारतूस,एक ग्रेनेड और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। उसके बाद उसकी निशानदेही पर फजलुल हक कॉलोनी, बटपोरा, हजरतबल स्थित उसके घर से एक एसॉल्ट राइफल, दो एके मैगजीन और 46 कारतूस बरामद किए गए।

इसके बाद पुलिस आदिल राशिद बट तक पहुंची जिसके पास से तीन एसॉल्ट राइफलें, एक क्राकोव राइफल, तीन एके मैगजीन, तीन पिस्तौल और पांच ग्रेनेड मिले। इसके बाद पुलिस ने गुलाम मोहम्मद मीर उर्फ मामा को पकड़ा जो आतंकियों के लिए आंख नाक कान बना हुआ था और उनकी आतंकी गतिविधियों में मदद करने के अलावा उन्हें सुरक्षित ठिकाने के साथ जन सहित अन्य साजो-सामान उपलब्ध करा रहा था। इसके अलावा श्रीनगर के बटवारा इलाके की रहने वाली एक युवती शाजिया और एक अन्य व्यक्ति अब्दुल खालिक के पाकिस्तानी आतंकियों के साथ संबंधों की गहन जांच की जा रही है।

बताया जा रहा है कि शाजिया ने हुरैरा से शादी की है। हालांकि पुलिस ने कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया लेकिन एक अधिकारी ने बताया कि इस ऑपरेशन के तहत लश्कर-ए-तैयबा के एक गहरे तौर पर जमे अंतर-राज्यीय मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया। यह ऑपरेशन फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी में चल रहे एक सफेदपोश आतंकी आतंकी मॉड्यूल के भंडाफोड़ के छह महीने बाद किया गया।

अधिकारी ने बताया कि यह ऑपरेशन 31 मार्च को शुरू हुआ था और इसकी निगरानी पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात ने की थी जो इसके लिए श्रीनगर में ही डेरा जमाए हुए थे। इस ऑपरेशन से एलईटी की फंडिंग और वित्तीय पैटर्न का भी खुलासा हुआ है।

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